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मोदी की विदेश यात्राअों से भारत की पहचान बनी

2 वर्ष पहले
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मोदी की विदेश यात्राअों से भारत की पहचान बनी

उज्जैन |
विक्रम विश्वविद्यालय की राजनीति विज्ञान अध्ययनशाला में बुधवार को चेंजिंग डायनामिक्स ऑफ इंडियन फॉरेन पॉलिसी विषय पर विशेष व्याख्यान रखा गया। जिसमें जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय नईदिल्ली के सेंटर फॉर रशियन एंड सेंट्रल एशियन स्टडीज स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज के प्रोफेसर फूलबदन ने मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित किया।

उन्होंने कहा राजीव गांधी की उदारवादी की विदेश नीति को पीवी नरसिंह राव ने आगे बढ़ाया। 1991 में सोवियत यूनियन के विघटन के बाद और वैश्वीकरण का दौर आने के बाद भारत की आर्थिक स्थिति में परिवर्तन आया। 2005 में भारत-अमेरिका परमाणु समझौते से भी भारतीय विदेश नीति में बड़ा बदलाव आया। 2014 में नरेंद्र मोदी सरकार के आने के बाद भी भारतीय विदेश नीति में बड़ा परिवर्तन देखने को मिला। इसमें मोदी की विदेश यात्राओं से भारत की पहचान बनी। पाकिस्तान को अलग-अलग करने में भी भारत की बड़ी भूमिका रही है। भारत की विदेश नीति में लगातार परिवर्तनों के बावजूद गुट निरपेक्षता का सिद्धांत हमेशा साथ जुड़ा रहा। अध्यक्षता विभागाध्यक्ष डॉ. दीपिका गुप्ता ने की।

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