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बिना नोटिस के रेलवे अमले ने 40 मकानों को तोड़ा

बगैर नोटिस जारी किए और सूचना दिए बिना मंगलवार को टीआरडी रेलवे कॉलोनी में आरपीएफ की तैनाती के बाद कई मकानों पर...

Danik Bhaskar | Jul 04, 2018, 07:05 AM IST
बगैर नोटिस जारी किए और सूचना दिए बिना मंगलवार को टीआरडी रेलवे कॉलोनी में आरपीएफ की तैनाती के बाद कई मकानों पर जेसीबी चली। देखते ही देखते 40 मकानों के आगे के हिस्से तोड़ दिए गए। जब तक रहवासी कुछ समझ पाते उससे पहले ही एडीईएन( अस्सिटेंट डिवीजन इंजीनियर) दीप्ति शर्मा और सीनियर सेक्शन इंजीनियर एचएस अहिरवार के निर्देश पर जेसीबी के पंजे ने मकानों के हिस्से गिराना शुरू कर दिया। लोग विरोध करते उससे पहले ही आरपीएफ के जवानों ने लोगों को खदेड़ना शुरू कर दिया। कुछ लोगों ने इस कार्रवाई को देखते हुए अपना सामान समेट लिया और लेकिन कुछ लोग सिर्फ अपने मकानों को टूटता हुए देखते रहे। मकान के अलावा आंगन में खड़े पेड़ भी तोड़ दिए।यह कार्रवाई रेलवे की टीआरडी कॉलोनी के पास बने मकानों पर की गई। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि कॉलोनी का सौंदर्यीकरण, स्वच्छता और रेनोवेशन किया जा रहा है। इसलिए कॉलोनी से चिपके हुए मकानों को तोड़ना जरूरी है। अधिकारियों का कहना है कि नोटिस देते तो कार्रवाई करने में बहुत टाइम लगता। इसलिए कार्रवाई की गई है।

रहवासियों ने जताई नाराजी

यहां रहने वाले बेनीप्रसाद अहिरवार ने बताया कि रेलवे की टीम आई आैर कार्रवाई शुरू कर दी। न नोटिस और न किसी की तरह सूचना दी। अच्छे लाल अहिरवार का कहना था कि मकान हमारा निजी है लेकिन रेलवे के अधिकारी कह रहे हैं कि हम लोगों ने अतिक्रमण कर रखा है। गुड्डीबाई का कहना था कि रेलवे ने इससे पहले कोई जानकारी नहीं दी थी। इसलिए लोगों में हड़कंप मचा हुआ है। हमारी आंखों के सामने हमारे मकान जेसीबी से तोड़ दिए गए।

निजी जमीन को रेलवे अपनी बता रहा

रमेशकुमार पालेकर का कहना है कि कई लोगों के पूरे घर को अतिक्रमण में बता गया है। कई लोगों के मकान का अाधा हिस्सा तोड़ दिया गया है। संतोष अहिरवार का कहना था कि हमारी निजी जमीन को रेलवे अपनी जमीन बता रहा है।

70 पक्के मकान तोड़ने के लिए जारी किए गए हैं नोटिस

रेलवे ने मछली मार्केट रोड स्थित 70 से ज्यादा मकान मालिकों को नोटिस जारी किए हैं। ये नोटिस जगह खाली करने के आदेश दिए हैं। नोटिस में लिखा है कि यदि जगह खाली नहीं की गई तो रेल प्रशासन खुद हटा देगा और इसके लिए खर्च का उत्तरदायित्व रहवासी खुद होंगे। सीनियर सेक्शन इंजीनियर एचएस अहिरवाल ने बताया कि पक्के मकान हटाने के लिए नोटिस दिए गए हैं। रेलवे अपनी चिन्हित जगह पर निर्माण करेगा। इसलिए अतिक्रमण हटाना जरूरी है। रेलवे पूरे नियम से काम कर रहा है।

सफाई कराई गई है