• Hindi News
  • Madhya Pradesh
  • Vidisha
  • वेद, पुराण व ग्रंथों के दोहे और श्लोकों से बता रहे पेड़ों का महत्व
विज्ञापन

वेद, पुराण व ग्रंथों के दोहे और श्लोकों से बता रहे पेड़ों का महत्व

Dainik Bhaskar

Jul 14, 2018, 06:00 AM IST

Vidisha News - वन विभाग ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक अनूठी पहल जिले में शुरू की है। इस पहल की तहत वन विभाग स्कूलों में पुराणों...

वेद, पुराण व ग्रंथों के दोहे और श्लोकों से बता रहे पेड़ों का महत्व
  • comment
वन विभाग ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक अनूठी पहल जिले में शुरू की है। इस पहल की तहत वन विभाग स्कूलों में पुराणों में पेड़ महात्यम नाम की एक पुस्तक का वितरण किया जा रहा है। इस पुस्तक में वेद, पुराण अन्य ग्रंथों से लिए गए दोहे और श्लोकों से धार्मिक और आध्यात्मिक मान्यताओं के तहत पौधे लगाने व उनके संरक्षण का संदेश दिया गया है।

स्कूली बच्चों को एक किताब निशुल्क रूप से पढ़ने के लिए दी जा रही है। इसमें वन संरक्षक एचसी गुप्ता द्वारा व्यक्तिगत रूचि लेकर के प्रयास किए गए। अभी तक 3000 पुस्तकें छपवाकर जिले के लिए बुलवाई जा चुकी हैं, जबकि 4000 किताबें विभाग और मंगा रहा है। इस पुस्तक में गीता, रामायण, महाभारत, शिवपुराण सहित कई अन्य ग्रंथ, पुराण, वेद आदि के श्लोकों वाले दोहे के जरिए पेड़ों के संरक्षण की महत्ता को बताया गया है।

अब तक करीब 1500 पुस्तकें स्कूलों में वितरित की जा चुकी हैं।वन संरक्षक श्री गुप्ता ने बताया कि अब तक विदिशा तहसील के 2 दर्जन से अधिक स्कूलों में 1200 से अधिक पुस्तकों का वितरण निशुल्क रूप से किया जा चुका है। इन पुस्तकों के जरिए स्कूली बच्चों में पेड़ों के संरक्षण के प्रति जागरूकता लाने का प्रयास किया जा रहा है। इस पुस्तक के प्रकाशन में वन संरक्षक एचसी गुप्ता के अलावा उनके सहयोगी प्रेरक विजयपाल बघेल, परामर्श श्याम सुंदर पालीवाल, संशोधक अखिलेश तिवारी, संकलन नवल डागा एवं एवं संपादन दाऊ दयाल गुप्ता रहे।

वन विभाग पर्यावरण संरक्षण को लेकर दे रहा पौधे लगाने का संदेश, विद्यार्थयों को बांट रहे निशुल्क किताब

वन विभाग द्वारा स्कूलों में बटवाई जा रही पस्तक को दिखाते हुए बच्चे।

पुस्तक से लिए कुछ खास दोहे जिनके माध्यम से पेड़ बचाने व लगाने के दिए संदेश

शिव पुराण:
जो वीरान एवं दुर्गम स्थानों पर वृक्ष लगाते हैं वे अपनी पिछली व आने वाली पीढ़ियों को तार देते है

गीता: दृण वैराग्य रूप द्वारा ही संसार रूपी वृक्ष में परमेश्वर को खोजा जा सकता है।

काव्यायन: है वृक्ष! तुम आयु, बल वीर्य यश, पुत्र पशु धन ब्रह्मज्ञान और बुद्धि प्रदान करने वाले हो।

विद्येश्वर संहिता: परमानंद की प्राप्ति के लिए माता पिता के समान वृक्ष देवता की पूजा करनी चाहिए।

स्कंध पुराण: सभी वृक्षों को काटना निंदनीय है। यज्ञ के उद्देश्य के सिवाए वृक्ष कभी न काटे जाएं और विशेषकर वर्षा ऋतु में तो काटे ही न जाएं।

X
वेद, पुराण व ग्रंथों के दोहे और श्लोकों से बता रहे पेड़ों का महत्व
COMMENT
Astrology

Recommended

Click to listen..
विज्ञापन
विज्ञापन