विदिशा

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शहर से महज 6 किमी दू

कटसारा की बंजर पड़ी पथरीली जमीन पर 2011 में जेसीबी से गड्ढे खोदकर लगाए एक लाख पौधे, रोज छह किमी विदिशा से टैंकर लाकर की...

Danik Bhaskar

Jun 27, 2018, 06:00 AM IST
कटसारा की बंजर पड़ी पथरीली जमीन पर 2011 में जेसीबी से गड्ढे खोदकर लगाए एक लाख पौधे, रोज छह किमी विदिशा से टैंकर लाकर की सिंचाई, आज 90 हजार पौधे बन गए हैं पेड़


शहर से महज 6 किमी दूर कटसारा की पहाड़ी जो सात साल पहले तक बंजर थी आज यहां नीम, बांस, आंवला, सागौन, करंजी के पौधे बड़े होकर लहलहा रहे हैं। खास बात यह है कि यहां पर प्लांटेशन जेसीबी से गड्ढे खोदकर किया गया था। इस प्लांटेशन में ही वन विभाग को महीनों का वक्त लगा था। वन विभाग की एक टीम को इस प्लांटेशन की देखरेख के लिए अलग से जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इतना ही नहीं बंजर जमीन पर पानी की सुविधा नहीं होने से विदिशा से पानी टैंकर मंगाकर सिंचाई कर जिंदा रखा गया है।

संजय सागर बांध परियोजना में डूब में आई वन भूमि के एवज में यहां पर वन विभाग को जमीन मिली थी। क्षतिपूर्ति वनीकरण योजना के तहत मिली जुलाई वर्ष 2011 में करीब एक लाख पौधे रोपे थे। लगभग 90 हजार पौधे सुरक्षित होकर आज पेड़ बन चुके हैं। वन विभाग को क्षतिपूर्ति वनीकरण योजना के तहत कटसारा की पहाड़ी सहित व धनोरा-अ, धनोरा-ब और धनोरा-स के रूप में 100 हेक्टेयर भूमि मिली थी। इसमें से कटसारा और धनोरा-स में 1 लाख पौधे लगाए गए थे। यह क्षेत्र तार फेंसिंग से कवर्ड किया हुआ है। तीन साल बाद जंगल के रूप में नजर आएगा।

कटसारा की पहाड़ी सहित व धनोरा-अ, धनोरा-ब और धनोरा-स के रूप में 100 हेक्टेयर भूमि मिली थी, जिसे तार फेंसिंग से कवर्ड किया है, अगले तीन साल बाद यह जंगल के रूप में नजर आएगा

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