उज्जैन, इंदौर, रतलाम, मंदसौर की प्रमुख कृषि मंडियाें के कायाकल्प के आसार

Ujjain News - अधिक आय और ज्यादा भीड़भाड़ वाली कृषि उपज मंडियों को चिहि्न्त किया जा रहा है। प्रदेश में इंदौर, रतलाम, मंदसौर, नीमच,...

Bhaskar News Network

Jul 14, 2019, 09:40 AM IST
Ujjain News - mp news rejuvenation of major agricultural markets of ujjain indore ratlam mandsaur
अधिक आय और ज्यादा भीड़भाड़ वाली कृषि उपज मंडियों को चिहि्न्त किया जा रहा है। प्रदेश में इंदौर, रतलाम, मंदसौर, नीमच, उज्जैन और जावरा को इसमें प्राथमिकता मिली हुई है। निमाड़ मालवा तरफ कृषि कार्य की प्रमुख काम माना जाता है।

नेशनल एग्रीकल्चर मार्केट से लिंक की गई बड़ी मंडियों का ऑनलाइन सेक्टर में कोई खास प्रदर्शन नहीं रहा। 5-7 सालों में सपना साकार हो सकता है। ऑनलाइन सेलिंग से कृषि उपज के दाम क्लिक कर प्राप्त कर लेंगे। सिस्टम को चलाने के लिए माहौल पैदा तो वर्तमान की कृषि मंडियों को ही करना है। किसानों की रिस्क तो सरकार लेती लेकिन कारोबारी को तो उसने अपने हाल पर ही छोड़ दिया है। व्यापार में अनेक प्रकार के कर सेवा सुविधा कर लगाकर मुक्त व्यापार का हकदार नहीं बनाया गया है। व्यापार घाटा तीन साल से कृषि उपज में ही उभरा है।

नाेटबंदी आैर जीएसटी से देशभर का व्यापार प्रभावित हो गया। भारी भरकम टैक्स लादने से ग्राहक की क्रय-शक्ति आधी रह गई। इसका असर बाजार में ग्राहकी विहीन के रूप में देखा जा सकता है। अन्न, तिलहन, दलहन उत्पादन में नए रिकॉर्ड बनने का असर उपज का आधिक्य बढ़ गया। हालत यह है कि सरकार के समर्थन मूल्य से नीचे उपज बिकने लग गई।

निर्माण कार्य किसान हित में: पिछले 6 साल में प्रति मंडी में करोड़ों रुपए के निर्माण कार्य किए गए हैं। किसान हित वाले निर्माण व्यापारी हित वाले निर्माण की प्लानिंग प्रदेश की मंडियों की आवश्यकताओं को देखकर किया गया अथवा तत्कालीन समस्या के लिए किए गए करोड़ों रुपए के निर्माण प्रासंगिक ही रह गए। शासन इन निर्माण कार्यों से खुश है अथवा नाराज यह तो मंडियों के निर्माण निरीक्षण में पता चलेगा।

सोना-चांदी से चमकता सराफा, चौमासा में ग्राहकी का अभाव

उज्जैन | सोने-चांदी से चमकता सराफा इस समय ग्राहकी अभाव झेल रहा है। चौमसा लग गया। शुभ कार्य बंद हो गए। अब व्यापारियों को राखी त्यौहार से ही अच्छी ग्राहकी की उम्मीद है। सराफा व्यापारी अशोक जड़िया का मानना है कि सोना-चांदी की तेजी-मंदी ग्राहक को खरीदी से कभी नहीं हो रोकती। आकर्षण वाली धातु बिकती जरूर है, लेकिन वजनी गहनों का चलन बंद हो गया। हल्के वजन की फैशनेबल ज्वेलरी बाजार में खूब बिकती है। श्री जड़िया ने बताया सोना-चांदी के साथ डायमंड ज्वेलरी की ओर नई पीढ़ी का इंट्रेस्ट बढ़ा है। इसके अच्छे परिणाम भी देखने को मिल रहे हैं। सराफा दलाल कैलाशचंद्र कौशिक के अनुसार बारिश में ग्राहकी कम हो जाती है।

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