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पुरातन शैली के लाल पत्थर वाले गजीबों, रंग-बिरंगे फव्वारे लगाएंगे

2 वर्ष पहले
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पुरातन शैली के लाल पत्थर वाले गजीबों (छतरियां), आधुनिक रंग-बिरंगे फव्वारे, चारों और पाथ वे के साथ पीचिंग काम। यह सब जल्द ही प्राचीन नीलगंगा सरोवर में दिखाई देंगे। तीर्थ सरोवर का जल्द ही कायाकल्प होने वाला है। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री जयवर्द्धनसिंह ने एक महीने पहले सरोवर का जायजा लेने के बाद इसके जीर्णोद्धार व सौंदर्यीकरण में रुचि दिखाई थी। उन्हीं के निर्देश पर नगर निगम नेे तालाब विकास की डीपीआर तैयार की है। नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र वशिष्ठ ने तालाब को लेकर बनी विकास की प्लानिंग कंसल्टेंट के साथ अखाड़ा परिषद के महामंत्री श्रीमहंत हरिगिरि महाराज को बताई। अल्प प्रवास पर आए महाराज को दत्त अखाड़ा भवन में प्लानिंग से अवगत कराया, जिसमें उन्होंने कुछ बदलाव के सुझाव दिए। अब संशोधन कर फाइल मंत्रालय भेजी जाएगी।

निगम नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र वशिष्ठ के अनुसार पिछले दिनों नगरीय विकास एवं आवास मंत्री नीलगंगा सरोवर पर बने जूना अखाड़ा भवन में आए थे। यहां श्रीमहंत हरिगिरि व उनके बीच नीलगंगा तलाब विकास को लेकर बातचीत हुई थी। मंत्री के निर्देश पर निगम ने नीलगंगा तीर्थ विकास की प्लानिंग बनवाई है। जिसके लिए 3.92 करोड़ रुपए की डीपीआर तैयार की है। अब यह फाइल मंजूरी के लिए भोपाल भेजी जाएगी। इसके बाद टेंडर प्रक्रिया पूरी कर तालाब विकास कार्य शुरू कराया जाएगा। वशिष्ठ ने बताया यहां पुरातन शैली के लाल पत्थर वाले गजीबों, फव्वारे, चारों और पाथ वे व पीचिंग कार्य सहित सौंदर्यीकरण के अन्य काम किए जाएंगे। सरोवर में जूना अखाड़ा भवन से बने पैदल पुल को बढ़ाकर हनुमान मंदिर तक निर्मित किया जाएगा। एक लाख वर्ग फीट में फैले सरोवर को आकर्षक बनाने के लिए यह प्लानिंग की है ताकि यहां स्वच्छ पानी हो और लोग अपने परिवार के साथ यहां सैर पर आ सकें।

ड्रेनेज वाॅटर को नीलगंगा में मिलने से रोकने की व्यापक प्लानिंग

ड्रेनेज वाॅटर को नीलगंगा सरोवर में मिलने से रोकने के लिए व्यापक प्लानिंग बनाई है। चारों तरफ 4 मीटर चौड़ा पाथ वे बनाएंगे। चारों ओर स्टोन पीचिंग की जाएगी, जिससे जल संरचना मजबूत बनें। चारों ओर डेकोरेटिव बिजली पोल व हरियाली के लिए काम किए जाएंगे। हनुमान मंदिर व नीलगंगा मुख्य घाट पर दो सुविधाजनक नए घाट बनाए जाएंगे ताकि लोग आचमन कर सकें। विवेकानंद कॉलोनी व आसपास बस्तियों को ड्रेनेज मिलने से रोकने के लिए पाइप डालकर नाला निर्माण किया जाएगा। पुरातन शैली की आरामदायक कुर्सियां लगाई जाएंगी। सरोवर के बीच में बावड़ी की सफाई कर इसे उपयोगी बनाया जाएगा।

अखाड़ा परिषद महामंत्री हरिगिरि को नीलगंगा सरोवर की प्लानिंग बताते नेता प्रतिपक्ष वशिष्ठ।

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