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बोर्ड परीक्षा की कॉपियां जांचने की राशि कम और कार्रवाई का डर इसलिए मूल्यांकन कार्य में घटी शिक्षकों की रुचि
माध्यमिक शिक्षा मंडल की बोर्ड परीक्षाओं के मूल्यांकन का कार्य शुरू होने से पहले ही मूल्यांकनकर्ता शिक्षकों की कमी सामने आ गई है। कॉपियां जांचने की राशि कम होने आैर कार्रवाई के डर से मूल्यांकन में शिक्षकों की रुचि घट गई है। जिसका सीधा असर अब मूल्यांकन पर पड़ सकता है। बोर्ड परीक्षा के दौरान ही मूल्यांकन का कार्य शुरू किया जाना है। दोनों परीक्षाओं में 2 से 17 मार्च तक हुए प्रश्नपत्रों की कॉपियां जांचने का काम 21 मार्च से शुरू होगा। इसके बाद 4 अप्रैल से मूल्यांकन का दूसरा चरण शुरू होगा। दिव्यांग आैर मूकबधिर विद्यार्थियों की परीक्षाओं की कॉपियों का मूल्यांकन 17 अप्रैल से शुरू होगा। प्रत्येक चरण में 20 दिन में कॉपियां जांचने का काम पूरा किया जाना है लेकिन जिले में मूल्यांकनकर्ता शिक्षकों के आंकड़ों पर गौर किया जाए तो समय पर मूल्यांकन का काम पूरा होना मुश्किल लग रहा है।
जरूरत पड़ी तो आपात पंजीयन किए जाएंगे
कक्षा 10वीं में तीन विषयों में पंजीयन दहाई से भी कम
विषय पंजीकृत शिक्षक
हिंदी (विशिष्ट) 85
मराठी (विशिष्ट) 01
अंग्रेजी (विशिष्ट) 01
गणित 81
विज्ञान 107
सामाजिक विज्ञान 83
हिंदी (सामान्य) 02
अंग्रेजी (विशिष्ट) 61
संस्कृत (सामान्य) 61
12वीं में ज्यादा दिक्कतें: 22 में से 17 विषयों में 108 शिक्षकों ने कराया रजिस्ट्रेशन
कक्षा 12वीं के मूल्यांकन में सबसे ज्यादा दिक्कतें आने की आशंका है क्योंकि 12वीं के कुल 22 विषयों में 279 शिक्षकों का ही पंजीयन हुआ है। इसमें से भी 17 विषयों में केवल 108 शिक्षक ही पंजीकृत हुए हैं। संस्कृत (सामान्य) में 4, उर्दू (विशिष्ट) में 1, संस्कृत (सामान्य) 1, इतिहास में 18, भूगोल में 16, राजनीति विज्ञान में 13, अर्थशास्त्र में 15, इंफॉर्मेशन प्रेक्टिसेस में 3, इंडियन म्यूजिक में 1, कृषि में 1, सोश्योलॉजी में 3, फिजिक्स में 12, बिजनेस स्टडीज में 6, बुक कीपिंग एंड अकाउंटेंसी में 10, बिजनेस इकॉनॉमिक्स में 2, होम मैनेजमेंट-न्यूट्रीशियन
एंड टेक्सटाइल में 1 आैर एलिमेंट्स ऑफ साइंस में 1 शिक्षक ने ही पंजीयन कराया है। वहीं हिंदी (विशिष्ट) में 43, अंग्रेजी (सामान्य) में 42, गणित में 22, केमेस्ट्री में 29 आैर बायोलॉजी विषय में 35 शिक्षकों ने पंजीयन कराया है। हालांकि यह संख्या भी प्राप्त
होने वाली कॉपियों की तुलना में कम है।
बोर्ड परीक्षा के मूल्यांकन में शिक्षकों की कमी व रुचि घटने के कारण आैर असर
} एक मूल्यांकनकर्ता शिक्षक एक दिन में न्यूनतम 30 आैर अधिकतम 45 कॉपी जांच सकते हैं। जिले में कक्षा 10वीं में आैसत 1.40 लाख कॉपियां आैर कक्षा 12वीं में आैसत 75 हजार कॉपियां मूल्यांकन के लिए आती हैं।
} कक्षा 10वीं में एक कॉपी जांचने के लिए संबंधित शिक्षक को 12 रुपए आैर कक्षा 12वीं में 13 रुपए की राशि का भुगतान किया जाता है।
} अधिकतम 39 दिन में मूल्यांकन पूरा करना है। ऐसे में एक शिक्षक प्रतिदिन 45 कॉपियां भी जांचते हैं तो उन्हें कक्षा 10वीं में अधिकतम 21060 रुपए आैर कक्षा 12वीं में अधिकतम 22815 रुपए का भुगतान ही हो सकेगा।
} मूल्यांकन का कार्य सतत जारी रहता है। मूल्यांकन के दौरान अवकाश मिलना कठिन होता है। अनुपस्थित रहने पर विभागीय स्तर पर नोटिस आैर कार्रवाई झेलना पड़ती है। इसलिए शिक्षक मूल्यांकन में नहीं आना चाहते।
} देरी से मूल्यांकन हुआ तो इसका सीधा असर रिजल्ट पर पड़ेगा आैर रिजल्ट भी देरी से जारी हो सकेंगे।