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चरक पहुंचे कलेक्टर, बाेले- व्यवस्थाएं ताे सुधरी लेकिन अमले की लेटलतीफी जारी, 20 काे नाेटिस

Dainik Bhaskar

Feb 14, 2019, 05:00 AM IST

Ujjain News - बुधवार सुबह कलेक्टर शशांक मिश्र चरक अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे। वे यहां सुबह 7.55 बजे पहुंच गए थे। देखने अाए थे...

Ujjain News - mp news the collector arrived at charak improved the arrangements but the delayed work of ammunition 20 knetis
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बुधवार सुबह कलेक्टर शशांक मिश्र चरक अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे। वे यहां सुबह 7.55 बजे पहुंच गए थे। देखने अाए थे कि इससे पहले के निरीक्षण में जाे निर्देश देकर गए थे उनका पालन हुअा या नहीं। कलेक्टर ने एक घंटे तक अस्पताल में रहकर विभिन्न वाडाे व विभागाें में जाकर व्यवस्थाएं देखी। सूचना मिलने पर सीएमएचअाे डाॅ. एमएल मालवीय, डाॅ. सीएम पुराणिक भी पहुंच गए थे। कलेक्टर ने इनसे भी चर्चा भी की। इस दाैरान उन्हाेंने कुछ देर गेट पर खड़े रहकर देरी से अाने वाले डाॅक्टर व अन्य स्टाॅफ से लेट हाेने का कारण भी पूछा। उपस्थिति रजिस्टर वे पहले ही मंगवा चुके थे। इसमें उन्हाेंने देरी से अाने वालाें काे चिहि्नत कर दिया था। कलेक्टर ने चर्चा में बताया कि व्यवस्थाएं पहले से सुधरी हैं अमले की लेटलतीफी जरूर जारी हैं। डाॅक्टर व सहयाेगी स्टाॅफ सहित 20 लाेग अनुपस्थित पाए गए या देरी से अाए हैं। इन सभी काे नाेटिस जारी किए जा रहे हैं।

पुन: जिला अस्पताल शि‌फ्ट किया जा सकता हैं आर्थाेपेडिक वार्ड: कलेक्टर मिश्र ने कहा चिकित्सा सेवाअाें काे बेहतर बनाने के लिए पुन: जिला अस्पताल में अार्थाेपेडिक वार्ड शिफ्ट किया जाना चाहिए। साथ ही उन्हाेंने चरक अस्पताल में भी मेन अस्पताल की तरह इमरजेंसी शुरू करवाने की बात भी कही। बाेले कि इस संबंध में जल्द ही चिकित्सा अधिकारियाें की बैठक बुलाएंगे।

उपस्थिति रजिस्टर में कलेक्टर ने देरी से अाने वालाें काे चिह्नित किया।

चादराें पर लिखे होंगे वार अगर राेज नहीं बदले ताे पकड़ी जाएगी लापरवाही

जिला अस्पताल के पलंग की चादर बदलने में यदि अब अमला एक दिन की देरी व लापरवाही करेगा ताे पकड़ा जाएगा। इसलिए कि अब पलंगाें पर एेसी चादरें बिछाई जाने के लिए आई हैं जिनमें कि वार लिखे हैं। यानी सप्ताह के सात वार इन चादराें में लिखे हैं। जिस दिन जाे वार रहेगा उसी दिन वाे चादर बिछाई जाना जरूरी रहेगी। इस प्लानिंग के पीछे यहीं प्रयास हैं कि किसी बेड पर गंदी व मेली चादर नहीं रहे। चूंकि जिला अस्पताल 700 बेड का इस मान से यहां 4900 चादरें अाना हैं। इनमें से कुछ अा चुकी हैं। वार के अलावा ये चादरें सात रंगाें के पट़्टाें से भी पहचानी जा सकेंगी। सीएमएचअाे डाॅ. एमएल मालवीय ने बताया कि नियमानुसार चादरें राेजाना बदली जाना चाहिए। इससे संक्रमण नहीं फैलता हैं अाैर सफाई रहती हैं।

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