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दिव्यांग विवाह समारोह आज...121 जोड़े, 82 ऐसे जिनमें वर-वधू में से एक सामान्य, विश्व रिकॉर्ड बनाने की तैयारी
खुद पीएससी की तैयारी कर रहे, प|ी काे पढ़ाकर करना चाहते हैं उसका सपना पूरा
काेट-पेंट पहने हाथाें में माेबाइल लिए ये हैं देपालपुर के चिकलाेंद निवासी जीवन चाैहान। बीएससी फाइनल कर पीएससी की तैयारी कर रहे जीवन सामान्य व पूरी तरह से स्वस्थ है लेकिन उल्टे हाथ में थाेड़ी परेशानी-कमजाेरी है। वे बड़नगर के ग्राम लिखाेदा की पदमा से विवाह करने जा रहे हैं। पदमा बीए प्रथम वर्ष की छात्रा है। वह पढ़-लिखकर कुछ बनना चाहती हैं। जीवन उससे दाे वर्ष से परिचित हैं अाैर पढ़ाई में मदद करते अा रहे हैं। पदमा का कुछ बनने का सपना पूरा करवाने की जिम्मेदारी जीवन ने ली हैं।
चालक राकेश ने दुर्घटना में घायलाें का दर्द जाना, प|ी के रूप में अारती काे चुना
हाथ-पैराें में मेहंदी लगवा रहे ये हैं बांदका निवासी राकेश चाैहान। पांचवीं तक पढ़े राकेश मैजिक चलाते हैं। कोई बीमारी व परेशानी नहीं, सामान्य हैं लेकिन दुल्हन के रूप में उन्हाेंने दिव्यांग अारती मालवीय काे पंसद किया। बाेले कि मैं चालक हूं, कई बार देखता हूं कि दुर्घटनाअाें में लाेग घायल व अपाहिज हाे जाते हैं। उनके लिए जीवन मुश्किल हाे जाता है। मन में एक ख्वाइश थी कि किसी के लिए कुछ कर सकू, ज्यादा पढ़ा लिखा ताे नहीं। अारती काे देखा वह मुझे पहली ही बार में पंसद अा गई थी। मैं उसे हमेशा खुश रखूंगा।
भास्कर संवाददाता | उज्जैन
शहर में प्रशासन की मेजबानी में बुधवार काे दिव्यांगाें का सामूहिक विवाह समाराेह शुरू हुअा। इंदाैर राेड स्थित मेघदूत परिसर में तैयारियाें के बीच हाे रहा ये समाराेह दाे मायनाें में खास है। पहला ये कि यहां 121 जाेड़े परिणय सूत्र में बंधने जा रहे हैं। दूसरा ये कि इनमे से भी 82 एेसे जाेड़े हैं जिनमें वर-वधू में से केवल एक सामान्य अाैर दूसरा साथी दिव्यांग हैं। दिव्यांग जाेड़ाें के इन अांकड़ाें की बदाेलत गुरुवार काे शहर के नाम विश्व रिकार्ड हाेने जा रहा है। अभी तक 114 दिव्यांग जाेड़ाें का विवाह करवाने पर ये विश्व रिकार्ड बैतूल प्रशासन के नाम दर्ज हैं।
दिव्यांग विवाह समारोह निर्विघ्न करवाने के लिए सुबह अपर कलेक्टर विदिशा मुखर्जी व अानंदकाें ने मंत्राें उच्चार के साथ भगवान गणेश का पूजन अर्चन आचार्य निर्मल गुरु ने पूरा करवाया। इसके बाद विवाह व निकाह की रस्मे पूरी करवाई जाने लगी। दूल्हे व दुल्हनों काे हल्दी-मेहंदी लगाई। कलेक्टर शशांक मिश्र ने समाराेह में पहुंचकर सभी से चर्चा की। जिला पंचायत अध्यक्ष करण कुमारिया, सामाजिक न्याय विभाग के जेडी सीएल पंथारी, कीर्ति मिश्रा पूरी व्यवस्था पर नजर रखे हुए थे। जय गुरुदेव की टीम ने भाेजन की व्यवस्था की थी। समाराेह के
तहत गुरुवार सुबह 9 बजे दूल्हों की बरात तपोभूमि चौराहे से निकाली जाएगी, जाे कि 10 बजे तक कार्यक्रम स्थल पहुंचेगी। इसके बाद सुबह 11 बजे से विवाह और निकाह की रस्में पूरी करवाई जाएंगी।
समारोह स्थल पर यह व्यवस्थाएं की जा रही
भाेजन : सब्जी, पूरी, रोटी, सलाद, पापड, दाल, चावल और मिठाई में मूंग का हलवा। तीन काउंटराें से जयगुरु देव की टीम पराेसदारी कर रही थी।
स्वास्थ्य : मुख्य प्रवेश द्वार पर कोरोना वायरस से बचाव के लिए हाथ अल्कोहल लिक्विड से सैनिटाइज करवाने के बाद प्रवेश कराया जा रहा था।
काउंटर : पंजीयन, प्राथमिक उपचार, आधार कार्ड, जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र द्वारा बेरोजगार दिव्यांग युवक-युवतियों को विवाह के उपरांत रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए काउंटर लगाए थे।