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महाकाल मंदिर में महानिर्वाणी अखाड़े के नए महंत विनीत गिरि ने संभाली गादी

एक वर्ष पहले
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महाकालेश्वर मंदिर स्थित महानिर्वाणी अखाड़े के महंत की गादी पर शुक्रवार सुबह विनीत गिरि को विराजमान कराया गया। अखाड़े के पदाधिकारियों व अन्य साधु संतों ने पहले उन्हें चादर ओढ़ाई। इसके बाद उन्हें अखाड़े के भवन में ले जाकर गादी प्रदान की। अब महाकालेश्वर को भस्म अर्पित करने व ओंकारेश्वर व रामेश्वर मंदिर में पूजन की जिम्मेदारी महंत संभालेंगे।

इस गादी पर महंत प्रकाश पुरी पदस्थ थे। स्वास्थ्य कारणों से उन्होंने यह पद छोड़ दिया था। मंदिर प्रबंध समिति ने इसके बाद भस्मआरती की जिम्मेदारी अखाड़े के ही गणेश पुरी को दी थी तथा ओंकारेश्वर व रामेश्वर मंदिर में पूजन के लिए मंदिर समिति के शासकीय पुजारियों को पाबंद किया था। गुरुवार रात अखाड़े की ओर से पत्र लेकर विनीत गिरि शहर आए थे। उन्होंने पत्र मंदिर समिति के प्रशासक एसएस रावत को दिया था। इसके बाद मंदिर समिति की बैठक बुलाकर महंत विनीत गिरि को दी जिम्मेदारी का अनुमोदन कर दिया था। शुक्रवार सुबह विनीत गिरी ने अन्य संतों के साथ महाकालेश्वर तथा ओंकारेश्वर मन्दिर में दर्शन पूजन किया। उन्हें महंताई गादी पर बैठाकर चादर विधि की गई। संतों के साथ मंदिर के पुजारियों ने भी नए महंत का स्वागत किया। प्रशासक एसएस रावत व मंदिर समिति सदस्य आशीष पुजारी आदि ने भी महंत का स्वागत किया। इस मौके पर महंत ने मीडिया से कहा कि जो जिम्मेदारी दी गई है, उसका पालन मंदिर की परंपरा के अनुसार किया जाएगा। उन्होंने ओंकारेश्वर व रामेश्वर मंदिर में पुजारियों को दी गई पूजन के मामले में कहा कि एक-दो दिन में यह व्यवस्था भी हो जाएगी। अखाड़े के माध्यम से नागपंचमी पर नागचंद्रेश्वर की व्यवस्था भी पूर्ववत की जाएगी।

महंत विनीत गिरि की चादर रस्म करते संत।

भागवताचार्य व गोसेवा के बाद महंत की जिम्मेदारी
महंत विनीत गिरि हरियाणा के गुड़गांव के हैं। वे वहां भगवताचार्य थे। गुड़गांव में 250 निराश्रित गायों की सेवा का काम भी देखते थे। उन्होंने दर्शन एवं वेदांत के साथ सनातनी धर्म के विभिन्न आयामों का अध्ययन किया है। इस मौके पर हरिद्वार के सचिव रवींद्र पुरी, दया पुरी, यमुना पुरी, प्रेम गिरी, महंत श्यामनारायण गिरि, करण गिरि, प्रयागराज से सचिव महंत रामसेवक गिरि, महंत कैलाश भारती, महंत रमेश गिरि, दिल्ली के महंत राधेश्याम पुरी, डॉ रामेश्वरदास, प्रदीप गुरू, संजय शर्मा, अशोक शर्मा मौजूद थे।

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