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Ujjain News - 47 साल की प|ी कोर्ट में बोली- बच्चे बड़े हो गए हैं, पति के अपशब्द बर्दाश्त नहीं होते, 50 साल के पति ने कहा- गलती हो गई, घर...

Bhaskar News Network

Jul 14, 2019, 09:40 AM IST
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47 साल की प|ी कोर्ट में बोली- बच्चे बड़े हो गए हैं, पति के अपशब्द बर्दाश्त नहीं होते, 50 साल के पति ने कहा- गलती हो गई, घर चलो, अब बच्चों का घर बसाना है


23 साल साथ रहने के बाद 47 साल की प|ी प्रेमबाई और 50 साल के पति कैलाश के बीच हुई नोंक-झोंक कोर्ट तक पहुंच गई। पति के अपशब्दों से व्यथित प|ी ने 1 साल पहले तलाक के लिए कोर्ट में आवेदन कर दिया। नेशनल लोक अदालत के दौरान भी जज के सामने बोलीं- पहले सब चलता था लेकिन बच्चे बड़े हो गए हैं, उनके सामने अपशब्द बर्दाश्त नहीं कर सकती। पति ने कहा- गलती हो गई अब ऐसा नहीं होगा, वापस घर चलो, बच्चों की शादी करके उनका घर बसाना है।

राजस्थान के रहने वाले कैलाश ने बताया उज्जैन की प्रेमबाई से 23 साल पहले 20 अप्रैल 1996 में उनका विवाह हुआ था। दोनों के चार बच्चे हैं, इनमें बेटी का विवाह भी हो चुका है। करीब 1 साल पहले दोनों पति-प|ी के बीच मामूली बात को लेकर विवाद हुआ था। मामला कुटुंब न्यायालय में जज अंजनी नंदन जोशी के सामने विचाराधीन था। शनिवार को मीडिएटर हरदयाल सिंह ठाकुर और राजेश जोशी ने मध्यस्थ की भूमिका निभाते हुए दोनों में समझौता करवाया। इस दौरान जिला जज एसएस कुलकर्णी, एडीजे पद््मेश शाह भी मौजूद रहे।

सुलह होने के बाद दोनों पति-प|ी का सम्मान किया गया।

पारिवारिक विवाद बढ़े, इसलिए दो कुटुंब न्यायालय

600 मामलों तक जिले में एक कोर्ट में सुनवाई होती है। जिला कोर्ट में पारिवारिक विवाद के मामले बढ़ने पर दो कुटुंब न्यायालय की स्थापना कर दी गई है। शनिवार को आयोजित नेशनल लोक अदालत में दोनों कुटुंब न्यायालय में विचाराधीन करीब 1200 प्रकरणों में से 19 में समझौता हुआ है।

928 प्रकरण निराकरण, 24 लाख रुपए प्रतिकर प्रदाय

शनिवार को नेशनल लोक अदालत के अंतर्गत जिला एवं तहसील स्तर पर कुल 42 खंडपीठ में 928 प्रकरणों का निराकरण किया गया। इसमें 5 करोड 86 लाख रुपए अवार्ड पारित हुआ। सुबह 10.30 बजे विधिवत नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ किया गया। 11 बजे जिला जज एसएस कुलकर्णी ने पत्रकारों से चर्चा की। उन्होंने बताया जिले में पीड़ित प्रतिकर के रूप में लोगों को जो आर्थिक मदद मिल रही है वो प्रदेश में बेहतर है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर देश में पीड़ित प्रतिकर योजना शुरू की गई है। इसके अंतर्गत राज्य शासन द्वारा प्रदेश की जनता को अपराध का शिकार होने पर आर्थिक मदद दी जाती है। जिला जज ने कहा आरोपी को दंड देने मात्र से न्याय का सिद्धांत पूरा नहीं होता। इसीलिए पीड़ित को शासन द्वारा आर्थिक मदद की जाती है।

महत्वपूर्ण विभागों में निराकरण

बिजली कंपनी- 244 प्रकरण, 35 लाख 71 हजार की रिकवरी।

मोटर वाहन दुर्घटना बीमा- 93 प्रकरण, 1 करोड़ 23 लाख 56 हजार का अवार्ड पारित

बैंक रिकवरी- 23 लाख 41 हजार 857 रुपए अवार्ड पारित।

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