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मास्टरजी पढ़ाते तो मेरा ध्यान कव्वाली पर ज्यादा रहता, कई बार सजा भी मिली

Dainik Bhaskar

Dec 09, 2018, 05:06 AM IST

Ujjain News - होश संभाला तो घर के आंगन में मामू उस्ताद अजीज नाजा को कव्वाली और सूफी गायन का रियाज़ करते पाया। सुबह-शाम उनकी ही...

Ujjain News - when i taught masterji my focus was more on qawwali punishable many times
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होश संभाला तो घर के आंगन में मामू उस्ताद अजीज नाजा को कव्वाली और सूफी गायन का रियाज़ करते पाया। सुबह-शाम उनकी ही बातें जहन में घूमती थी। वे मंच पर रहते, मैं श्रोताओं के बीच। इस दौरान ये अदना सा शख्स कब कव्वाल बन गया, पता ही नहीं चला। घर से स्कूल की किताबों में कव्वाली लिखकर ले जाता, मास्टरजी पढ़ाते तो मेरा ध्यान कव्वाली पर ज्यादा रहता। कई बार क्लास में सजा भी मिली। 17 साल की उम्र में रानीबाग भाय कला मुंबई में पहली बार बतौर कव्वाल मंच पर पैर रखा। मामू को याद कर जो भी सीखा, उसे लोगों से साझा कर दिया। हाॅल तालियों से गूंज उठा। वे तालियां आज भी जहन में ताजा हैं। इसके बाद तो जैसे नए रास्ते खुल गए। चढ़ता सूरज धीरे-धीरे चढ़ता है...मामू की यह 28 साल पुरानी कव्वाली श्राेता मुझसे सुनने की फरमाइश करने लगे। मैं मामू जैसा नहीं बन सकता लेकिन नाजा होने के नाते मैंने उनके नक्शे कदम पर चलने का पूरा प्रयास किया। मिथुन चक्रवर्ती की फिल्म यमराज और नाग-नागिन से मुझे बॉलीवुड में कव्वाली पेश करने का मौका मिला। मेरा सबसे यादगार पल वह था जब मैंने अपने आदर्श, उस्ताद अजीज नाजा के साथ वड़ोदरा में 17 सितंबर 1992 को मंच साझा किया। मेरे पुत्र आवेश नाजा अच्छी तालीम लेने के बावजूद कव्वाली में अपना कॅरियर बनाना चाहते हैं जबकि मैंने उन्हें एक बार भी नहीं कहा कि वे कव्वाली का रियाज करें। उनके सामने खुला आसमान है। जहां चाहे जा सकते हैं। जिस क्षेत्र में कॅरियर बनाना चाहे, बनाएं लेकिन वे खुद आगे आए हैं।

(जैसा मशहूर कव्वाल व सूफी गायक जाहिद नाजा ने बताया)

मेरे रश्के कमर तूने, पहली नज़र जो नज़र...

उज्जैन | मेरे रश्के कमर, तूने पहली नजर, जो नजर से मिलाई मजा आ गया..., चढ़ता सूरज धीरे-धीरे ढलता है, ढल जाएगा..., झूम बराबर झूम शराबी..., मंदिरों में वो ही, मस्जिदों में वो ही कह रही है ये दुनिया खुदा एक है... जैसी कव्वाली से शनिवार रात कार्तिक मेला गूंज उठा। मेले में ख्यात कव्वाल जाहिद नाजा एंड पार्टी का कव्वाली प्रोग्राम हुआ, जिसे बड़ी संख्या में मौजूद श्रोताओं ने सुना और खूब सराहा। नाजा मॉरीशस, यूएसए, ईरान में अपने फन की जादूगरी दिखा चुके हैं।

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