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माधव कॉलेज प्रबंधन का बहाना- फर्नीचर नहीं, कैसे कराएं परीक्षा, विवि का जवाब- इतने फॉर्म क्यों फारवर्ड किए?

एक वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता | उज्जैन

देवासगेट स्थित शासकीय माधव कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय में परीक्षा से पहले एक बार फिर कॉलेज प्रबंधन आैर विश्वविद्यालय प्रशासन आमने-सामने है। प्राइवेट परीक्षार्थियों की संख्या अधिक होने से कॉलेज प्रबंधन ने कक्ष आैर फर्नीचर की कमी का हवाला देते हुए अधिक विद्यार्थियों की परीक्षा कराने से इनकार कर दिया है। इधर विश्वविद्यालय प्रशासन का जवाब है कि उपलब्ध संसाधनों के आधार पर कॉलेज से परीक्षा फॉर्म फॉरवर्ड किए जाना चाहिए थे। ताबड़तोड़ अब प्राइवेट फॉर्म जमा करने वाले बीए प्रथम आैर द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों को दो कॉलेजों में शिफ्ट किया है। इनमें लोकमान्य तिलक साइंस एंड कॉमर्स कॉलेज और शासकीय कालिदास कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय शामिल है। 19 मार्च से परीक्षाएं शुरू होना है। इसके पहले भी विधि पाठ्यक्रम की परीक्षाओं को लेकर माधव कॉलेज आैर विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच विवाद खुलकर सामने आया था। कॉलेज के एक भी शिक्षकों ने विधि पाठ्यक्रम की परीक्षा में ड्यूटी नहीं की। जिसके कारण विश्वविद्यालय को निजी कॉलेजों के शिक्षकों की ड्यूटी परीक्षा में लगाना पड़ी थी।

हमारे पास 1400 विद्यार्थियों की परीक्षा के लिए ही कक्ष आैर फर्नीचर उपलब्ध है

-डॉ. जेएल बरमैया, प्रभारी प्राचार्य, शासकीय माधव कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय

बीए प्रथम और द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों के लिए अलग-अलग केंद्र

- डॉ. शैलेंद्र कुमार शर्मा, कुलानुशासक, विक्रम विवि

माधव कॉलेज से प्राइवेट विद्यार्थी सबसे ज्यादा

पाठ्यक्रम नियमित प्राइवेट

बीए प्रथम वर्ष 933 1138

बीए द्वितीय वर्ष 739 908

बीए तृतीय वर्ष 555 557

बीकॉम प्रथम वर्ष 550 209

बीकॉम द्वितीय वर्ष 485 142

बीकॉम तृतीय वर्ष 417 94

पदाधिकारी बोले- कक्ष, फर्नीचर नहीं हैं तो 6 हजार विद्यार्थी कैसे पढ़ते हैं

कॉलेज प्रबंधन के पत्र के बाद छात्र संगठनों का विरोध भी शुरू हो गया है। छात्र नेता बबलू खिंची ने कहाकि कॉलेज में 5 हजार नियमित विद्यार्थी हैं। इसके अलावा विधि महाविद्यालय भी कॉलेज में ही संचालित होता है। कॉलेज में कुल विद्यार्थियों की संख्या इस आधार पर लगभग 6 हजार है। अगर कॉलेज प्रबंधन यह बात कह रहा है कि 1400 से अधिक विद्यार्थियों की परीक्षा नहीं ली जा सकती है, तो सबसे पहले कॉलेज प्रबंधन यह जवाब दे कि 6 हजार विद्यार्थियों की कक्षाएं लेकर कैसे पढ़ाते हैं? खिंची ने आरोप लगाया कि जानबूझकर कॉलेज प्रबंधन परीक्षा संचालन से दूर भागने की कोशिश कर रहा है। जिसके कारण विद्यार्थियों को परेशान होना पड़ेगा। इस मामले की शिकायत उच्च शिक्षा मंत्री आैर अतिरिक्त संचालक को की गई है।
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