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मानसून रूपी मंच पर सावन के गीतों की झड़ी

आया सावन झूम के, बदरा छाए रे, रिमझिम के गीत सावन गाये, कुछ कहता है ये सावन, क्या कहता है, हम तुम दोनों साथ में भीग...

Dainik Bhaskar

Sep 12, 2018, 05:41 AM IST
Ujjain - मानसून रूपी मंच पर सावन के गीतों की झड़ी
आया सावन झूम के, बदरा छाए रे, रिमझिम के गीत सावन गाये, कुछ कहता है ये सावन, क्या कहता है, हम तुम दोनों साथ में भीग जाएंगे बरसात में, पर्वत से काली घटा टकराई, पानी मैं कैसी ये आग लगाई, ये मौसम आया है कितने सालों में, आजा के खो जाएं, बादल क्यूं गरजता है, डर कुछ ऐसा लगता है, भीगी-भीगी रातों में...जैसे गीतों से मंगलवार को कािलदास संस्कृत अकादमी का संकुल हाल गूंज उठा।

मेघा रे..मेघा रे..संगीत निशा का आयोजन वाॅइस ऑफ फ्रेंडस क्लब की अगुवाई में किया गया। खास यह था कि सभी प्रस्तुतियां बारिश से जुड़ी थी। कार्यक्रम में मुंबई, इंदौर और उज्जैन के कलाकारों ने बारिश पर फिल्माए और बारिश पर आधारित शब्दावली के 30 से ज्यादा गीतों की प्रस्तुतियां दी। कार्यक्रम की परिकल्पना व निर्देशन गौरीशंकर दुबे ने की थी। संयाेजक राजेश श्रीवास थे। दुबे के अनुसार मानसून में बारिश पर आधारित गीतों का यह पहला कार्यक्रम है। मंच की साज-सज्जा भी मानसून की थीम पर की गई थी।

संगीत निशा

शहर में पहली बार बारिश की थीम पर कार्यक्रम, 30 से ज्यादा गीत गुनगुनाए

कालिदास अकादमी संकुल हाल में गीतों की प्रस्तुति देते कलाकार।

मुंबई, इंदौर और उज्जैन के कलाकारों ने सुनाए गीत

कार्यक्रम में मुंबई की गायिका र|ा और इंदौर की अमृता तिवारी के साथ विवेक भारद्वाज, मो. रईस, विष्णु दीक्षित, दिनेश मरमट, रहीम बक्ष, साहेब राज, जितेंद्र शिंदे, शैलेंद्र जैन, सुशील गंगवाल, संध्या गरवाल, प्रीति दीक्षित, ऋचा जैन, कोमल लोदवाल, सुनीता राठौड़, पायल प्रजापति ने प्रस्तुति दी। इसे दीपेश जैन, जयेंद्र रावल, मयंक पाटील, ब्रजेश अंजान, सोनू ललावत, सागर कस्बे और हेमेंद्र शिवालिया ने संगीत से सजाया था।

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Ujjain - मानसून रूपी मंच पर सावन के गीतों की झड़ी
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