- Hindi News
- National
- Ujjain News Mp News 10000 People Drinking Water Of More Than 1500 Tds In Six Colonies Result Baldness Stones And Dermatitis
छह कॉलोनियों में 1500 से ज्यादा टीडीएस का पानी पी रहे 10 हजार लोग, नतीजा- गंजापन, पथरी और चर्मरोग
बड़ा सवाल- क्या चुनावी मुद्दा बनाए रखने के लिए जनप्रतिनिधि काम को लंबा खींच रहे हैं?
नानाखेड़ा की 6 कॉलोनियों के लोग चर्मरोग से ग्रस्त हैं। उनके घरों में पीएचई की पाइप लाइन से पानी नहीं पहुंच रहा है। रहवासियों का कहना है 23 साल हो गए, आखिर हमें पीएचई का पानी कब मिलेगा। लाइन तो डाली लेकिन न टेस्टिंग की और न ही पानी सप्लाई शुरू किया। बोरिंग-हैंडपंप का पानी घरेलू उपयोग में लाने लायक नहीं है। पानी में टीडीएस यानी टोटल डिजाल्व सॉलिड की मात्रा 1500 से 2500 तक है। इस पानी को पीने, नहाने में उपयोग लाने से लोग पथरी, गंजेपन, त्वचा रोग से ग्रसित हो गए हैं।
रहवासियों ने संघर्ष समिति भी बनाई। रवि भूषण श्रीवास्तव कहते है कि समस्या हल होने की जगह स्थाई हो गई है। पीएचई ने कई काॅलोनियों में अब तक पाइप लाइन डालने का काम भी शुरू नहीं किया है। महापौर मीना जोनवाल का कहना है कि काॅलोनियों में पीएचई की पाइप लाइन से पानी पहंुचाने के लिए जल्द शििवर लगाएंगे।
पीएचई का पानी नहीं
कॉलोनी घर कनेक्शन
आराधना 40 0
तृप्ति 70 0
आकांक्षा 56 0
स्वास्तिक 100 10
अर्पिता 150 0
विद्यापति 250 60
(रहवासियों के अनुसार)
शिविर लगाकर जल्द कनेक्शन देंगे
तीन उदाहरण, जिसमें ज्यादा टीडीएस का पानी पीकर बीमार हो गए लोग
पैरों की त्वचा का रंग ही बदल गया, दिन-रात हो रही खुजली
यह हैं खुशी श्रीवास्तव। आराधना परिसर में रहती हैं। पैरों की त्वचा बदरंग हो गई है। दिन-रात खुजली चलती है। पिता रविभूषण ने सभी प्रकार का इलाज करवाया लेकिन लाभ नहीं हुआ। उन्हें चलने-फिरने, उठने-बैठने, यहां तक कि सोने में भी परेशानी हो रही है। वजह बस एक है- इनके यहां आ रहा बोरिंग का पानी। खुशी की बीमारी स्थायी हो गई है। कहती हैं पानी तो पीना ही पड़ेगा और पीएंगे तो उसका असर भी दिखाई देगा।
हाथ-पैर, गर्दन सभी जगह लाल-कत्थई निशान हो गए
अर्चना परिसर के निवासी सत्यनारायण पंवार के शरीर में जगह-जगह चकते पड़ गए हैं। वे कहते हैं 1997 में यहां आए थे। तब शरीर में एक भी निशान नहीं था। अब हाथ-पैर, पीठ, गर्दन सभी जगह खुजली और लाल, कत्थई रंग के निशान हो गए हैं। इन्हें हाथ लगाओ तो खून निकलने लगता है। डॉक्टर ने पानी बदलने के लिए कहा लेकिन पानी कहां से लाएं? हमारे यहां बोरिंग के अलावा कोई स्राेत नहीं है। पाइप लाइन तक नहीं डाली।
बोरिंग के पानी से पथरी हुई, सिर के बाल भी झड़ रहे
गिरीश भटनागर तृप्ति परिसर में रहते हैं। पीएचई ने पाइप लाइन तो डाली लेकिन उसकी टेस्टिंग तक नहीं की। न ही कनेक्शन किए। ऐसे में बोरिंग का पानी पीना पड़ रहा है। इस पानी से तीन साल पहले उन्हें पथरी हो गई। डॉक्टर ने कहा- जब तक पानी नहीं बदला जाएगा पथरी को स्थाई रूप से ठीक नहीं किया जा सकेगा। बेहतर है नदी का पानी पीएं। वे कहते हैं पानी का टीडीएस इतना ज्यादा है कि उनके सिर के बाल भी झड़ रहे हैं।
यह भी जानें
6 कॉलोनियों में 10 हजार रहवासी
5 कॉलोनियों में हैं संपवेल, पीएचई यहां पानी सप्लाई कर सकता है
5 सौ करोड़ के नर्मदा पाइप लाइन से जल सप्लाई की योजना
ऐसे समझें...टीडीएस से सेहर पर असर
टीडीएस की मात्रा स्वास्थ्य पर असर
300 से कम सेहत के लिए लाभदायक
300 से 600 सेहत के लिए अच्छा
600 से 900 सेहत के लिए सामान्य
900 से 1200 सेहत के लिए नुकसानदायक
1200 से ज्यादा सेहत के अत्यधिक हानिकारक
(नोट - टीडीएस की मात्रा मिलीग्राम प्रति लीटर में)