मंदिर की पंच परमेष्ठी शिखरों पर सात स्वर्ण कलश स्थापित

Ujjain News - नमकमंडी स्थित दिगंबर जैन मंदिर की पंच परमेष्ठी शिखरियों पर मंगलवार दोपहर 7 स्वर्ण कलश स्थापित हो गए। निर्माण के...

Dec 04, 2019, 10:56 AM IST
Ujjain News - mp news seven golden urns installed on the temple39s panch parmeshthi peaks
नमकमंडी स्थित दिगंबर जैन मंदिर की पंच परमेष्ठी शिखरियों पर मंगलवार दोपहर 7 स्वर्ण कलश स्थापित हो गए। निर्माण के बाद बिना कलश की शिखरों पर कलशों की दमक बिखरने लगी। मुनिवृंद के सान्निध्य में यह कलशारोहण करते वक्त मौजूद समाजजन जयकारे लगाते रहे।

करीब पांच सौ साल पुराने मंदिर के जीर्णोद्धार के दौरान मंदिर के अग्रभाग में पंच परमेष्ठी शिखरों बनाई गई हैं। इन शिखरियों पर स्वर्ण कलश स्थापित करने के लिए उज्जैन से ही संयम मार्ग अपनाने वाले युवा मुनि साध्य सागरजी, प्रणुत सागरजी व संपन्न सागरजी से विनती की गई थी। उन्होंने इसे स्वीकार कर लिया। इसके बाद शहर के दिगंबर समाज ने इस आयोजन को यादगार बना दिया। नमकमंडी क्षेत्र में सुबह 5 बजे से ही गहमागहमी शुरू हो गई थी। आयोजन की तैयारी की गई। 6.30 बजे से धार्मिक अनुष्ठान शुरू हुए। जिसमें मंडल शुद्धिकरण, कलश शुद्धिकरण, भूमि शुद्धिकरण आदि के बाद प्रतिष्ठाचार्य नितिन झांझरी के सान्निध्य में पूजन की शुरुआत हुई। भगवान को चांदी की पांडूकशिला पर विराजमान करा कर अनिल गंगवाल परिवार ने शांतिधारा की। अन्य कलश जिनेंद्र जैन, नवीन ओमप्रकाश, तेजकुमार विनायगा, ज्ञानचंद चांदवड़, लता-खुशबू गंगवाल ने चढ़ाए। प्रकाश वीरबाला कासलीवाल ने दीप प्रज्जवलित किया। इस मौके पर मुनि साध्यसागरजी की 32वीं सालगिरह भी मनाई गई। 32 लोगों ने उन्हें शास्त्र भेंट किए। 48 वलय की पूजन, मंडल पूजन के बाद समग्र समाज की ओर से आचार्यों व मुनियों को अर्घ अर्पित किए गए।

मुनि साध्यसागरजी की 32वीं सालगिरह भी मनाई गई, 32 शास्त्र भेंट किए, 48 वलय की पूजा की, मुनियों को अर्घ अर्पित किया

नमक मंडी स्थित दिगंबर जैन मंदिरके सात शिखरों पर जैन समाज के श्रद्धालुओं ने एकसाथ स्वर्ण कलश स्थापित किए। इससे पहले मंदिर में कलश शुद्धिकरण का पूजन हुआ।

कार्यक्रम में मंडल शुद्धिकरण, कलश शुद्धिकरण पूजन हुए।

विशुद्धसागरजी के चातुर्मास की उम्मीद

मुनि साध्य सागर ने कहा अपनों के बीच अपनी नगरी में संयम, त्याग के पथ पर चलने के कारण आज यह सम्मान मुझे मिला है। मुनि श्रुतसागर ने कहा- आज की प्यास बुझाने की बजाए प्यास बुझाने का स्थायी इंतजाम करें। वे बोले- एक राहगीर प्यास से परेशान भटक रहा था। उसे एक झोपड़ी दिखी। झोपड़ी में पहुंचा तो वहां पानी से भरा गिलास रखा था। उसने गिलास उठा लिया। तभी सामने बोर्ड दिखा जिस पर लिखा था- यह पानी हैंडपंप में डाल दोगे तो यह पानी देने लगेगा। यही परीक्षा की घड़ी होती है। आपको तय करना है कि आज की प्यास बुझाएं या हमेशा के लिए हैंडपंप को जीवित कर लें। आने वाले समय में आचार्य भगवंत गुरू विशुद्धसागर महाराज का उज्जैन में चातुर्मास संभव है। मंदिर में शाम को भजन संध्या रखी गई।

सौभाग्यवती महिलाओं ने किया शुद्धिकरण

कलशों का शुद्धिकरण करने के लिए 4 सौभाग्यवती महिलाओं को आमंत्रित किया गया। सौभाग्यवती महिलाएं वे जिनके माता-पिता, सास-ससुर जीवित हैं और प्रथम संतान के रूप में पुत्र हैं। शिखा वैभव जैन, ऋतु प्रशांत जैन, नेहा अर्पित कांसल, अंकिता जीतेश डागरिया ने कलशों की शुद्धि की।

आज फ्रीगंज पंचायती मंदिर आएंगे मुनिश्री

बुधवार सुबह 7 बजे मुनिश्री नमकमंडी जिनालय से विहार कर फ्रीगंज पंचायती मंदिर पहुंचेंगे। यहां मुनिश्री के प्रवचन व आहारचर्या होगी। शाम को संभावित लक्ष्मीनगर मंदिरों के दर्शन करते हुए मक्सी की ओर विहार होगा। गुना होते हुए महाराजश्री जनवरी तक सोनागिरी पहुंचेंगे।

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