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जिनकी बिजली खपत कम, उनके कनेक्शन में बढ़ा दिया लोड, सब्सिडी वाले बिलों में भी जोड़ दिए 400 रुपए ज्यादा
बिजली कंपनी ने लोड बढ़ाने के नाम पर लोगों के बिजली बिलों का भार बढ़ा दिया है। इस माह लोगों को जो बिल जारी हुए हैं, उनमें समायोजन गणना राशि यानी लोड बढ़ाने की राशि जोड़ी है। ऐसे में बिल की राशि 200 से 400 रुपए तक बढ़ गई है। कंपनी के अफसरों का तर्क है गर्मी में बिजली की खपत बढ़ जाएगी, इसलिए लोड बढ़ाया है और राशि बिल में जोड़कर दी है। राशि एक ही बार ली जाएगी।
लोड बढ़ाने की प्रक्रिया पूरी किए बगैर ही बिजली कंपनी ने मनमाने तरीके से ही लोड बढ़ा दिया है। प्रक्रिया के तहत उपभोक्ता बिजली कंपनी के जोन कार्यालय पर लोड बढ़ाने का आवेदन देता है, जिसमें बिजली कनेक्शन घरेलू है या व्यावसायिक इसकी जानकारी देना होती है तथा वर्तमान में कितना लोड है और कितना बढ़ाया जाना है, इसका उल्लेख किया जाता है। इसके लिए उसे घोषणा पत्र जमा करना होता है। राशि बिजली कंपनी के जोन कार्यालय पर जमा की जाती है। तीन किलो वाट बढ़ाने के लिए 200 रुपए तक जमा करना होते हैं। उसके बाद बिजली कंपनी की टीम लोड चेक करने उपभोक्ता के घर पर जाती है। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद लोड बढ़ाया जाता है। उपभोक्ताओं ने लोड बढ़ाने के फार्म तक जमा नहीं किए और बिजली कंपनी ने अपने हिसाब से लोगों के यहां लोड बढ़ा दिया है और बढ़े हुए लोड के तहत बिल में राशि जोड़ दी गई है। इस वजह से इंदिरा गृह ज्योति योजना में राज्य शासन की ओर से मिलने वाली सब्सिडी के बावजूद लोगों को ज्यादा राशि के बिल चुकाना पड़ रहे हैं।
लोड बढ़ाने पर यह है राशि वसूली का फॉर्मूला
विद्युत भार घरेलू व्यावसायिक
3 किलोवाट तक भार 200 रुपए प्रति किलो वाट 300 रुपए प्रति किलो वाट
3 से 10 किलो वाट तक 600 रुपए प्रति किलो वाट 900 रुपए प्रति किलो वाट
10 से 25 किलो वाट तक 1500 प्रति किलो वाट 2250 प्रति किलो वाट
यह है लोड बढ़ाने की प्रक्रिया जिसका पालन नहीं हुआ
उपभोक्ता को फार्म जमा करना होता है, जिसमें उल्लेख करना होता है कि मैं स्वयं घोषणा करता हूं कि वर्तमान विद्युत बिल अनुसार मेरे परिसर के घरेलू, गैर घरेलू, औद्योगिक तथा संयोजन क्रमांक का स्वीकृत भार वर्तमान में है, उससे अधिक भार विद्युत प्रणाली सुधार राशि आपके कार्यालय में जमा कर रहा हूं।
स्टाम्प जरूरी नहीं पर लगवा रहे, 500 रुपए का भार
बिजली कंपनी के कुछ जोन कार्यालयों पर बगैर स्टाम्प के ही लोड बढ़ाया जा रहा है जबकि मक्सी रोड जोन पर उपभोक्ताओं से 500 रुपए तक का स्टाम्प मांगा जा रहा है। उपभोक्ताओं को कहना है लोड बढ़ाने की तय राशि जमा की जा रही है इसके बावजूद स्टाम्प का अलग से खर्च उठाना पड़ रहा है।
उपभोक्ताओं को सिर्फ एक बार ही देना है यह राशि
महानंदानगर जोन के एई प्रणेश कुमार ने बताया गर्मी शुरू होने से उपभोक्ताओं के यहां पर बिजली की खपत बढ़ गई है। उनके यहां होने वाली खपत के मान से लोड बढ़ाए हैं। इस बार बिजली बिलों में बढ़ाए लोड की राशि जोड़कर दी है। यह राशि एक ही बार देना होगी। उसके बाद खपत अनुसार बिल जारी होंगे।
ये तीन मामले...ऐसे बढ़ रहा बिजली बिलों का भार
01. नानाखेड़ा क्षेत्र के उपभोक्ता के यहां पर 91 यूनिट की खपत हुई, जिसका बिजली बिल 559.75 रुपए बना, जिसमें इंदिरा गृह ज्योति योजना में राज्य शासन से 459.75 रुपए सब्सिडी मिली। इस तरह से 100 रुपए की राशि शेष रह गई थी लेकिन बिजली कंपनी ने लोड बढ़ाते हुए समायोजन गणना राशि 395 रुपए बिल में जोड़ दी। इस वजह से उपभोक्ता का बिजली बिल 100 रुपए से बढ़कर 495 रुपए हो गया।
02. महानंदा नगर जोन के अंतर्गत एक उपभोक्ता को 606 रुपए का बिल जारी हुआ, जिसमें 506 रुपए की सब्सिडी राज्य शासन की ओर से दी गई। यानी 100 रुपए बिजली बिल रह गया था। बिजली कंपनी ने लोड बढ़ाने के नाम पर 200 रुपए समायोजन गणना राशि जोड़ दी। इस वजह से उपभोक्ता को 100 रुपए की बजाए 300 रुपए का बिल जमा करना पड़ा।
03. राजेश बने सिंह राठौर निवासी राजीव गांधी नगर के यहां पर मीटर खपत 52 यूनिट हुई और 48 यूनिट आंकलित खपत जोड़ी गई। इस तरह से 100 यूनिट का बिजली बिल 6210 रुपए का
था, जिसमें 521 रुपए की सब्सिडी दी गई। यानी उपभोक्ता को केवल 100 रुपए का बिजली बिल जमा करना था लेकिन बिजली कंपनी ने लोड बढ़ाते हुए समायोजन गणना की राशि 400 रुपए जोड़ते हुए 500 रुपए का बिल जारी कर दिया।
वसूली का टारगेट पूरा करने के लिए बिजली कंपनी की तिकड़म