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परीक्षा में विद्यार्थियों की बढ़ती संख्याविश्वविद्यालय प्रशासन बढ़ाएगा कॉलेजों में केंद्र
देवासगेट स्थित शासकीय माधव कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय में अधिक संख्या में प्राइवेट विद्यार्थियों के परीक्षा फॉर्म जमा होने के कारण बनी स्थिति के बाद अब विक्रम विश्वविद्यालय प्रशासन ने अगली परीक्षाओं से परीक्षा केंद्रों की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया है। इसके लिए ऐसे कॉलेज चयनित किए जाएंगे जिनके पास कम से कम एक हजार विद्यार्थियों की परीक्षा कराने की क्षमता है।
माधव कॉलेज में बीए प्रथम वर्ष में 1100 से अधिक प्राइवेट विद्यार्थियों ने परीक्षा फॉर्म जमा करवाए हैं। विद्यार्थियों की संख्या अधिक होने के कारण अब इनकी बैठक के लिए कॉलेज में पर्याप्त इंतजाम नहीं है। कॉलेज प्रशासन ने भी यह लिख दिया है कि उनके पास केवल 1400 विद्यार्थियों की परीक्षा कराने के लिए ही कक्ष आैर फर्नीचर है। जिसके कारण विश्वविद्यालय को ताबड़तोड़ दो अन्य कॉलेजों में विद्यार्थियों को शिफ्ट किया गया है। हालांकि इसके बाद भी परीक्षा को लेकर खींचतान बनी हुई है। यही वजह है कि अब तक विद्यार्थियों के प्रवेश पत्र भी जारी नहीं किए गए हैं। इधर माधव कॉलेज प्रशासन ने एक पत्र भी विश्वविद्यालय को लिखा है। जिसमें यह अनुरोध किया गया है कि बीए आैर बीकॉम प्रथम वर्ष, द्वितीय वर्ष एवं तृतीय वर्ष की कक्षाओं में 500 तक परीक्षार्थियों के स्वाध्यायी परीक्षा आवेदन पत्र की स्वीकृति इस परीक्षा केंद्र में देने की अनुमति दी जाए। क्योंकि एक कक्षा में 500 से अधिक स्वाध्यायी परीक्षार्थियों की परीक्षा कराने के लिए कॉलेज के पास पर्याप्त फर्नीचर आैर संसाधन उपलब्ध नहीं है। कॉलेज में बीए प्रथम वर्ष में 1138, द्वितीय वर्ष में 908 आैर तृतीय वर्ष में 557 विद्यार्थियों ने प्राइवेट परीक्षार्थी के रूप में परीक्षा फॉर्म जमा किए हैं। गुरुवार को इस परीक्षा कराने को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन, अतिरिक्त संचालक आैर कॉलेज प्रबंधन के बीच चर्चाएं चलती रही। विश्वविद्यालय के कुलानुशासक डॉ. शैलेंद्र कुमार शर्मा ने बताया विद्यार्थियों की अधिक संख्या होने के कारण युक्तियुक्तकरण किया जाना आवश्यक है। इसलिए कुछ विद्यार्थियों को दो अन्य केंद्रों पर शिफ्ट किया जाएगा। साथ ही यह भी तय हुआ है कि अगली परीक्षाओं से केंद्रों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों को ही केंद्रों के रूप में चिन्हित किया जाएगा। इसके अलावा वर्तमान में चल रहे परीक्षा केंद्रों पर भी संसाधन व सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी।