• Hindi News
  • Mp
  • Ujjain
  • Ujjain News mp news understand from the six pictures the natural and cultural beauty of ujjain from banbhatt39s novel written in the seventh century

छह चित्रों से समझिए सातवीं शताब्दी में लिखे बाणभट्‌ट के उपन्यास से उज्जैन का प्राकृतिक और सांस्कृतिक सौंदर्य

Ujjain News - इंद्रधनुष के बीच पंख फैलाकर नाचते मयूर कादम्बरी में लिखा है कि सूर्य की किरणों से पृथ्वी पर इंद्रधनुष बन रहे...

Jan 20, 2020, 09:35 AM IST
Ujjain News - mp news understand from the six pictures the natural and cultural beauty of ujjain from banbhatt39s novel written in the seventh century
इंद्रधनुष के बीच पंख फैलाकर नाचते मयूर

कादम्बरी में लिखा है कि सूर्य की किरणों से पृथ्वी पर इंद्रधनुष बन रहे हैं आैर मंडल बनाकर पंख फैलाकर नृत्य में आसक्त मतवाले मयूर के शब्द से कोलाहल हो रहा है। झुंड बनाकर नृत्य करते मयूर के छोटे-छोटे समूह बेहद आकर्षित लगते हैं। नाथद्वारा के महेश शर्मा ने यह चित्र बनाया है। यह चित्र बताता है कि उस समय उज्जयिनी में प्राकृतिक सौंदर्य के साथ जीव भी किस तरह झूम उठते थे।

उज्जयिनी...मानो महादेव ने दूसरी पृथ्वी बनाई हो

तिलक स्वरूप नगरी में कैलाश पर्वत आया है

कादम्बरी में वर्णित उज्जयिनी के तिलक स्वरूप की व्याख्या करते हुए यह भी लिखा गया है कि उज्जयिनी के चारों ओर चूने के शुभ्रवर्ण समान शहर पनाह ऐसी प्रतीत होती है कि मानो शंकरजी को वहां निवास करने में प्रीति देख आकाश को स्पर्श करता हुआ शिखर मालायुक्त कैलाश पर्वत आया हो। उदयपुर के चित्रकार छोटूलाल ने यह चित्र बनाया है।

आभूषणों की चमक से रात में दिन जैसा प्रकाश

कादम्बरी में लिखा है कि जिस उज्जयिनी में कामिनियों के आभूषणों की कांति के कारण रात्रि में भी अंधकार न होने से दिन का समय मानकर चकवा-चकवीका भ्रमित हो जाते हैं, सुरतप्रदीप व्यर्थ होते हैं आैर कामिनियों के आभूषणों की कांति के कारण रात्रियां ऐसी प्रतीत होती हैं मानो कामाग्निका दिग्दाह हुआ हो आैर सूर्य सा प्रकाश फैला हो। भावनगर के जयेश जादव ने यह चित्र बनाया है।

कैलाश का त्याग कर इसी नगरी में आए महाकाल

कादम्बरी में यह भी वर्णित किया गया है कि महाकाल, भगवान शिव मानो कैलाश की प्रीति त्याग कर उसी नगरी (उज्जयिनी) में रहने लगे थे। उनके चरण कमलों की वंदना करने के लिए देवता आैर असुर सभी वहां आते थे। उज्जैन के डॉ. विक्रांत शाह ने यह चित्र बनाया है। लाइन आर्ट में तैयार हुए इस चित्र में स्याही और केवल पेन का ही इस्तेमाल किया गया है।

बाणभट्ट का कादम्बरी दुनिया का पहला उपन्यास

बाणभट्ट सातवीं शताब्दी के संस्कृत गद्य लेखक और कवि थे। वह राजा हर्षवर्धन के आस्थान कवि थे। उनके दो प्रमुख ग्रंथ हैं हर्षचरितम् तथा कादम्बरी। हर्षचरितम् राजा हर्षवर्धन का जीवन-चरित्र था और कादम्बरी दुनिया का पहला उपन्यास था। कादम्बरी के पूरा होने से पहले ही बाणभट्ट की मृत्यु हो गई। इस उपन्यास को पूरा करने का काम उनके पुत्र भूषणभट्ट ने किया। बाण कन्नौज के सम्राट हर्षवर्धन (606-646) के राजकवि थे। इसकी कथा गुणाढ्य द्वारा रचित बड्डकहा (वृहद्कथा) के राजा सुमानस की कथा से ली गई है। इसमें चन्द्रापीड तथा पुण्डरीक के तीन जन्मों का उल्लेख है। उज्जयिनी में तारामीड नाम के राजा आैर उसके बुद्धिमान मंत्री शुकनास के जिक्र के साथ कथा आगे बढ़ती है।

Ujjain News - mp news understand from the six pictures the natural and cultural beauty of ujjain from banbhatt39s novel written in the seventh century
Ujjain News - mp news understand from the six pictures the natural and cultural beauty of ujjain from banbhatt39s novel written in the seventh century
Ujjain News - mp news understand from the six pictures the natural and cultural beauty of ujjain from banbhatt39s novel written in the seventh century
Ujjain News - mp news understand from the six pictures the natural and cultural beauty of ujjain from banbhatt39s novel written in the seventh century
Ujjain News - mp news understand from the six pictures the natural and cultural beauty of ujjain from banbhatt39s novel written in the seventh century
Ujjain News - mp news understand from the six pictures the natural and cultural beauty of ujjain from banbhatt39s novel written in the seventh century
X
Ujjain News - mp news understand from the six pictures the natural and cultural beauty of ujjain from banbhatt39s novel written in the seventh century
Ujjain News - mp news understand from the six pictures the natural and cultural beauty of ujjain from banbhatt39s novel written in the seventh century
Ujjain News - mp news understand from the six pictures the natural and cultural beauty of ujjain from banbhatt39s novel written in the seventh century
Ujjain News - mp news understand from the six pictures the natural and cultural beauty of ujjain from banbhatt39s novel written in the seventh century
Ujjain News - mp news understand from the six pictures the natural and cultural beauty of ujjain from banbhatt39s novel written in the seventh century
Ujjain News - mp news understand from the six pictures the natural and cultural beauty of ujjain from banbhatt39s novel written in the seventh century
Ujjain News - mp news understand from the six pictures the natural and cultural beauty of ujjain from banbhatt39s novel written in the seventh century
COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना