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जैन समाज के 10वें ती

Bhaskar News Network

Apr 17, 2019, 09:30 AM IST

Vidisha News - महावीर जयंती आज

Vidisha News - mp news 10th of the jain society
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महावीर जयंती आज

जैन समाज के 10वें तीर्थंकर भगवान शीतलनाथ की गर्भ, जन्म, तप और ज्ञान कल्याणक की सिद्ध भूमि शीतलधाम में करीब 35 करोड़ रुपए की लागत से देश का पहला 108 फीट ऊंचा समवशरण मंदिर बन रहा है। साल 2012 से इसका निर्माण कार्य राजस्थान के सेंड स्टोन को तराशकर करवाया जा रहा है। साल 2020 तक इसका निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। इस समवशरण में एक साथ सभी 24 तीर्थंकरों के अलावा भगवान का पूरा दरबार रहेगा। इस समवशरण के अंदर कोई भी स्तंभ नहीं रहेगा। पत्थरों में किसी प्रकार का जोड़ नहीं लगेगा।

इसमें सीमेंट, गारे, सरिया और किसी अन्य सामग्री का इस्तेमाल भी नहीं किया गया है। शीतलधाम की 18 बीघा जमीन में पूरा मंदिर परिसर विकसित किया जा रहा है। विदिशा से भोपाल के बीच ट्रेन से जाने वाले लोगों को मंदिर का निर्माण अभी से आकर्षित करने लगा है। साल 2008 अप्रैल में आचार्यश्री विद्यासागर महाराज ने इसका शिलान्यास किया था। समाज के लोग दान की राशि एकत्रित कर मंदिर का निर्माण करवा रहे हैं। समवशरण मंदिर गोलाई के रूप में होगा। हाल के बीचों-बीच समवशरण की मुक्ति वेदी होगी जिस पर चारों दिशाओं में श्रीजी की प्रतिमा विराजमान होगी। इसके चारों ओर त्रिकाल चौबीसी की 72 जिन प्रतिमाएं विराजमान होंगी। जैन समाज की संस्कृति एवं इतिहास को सुरक्षित करने के लिए इस विशाल मंदिर का निर्माण किया जा रहा है।

दान के 35 करोड़ रुपए से शीतलधाम में बन रहा है देश का पहला 108 फीट ऊंचा समवशरण मंदिर, एक साथ विराजेंगे सभी तीर्थकर

दिगंबर जैन छोटा मंदिर किला अंदर से चल समारोह आज सुबह 7.15 बजे निकलेगा

राजस्थान के लाल पत्थरों से हो रहा है मंदिर का निर्माण

मंदिर का निर्माण राजस्थान के वंशी पहाड़पुर के लाल पत्थरों से हो रहा है। मंदिर में लगने वाले पत्थरों पर बारीकी नक्काशी की जा रही है। 2 लाख घन फीट पत्थर से मंदिर का निर्माण होगा। नींव में ही 3325 ट्रक अलंगे, रेत, जीरो गिट्टी, एवं पत्थर लग चुके हैं।

समवशरण में लगता है दरबार धर्म सभा में 12 जीव होते हैं

जैन समाज के प्रवक्ता अविनाश जैन बताते हैं कि समवशरण में भगवान का दरबार लगता है। इसमें दिव्य ध्वनि गुंजित होती है। इसमें सभी मुनियों, श्रावकों के साथ सभी प्रकार के जीव-जंतु भी विद्यान रहते हैं। जब भगवान को कैवल्य ज्ञान की प्राप्ति हो जाती हैं तो समवशरण में उनके गणधरों द्वारा जो भगवान की दिव्य ध्वनि आती है, उसे समझकर उस वाणी को जिसे सभा में यदि समझ नहीं आती है तो उस जीव को उसकी भाषा में समझाया जाता है। इस धर्म सभा में सभी 12 सभा के जीव होते हैं।

हरीपुरा स्थित शीतल धाम मंदिर परिसर में भव्य विशाल समव शरण मंदिर का कार्य जोरों पर। फोटो सीताराम मालवीय

