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प्रभावित 103 परिवारों को जमीन उपलब्ध करवाएं

एक वर्ष पहले
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मोतीनगर के प्रभावित परिवारों को अब तक मकान बनाने के लिए जमीन नहीं मिली है। नीमनवासा की जो जमीन उन्हें दी गई थी, वह ग्रीन बेल्ट की होने के साथ विवादों में भी है। जमीन मालिक ने कोर्ट में प्रकरण लगा रखा है। ऐसे में यह जमीन उलझन में आ गई है। प्रभावित लोगों को लेकर विधायक महेश परमार ने कलेक्टर शशांक मिश्र को पत्र लिखा है कि 103 परिवारों को जल्द उपयुक्त जमीन उपलब्ध करवाई जाए।

जिला कांग्रेस प्रवक्ता विवेक गुप्ता ने बताया हाईकोर्ट के आदेश पर मोतीनगर के मकानों को तोड़ा गया था। यहां के लोगों को उपयुक्त जमीन उपलब्ध करवाने के लिए विधायक परमार ने कलेक्टर को पत्र लिखा है। शहर में जहां भी सरकारी जमीन उपलब्ध है, वहां पर प्रभावित लोगों को पट्टे आवंटित किए जाए। सभी प्रभावित गरीब व मजदूर वर्ग के हैं। जिनके साथ में प्रदेश की कमलनाथ सरकार खड़ी है। मुख्यमंत्री की भी मंशा है कि गरीब व मजदूर वर्ग बेघर नहीं रहे, उन्हें मकान बनाने के लिए जमीन उपलब्ध करवाई जाए। प्रभावित लोग विधायक परमार से मिले थे, उसके बाद विधायक ने उनके लिए जमीन उपलब्ध करवाने के प्रयास तेज कर दिए हैं। कलेक्टर ने आश्वस्त किया है कि जल्द ही प्रभावित लोगों को जमीन उपलब्ध करवा दी जाएगी। इसके लिए जमीन चिह्नित की जा रही है। तहसीलदार श्रीकांत शर्मा ने बताया कि दाउदखेड़ी की दो हेक्टेयर जमीन को आबादी की जमीन घोषित कर दिया है। यहां पर समतलीकरण कार्य चल रहा है। उसके बाद प्लाटिंग करके विस्थापितों को आवासीय पट्‌टे वितरित किए जाएंगे।

विधायक परमार ने कलेक्टर को लिखा पत्र

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