• Home
  • Madhya Pradesh News
  • Ujjain
  • Ujjain - कलेक्ट्रेट भवन निर्माण में सीमेंट-सरिए की मात्रा कम की, पीआईयू सब इंजीनियर निलंबित, ईई को हटाया
--Advertisement--

कलेक्ट्रेट भवन निर्माण में सीमेंट-सरिए की मात्रा कम की, पीआईयू सब इंजीनियर निलंबित, ईई को हटाया

पीआईयू (प्रोजेक्ट इम्प्लीमेंट यूनिट) में चल रहे विवाद और ठेकेदारों द्वारा ईई नरेंद्र कुमार मंडराय के खिलाफ...

Danik Bhaskar | Sep 12, 2018, 05:42 AM IST
पीआईयू (प्रोजेक्ट इम्प्लीमेंट यूनिट) में चल रहे विवाद और ठेकेदारों द्वारा ईई नरेंद्र कुमार मंडराय के खिलाफ शिकायतों के चलते संभागायुक्त एमबी ओझा ने मंगलवार को कार्रवाई की है। उन्होंने ईई मंडराय को पीआईयू से हटा दिया है। उन्हें जिला निर्वाचन कार्यालय में पदस्थ किया है। कलेक्ट्रेट भवन निर्माण में लापरवाही व अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना करने पर पीआईयू के सब इंजीनियर जेएस भल्ला को निलंबित भी किया है। भल्ला पर कार्रवाई के लिए कलेक्टर ने प्रस्ताव भेजा था।

भुगतान नहीं करने और कार्यों में रुकावट का आरोप लगाते हुए ठेकेदारों ने संभागायुक्त को शिकायत की थी। उसके बाद 17 ठेकेदारों ने 7 सितंबर को पीआईयू कार्यालय में ताला लगा दिया था। ठेकेदारों ने सेामवार को भी संयुक्त परियोजना संचालक सीएस खरत को ईई की शिकायत की थी। उन्होंने ईई पर भुगतान रोकने, निर्माण में रुकावट करने व रुपए मांगने के आरोप लगाए थे। इन सब के चलते संभागायुक्त ने कार्रवाई की है। हालांकि उन्होंने आदेश में लिखा कि मंडराय को विधानसभा निर्वाचन को दृष्टिगत रखते हुए अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक जिला निर्वाचन कार्यालय उज्जैन में संयोजित किया जाता है। मंडराय के स्थान पर पीआईयू ईई का प्रभार पीडब्ल्यूडी ईई जीपी पटेल देखेंगे। संभागायुक्त ओझा ने सब इंजीनियर भल्ला को निलंबित करते हुए आदेश में लिखा कलेक्ट्रेट भवन के निर्माण में लापरवाही बरती है। वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश की अवहेलना की गई है। कलेक्टर मनीष सिंह के प्रस्ताव पर भल्ला को निलंबित किया जाता है। भल्ला का मुख्यालय पीआईयू कार्यालय नीमच रहेगा। उनके स्थान पर पीडब्ल्यूडी के सब इंजीनियर सुजीत खरे व पीडब्ल्यूडी सिंहस्थ एसडीओ डीके मलैया पीआईयू में कार्य देखेंगे। भल्ला का कहना है मुझे अभी आदेश की काॅपी प्राप्त नहीं हुई है।

ईई को जारी नोटिस में लिखा था आपने अनियमित कृत्य किए

संभागायुक्त ने संभागीय परियोजना यंत्री ईई मंडराय को नोटिस जारी किया था। जिसमें लिखा था आपके द्वारा अनियमित कृत्य किए हैं। आपकी उज्जैन में पदस्थापना के बाद से आज दिनांक तक विभाग के निर्माण कार्यों की प्रगति कम हो गई है। आपके द्वारा ठेकेदारों का भुगतान नियमों का हवाला देकर अनैतिक एवं अव्यवहारिक रूप से काटा जा रहा है या रोका जा रहा है। बाद में ठेकेदारों को बुलाकर रोकी राशि को फिर से जारी करने के संबंध में निहित स्वार्थ का ध्यान रखा जाता है।

कलेक्ट्रेट का काम 70 प्रतिशत होना था, अब तक 40 प्रतिशत ही हुआ

कलेक्ट्रेट भवन का कार्य अब तक 40 प्रतिशत ही हुआ है, जबकि अब तक 70 प्रतिशत काम होना था। इंजीनियर भल्ला बिल्डिंग में पार्किंग देना ही भूल गए थे। तत्कालीन कलेक्टर संकेत भोंडवे ने पार्किंग के आदेश दिए तो ड्राइंग रिवाइज करवाना पड़ी। इसमें चार माह लग गए। कार्य 24 माह में पूरा होना था, जिसमें से 16 माह बीत चुके हैं। रिंग का स्पेस अनावश्यक बढ़ा कर सरिए की मात्रा कम कम दी। मेजरमेंट बुक में सीमेंट व सरिए की मात्रा बढ़ाई। आरएमसी प्लांट की बजाए हापर मिक्स मशीन से कार्य करवाया। इससे कार्य की गुणवत्ता प्रभावित हुई। पानी व सीमेंट की मात्रा कम रही। एम-25 में कार्य होना था जबकि एम-15 तक में कार्य किया। मेहता कंसल्टेंसी इंदौर व पीआईयू के सब इंजीनियर जेएस भल्ला के बीच में तालमैल नहीं बैठ रहा है। हर ड्राइंग में गलती, काटछांट भी की।

इधर दफ्तर में ताला लगाने पर 30 ठेकेदारों पर सरकारी काम में बाधा का केस दर्ज

कलेक्टर के निर्देश पर बड़ी कार्रवाई, ठेकेदारों को ब्लैक लिस्टेड भी करेंगे

भास्कर संवाददाता | उज्जैन

पीआईयू कार्यालय पर 7 सितंबर को ताला लगाए जाने के मामले में पुलिस ने 6 नामजद सहित 30 ठेकेदारों के खिलाफ मंगलवार को प्रकरण दर्ज किया है। यह बड़ी कार्रवाई कलेक्टर मनीषसिंह के निर्देश पर हो पाई। इन्हें ब्लैक लिस्टेड भी किया जाएगा। कार्यालय पर ताला लगा होने से विभाग में काम नहीं हो पाया था। नीलगंगा टीआई प्रकाश वास्कले के अनुसार संभागीय परियोजना अधिकारी नरेंद्र कुमार मंडराय, लेखा अधिकारी लालसिंह इवनानी, सहायक ग्रेड -2 कजोडमल मिमरोड, सहायक ग्रेड-3 हीरालाल मंडोरिया की शिकायत पर पीआईयू कार्यालय का घेराव करने के मामले में ठेकेदारों के खिलाफ आईपीसी की धारा 353 शासकीय कार्य में बाधा एवं 147 में बलवे का केस दर्ज किया है। ठेकेदार धीरेंद्र चौबे, अशोक राठौर, प्रणव भावे, गौरव राठी, राकेश आंजना, अशोक जैन सहित 25 से 30 अन्य पर प्रकरण दर्ज किया है। जांच के बाद नाम सामने आने पर बाकी ठेकेदारों को भी आरोपी बनाया जाएगा।