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बड़नगर की तत्कालीन सीएमओ भंडारी आएंगी कार्रवाई के दायरे में

बड़नगर की तत्कालीन सीएमओ भंडारी आएंगी कार्रवाई के दायरे में भास्कर संवाददाता | उज्जैन बड़नगर की तत्कालीन...

Danik Bhaskar | Sep 12, 2018, 05:41 AM IST
बड़नगर की तत्कालीन सीएमओ भंडारी आएंगी कार्रवाई के दायरे में

भास्कर संवाददाता | उज्जैन

बड़नगर की तत्कालीन सीएमओ (मुख्य नगर पालिका अधिकारी) आशा भंडारी कार्रवाई के दायरे में आएंगी। कलेक्टर मनीष सिंह के निर्देश पर नगरीय प्रशासन के संभागीय उपसंचालक सोमनाथ झारिया कार्रवाई की अनुशंसा के लिए संभागायुक्त एमबी ओझा को लिख रहे हैं।

दरअसल दो महीने पहले बड़नगर सीएमओ आशा भंडारी का स्थानांतरण उज्जैन नगर निगम में डिप्टी कमिश्नर के पद पर हुआ था। झारिया ने बताया कि उज्जैन ज्वाइन करने की बजाय भंडारी ने बड़नगर में ही बने रहने के लिए हाईकोर्ट में पिटिशन दायर की थी। जिसके आधार पर वे स्टे ले आई थीं और पुन: बड़नगर में काम करने लगी थी। इस पर शासन-प्रशासन ने मामले में हाईकोर्ट में अपना पक्ष रखा तो भंडारी को मिला स्टे खारिज हाे गया था। बावजूद वे उज्जैन ज्वाइन करने को तैयार नहीं हुई। इधर इस बीच सुविधा की दृष्टि से प्रशासन ने बड़नगर में एई पल्लवी जोशी को प्रभारी सीएमओ की जिम्मेदारी सौंप दी थी। खारिज हुए स्टे को लेकर भंडारी ने बाद में डबल बैंच में अपील की। यहां पुन: शासन-प्रशासन को अपना पक्ष रखना पड़ा। चूंकि भंडारी की तरफ से रखा जा रहा पक्ष कमजोर पड़ रहा था तो उन्हें अपनी अपील वापस लेना पड़ी। इस पूरे घटनाक्रम में प्रशासन को काफी परेशान होना पड़ा। ऐसे में कलेक्टर मनीष सिंह ने मामले में झारिया को भंडारी के खिलाफ कार्रवाई के लिए अनुशंसा पत्र संभागायुक्त को भेजने के लिए कहा है। झारिया ने बताया कि वे जल्द ही पत्र व्यवहार करेंगे।

कलेक्टर बोले जो भी सिस्टम से बाहर जाएगा, उस पर कार्रवाई

कलेक्टर सिंह ने स्पष्ट किया कि शासन-प्रशासन के आदेशों की अवहेलना करने वाले व काम से बचने वाले अफसर कार्रवाई के दायरे में आएंगे, भले ही वे कोई भी क्यों ना हो। उन्होंने जिले के एेसे अन्य कुछ अफसरों के बारे में भी संभागायुक्त को अवगत करवाया है।

बिजली कंपनी के आउटसोर्स कर्मियों की भूख हड़ताल शुरू

उज्जैन | बिजली कंपनी के आउटसोर्स कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर मंगलवार से भूख हड़ताल शुरू कर दी है। उनकी यह हड़ताल आठ दिन तक जारी रहेगी। उसके बाद भी मांगे पूरी नहीं की तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। प्रदेश के सभी जिलों के आउटसोर्स कर्मचारी हड़ताल में शामिल हैं। बिजली कंपनियों में ठेका प्रथा बंद करने, बिजली कंपनियों में संविलियन करने व वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर हड़ताल की जा रही है। प्रांतीय संयोजक मनोज भार्गव ने बताया भोपाल में भूख हड़ताल की जा रही है, जो 19 सितंबर तक जारी रहेगी। 19 सितंबर तक मांगों को पूरा नहीं किया जाता है तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।