मंदिर निर्माण के लिए 150 कारीगर कर रहे हैं

समवशरण मंदिर की ऊंचाई 108 फीट रहेगी। साथ ही मंदिर का व्यास 160 फीट है। मंदिर के निर्माण में लागत करीब 35 करोड़ आएगी। मंदिर में 150 कारीगर काम कर रहे हैं। 108 फीट ऊंचे मान स्तंभ भी बनेंगे। एक सहस्त्रकूट जिनालय बनेगा। गोलाकार हॉल के बाहर चारों तरफ 12 फीट की चौड़ी परिक्रमा दालान होगी जो 108 अलंकृत स्तंभों से पूर्ण होगी। समवशरण भारत की संसद जैसा दिखेगा।

अक्षरधाम मंदिर दिल्ली के आर्किटेक्ट ने किया डिजाइन

समवशरण मंदिर का डिजाइन अक्षरधाम मंदिर दिल्ली के आर्किटेक्ट प्रसिद्ध वास्तुविद वीके त्रिवेदी ने किया है। श्री त्रिवेदी द्वारा अक्षरधाम मंदिर की डिजाइन को पूरी दुनिया में सराहना मिली है। मंदिर के निर्माण में रिएक्टर स्केल पर 8 मैग्निट्यूड के भूकंप निरोधी तकनीक का प्रयोग किया गया है। मंदिर की नींव जमीन से 27 फीट गहरी है जिसमें लगभग 250 पिलर भरे गए हैं। मंदिर से जुड़े इंजीनियरों का दावा है कि ऐसी नींव शायद विश्व के बहुत कम भवनों की है।

महावीर के चरण नहीं आचरण को छुओ: मुनि पवित्र सागर

जैन भवन किरी मोहल्ला में विराजे पवित्र सागर महाराज ने कहा कि भगवान महावीर के अहिंसा, सत्य, अचौर्य, ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह आदि पांचों सिद्धांत आज भी प्रासंगिक हैं। वे जैन धर्म के संस्थापक नहीं बल्कि प्रचारक हैं। भले ही मंदिर में जाकर भगवान महावीर की प्रतिमा के चरण मत छुओ लेकिन उनके आचरण जरूर छूने का प्रयास करो। इन पांचों सिद्धांतों की सुरक्षा जरूरी है। आज की पीढ़ी इन सिद्धांतों का पालन नहीं कर रही है।

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500 से अधिक बीमार गायों की बचाई जान:

श्री दयोदय गौशाला उदयगिरी में 800 से अधिक गोवंश का संरक्षण किया जा रहा है। पिछले साल बारिश के समय जुलाई-अगस्त में 500 से अधिक गायें खुरपका और मुंहपका रोग से ग्रस्त हो गई थीं। ऐसे में गौशाला समिति के अध्यक्ष आकाश जैन और उनकी टीम ने समाज के सहयोग से रात-दिन गोवंश की सेवा की थी। उनके उपचार के साथ अपने हाथों से भोजन और दवाई खिलाई थी।

धर्मसभाा में परिवर्तित होगा चल समारोह

बुधवार को दिगंबर जैन छोटा मंदिर किला अंदर से मुनि पवित्र सागर एवं मुनि प्रयोग सागर महाराज के संघ सान्निध्य में चल समारोह सुबह 7.15 बजे से निकाला जाएगा। जो 9 बजे माधवगंज चौक पर पहुंचेगा एवं धर्मसभा में परिवर्तित हो जाएगा। 2.30 बजे से मुनि पवित्र सागर महाराज का 31 वां दीक्षा दिवस माधवगंज स्थित पंडाल में मनेगा।

मालवीय उद्यान में 45 साल से पहले बना था श्री महावीर कीर्ति स्तंभ, चारों ओर अहिंसा संबंधी संदेश लिखे हैं

पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की राष्ट्रीय स्तर पर की गई पहल से साल 1974 में विदिशा के माधवगंज स्थित मालवीय उद्यान में भगवान महावीर के 2500वें निर्वाण महा महोत्सव के उपलक्ष्य में एक कीर्ति स्तंभ का शिलान्यास कराया गया था। इसके चारों ओर महावीर के अहिंसा संबंधी संदेश लिखे हुए हैं। 17 अप्रैल को महावीर जयंती के दो दिवसीय कार्यक्रम के पहले दिन मंगलवार को विदिशा के जैन समाज ने नगर के प्रमुख स्थानों अरिहंत विहार, किला अंदर एवं रामद्वारा से भगवान महावीर के जयकारों के साथ प्रभात फेरी निकाली। इसके बाद माधवगंज स्थित कीर्ति स्तंभ पर आए। यहां समाज के प्रमुख लोगों ने ध्वजारोहण भी किया।

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