सोने की झाड़ू से मार्ग बुहारेंगे, फिर खीचेंगे भगवान का रथ

2 वर्ष पहले
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इस्कॉन मंदिर द्वारा आयोजित भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा 4 जुलाई को दोपहर 2 बजे बुधवारिया से शुरू होगी। पूजा अर्चना के बाद श्रद्धालु भगवान के रथ को खींचेंगे। रथयात्रा विभिन्न मार्गों से होकर भरतपुरी क्षेत्र स्थित इस्कॉन मंदिर पहुंचेगी। जहां गुंदेचा पंडाल में भगवान सात दिन रुकेंगे।

इस्कॉन मंदिर द्वारा निकाली जाने वाली रथयात्रा का यह 13 वां साल है। 2007 में इस्कॉन ने शहर में पहली रथयात्रा निकाली थी, जिसमे राज्यपाल बलराम जाखड़ ने भगवान जगन्नाथ के रथ की अगवानी की थी|पीआरओ पं. राघवदास के अनुसार 4 जुलाई को दोपहर 1 बजे से अनुष्ठान होंगे व 1.30 बजे रथ की पूजा नारियल आरती एवं अतिथियों द्वारा स्वर्णिम झाड़ू से रथ का मार्ग बुहारा जाएगा। वे रथ की रस्सियों को खींचकर भगवान की रथयात्रा शुरू करेंगे। कंठाल, नयी सड़क, फव्वारा चोक, दौलत गंज, मालीपुरा, देवास गेट, चामुंडा माता मंदिर से ओवर ब्रिज होते हुए टावर, तीन बत्ती चौराहा, देवास रोड होते हुए इस्कॉन मंदिर गुंडिचा पहुंचेगी। यहां भगवान सात दिन तक रहेंगे। 12 जुलाई की दोपहर 3 बजे रथ की वापसी ट्रेजर बाजार, काला पत्थर से बसंत विहार कालोनी, सर्किट हाउस, देवास रोड होते हुए इस्कॉन मंदिर आएगी।

रथयात्रा के साथ प्रसाद वितरण होगा

रथयात्रा में हाथी, तुरही वादन, बैलगाडिय़ों में झांकी, कीर्तन मंडली, प्रसाद वितरण वाहन, एंबुलेंस और सड़क पर फैले कचरे को समेटते हुए भक्तों का समूह होगा रहेगा। यात्रा मार्ग में संगठनों द्वारा स्वागत किया जाएगा। मुख्यमंत्री कमलनाथ, प्रभारी मंत्री सज्जनसिंह, उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी तथा जयवर्धनसिंह के साथ विधायक पारस जैन, लोकसभा सांसद अनिल फिरोजिया राज्यसभा सांसद सत्यनारायण जटिया, विधायक डॉ मोहन यादव व अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ साधू संतो को भी आमंत्रित किया है। इस्कॉन के भक्ति चारू महाराज भी रहेंगे।

गुंदिचा में यह आयोजन

भगवान् जगन्नाथ की कथा- रोज सुबह 11 से दोपहर 1 बजे तथा शाम 4.३० से 6.३० बजे तक। इसके बाद आरती एवं तुला दान, शाम 7.30 से रात 10 बजे तक सांस्कृतिक कार्यक्रम।

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