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चार हजार से अधिक उपभाेक्ताअाें से पंजीयन शुल्क लेने बाद भी नहीं दिए जा रहे पीएनजी के कनेक्शन

एक वर्ष पहले
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अवंतिका सीएनजी/पीएनजी गैस लिमिटेड की गड़बड़ी सामने आई है। कंपनी ने 4 हजार से अधिक उपभाेक्ताअाें से पंजीयन शुल्क ताे ले लिया लेकिन उन्हें पीएनजी (घरेलू पाइप्ड नेचुरल गैस) कनेक्शन नहीं दिए जा रहे हैं। एेसे में प्रशासन मामले काे गंभीरता से लेते हुए उपभाेक्ताअाें की तरफ से उपभाेक्ता फाेरम में प्रकरण दर्ज करवाने की तैयारी कर रहा है। कंपनी के अधिकारियाें का तर्क हैं जिन उपभाेक्ताअाें काे देरी से अापत्ति हैं वे चाहे ताे राशि वापस ले सकते हैं।

गेल एवं एचपीसीएल का संयुक्त उपक्रम अवंतिका सीएनजी/पीएनजी गैस लिमिटेड हैं। शहर में इसका कार्यालय व पंप स्टेशन नागझिरी में हैं। शहर में पाइप लाइन बिछाकर पीएनजी के कनेक्शन देने वाली इस कंपनी ने शहर में अब तक करीब 20 हजार उपभाेक्ताअाें के पंजीयन ताे कर लिए लेकिन कनेक्शन 16 हजार उपभाेक्ताअाें काे ही दिए। यानी चार हजार उपभाेक्ताअाें काे कनेक्शन के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। वह भी तब जब उन्हाेंने पंजीयन शुल्क भी जमा करवा रखा हैं। प्रति कनेक्शन पंजीयन के लिए 5500 से 6 हजार रुपए लगते हैं। कंपनी पंजीयन के लिए ये राशि एक रुपए व किश्ताें सहित तीन तरह की स्कीम के जरिए जमा करवाती हैं। न्यूनतम 500 रुपए ताे हर हाल में जमा करने ही हाेते हैं। इससे ये स्पष्ट हैं कि उक्त सभी उपभाेक्ताअाें ने कनेक्शन के लिए पंजीयन करवाते वक्त राशि भी जमा करवाई हैं। यानी कंपनी लाखाें रुपए जुटाने के बावजूद उपभाेक्ताअाें काे कनेक्शन नहीं दे रही हैं।

गड़बड़ी के पीछे ये अाशंका

}जिन क्षेत्राें में पाइप लाइन नहीं हैं वहां के उपभाेक्ताअाें के भी पंजीयन कर लिए जा रहे हैं। }कंपनी लाइन बिछाने की अपनी प्लानिंग के साथ ही पंजीयन शुरू कर देती हैं लेकिन निगम से एनअाेसी नहीं मिलने पर लाइन नहीं बिछ पाती हैं जबकि पंजीयन हाे चुके हाेते हैं। }पंजीयन जिस गति से हाे रहे हैं कंपनी उसके अनुपात में कनेक्शन देने में सक्षम नहीं हैं। }कहीं कंपनी ने लाइन बिछाने व कनेक्शन देने का कार्य निजी ठेकेदाराें के सुपुर्द ताे नहीं कर रखा है, जाे इनके कंट्राेल में भी नहीं।

इधर इन क्षेत्राें में पाइप लाइन बिछाने का लक्ष्य

इधर कंपनी ने अगले वित्तीय वर्ष 2020-21 में शहर के जिन क्षेत्राें में पाइप लाइन बिछाई जाना है, उन्हें चिह्नित कर लिया हैं। इनमें गीता काॅलाेनी, हरि नगर, माेती नगर, क्षीर सागर क्षेत्र, वीडी क्लाथ मार्केट, अंकपात अाैर सखीपुरा हैं। कंपनी ने पंजीयन शुरू कर दिए हैं।

प्रकरण की तैयारियां शुरू


एमएम मारू, जिला अापूर्ति नियंत्रक


सुमित कुमार सिंह, उप प्रबंधक विपणन, अवंतिका गैस

क्या कहते हैं नियम

पीएनजीअारबी (पेट्राेलियम नेचुरल गैर रेगुलेटरी बाेर्ड) के मापदंडाें के अनुसार पंजीयन के तीन महीने यानी 90 दिन के भीतर कनेक्शन देने के प्रावधान हैं। जबकि अधिकतर एेसे उपभाेक्ता हैं जिन्हें पंजीयन करवाए एक वर्ष से अधिक वक्त हाे गया हैं बावजूद उन्हें कनेक्शन नहीं दिया जा रहा है। शिवांश सिटी निवासी सहकारिता निरीक्षक एसएल चाैहान ने अक्टूबर 2018 में 3500 रुपए जमा करवाकर पंजीयन करवाया लेकिन उन्हें कनेक्शन नहीं दिया गया। चाैहान कहते हैं जब भी इस बारे में अापत्ति ली जाती हैं ताे कंपनी के लाेग एक सप्ताह में कनेक्शन करने का अाश्वासन देते हैं। स्वयं कंपनी ने ही खाद्य विभाग काे पत्रक में स्पष्ट किया हैं कि दिसंबर 2018 तक की स्थिति में 4144 काे कनेक्शन दिए जाने बाकी हैं।
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