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नपा के परिसीमन के खिलाफ भाजपा जाएगी कोर्ट

एक वर्ष पहले
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नगरपालिका के 39 वार्डों का परिसीमन हो गया है लेकिन भाजपा नेताओं को यह रास नहीं आ रहा है। इसलिए भाजपा नेता नगरपालिका विदिशा के परिसीमन के खिलाफ कोर्ट जाने की तैयारी में लगे हैं। इसके लिए भाजपा नेता वकीलों की सलाह ले रहे हैं। मप्र राजपत्र में वार्डों के परिसीमन के सूचना 19 फरवरी को प्रकाशित हो चुकी है। परिसीमन के बाद अब वार्डों के आरक्षण, जनसंख्या और क्षेत्र की तस्वीर भी बदल रही है। इससे पहले साल 2014 में वार्डों का परिसीमन के साथ ही शहर की सीमाओं का विस्तार हुआ था। इस बार वार्ड की सीमाओं में बदलाव हुआ है लेकिन सीमाओं का विस्तार नहीं किया गया है। खासबात ये है कि परिसीमन के बाद कई पार्षदों को अब नया क्षेत्र तलाशना होगा तो कुछ आरक्षण की वजह से चुनाव भी अपने वार्ड में नहीं लड़ पाएंगे। इसके अलावा राजपत्र में सूचना प्रकाशित होने के 15 दिन गुजर चुके हैं। इसलिए अब दावे और आपत्ति लगाना भी मुश्किल होगा। अब परिसीमन के बाद आबादी भी वार्डों की बदल गई है।

ले रहे हैं वकीलों से सलाह, जाएंगे कोर्ट: परिसीमन पर नपाध्यक्ष मुकेश टंडन का कहना है कि परिसीमन की जरूरत नहीं थी। गलत तरीके से परिसीमन हुआ है। इसके खिलाफ हम कोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं। इसलिए वकीलों से सलाह ले रहे हैं।

साल 2015 के पहले भी हुआ था परिसीमन

2014 में नपा चुनाव के पहले साल 2011 की जनगणना के मुताबिक विदिशा नपा क्षेत्र की आबादी 1 लाख 66 हजार 429 थी। उस समय हुए वार्डों के परिसीमन के दौरान 3 वार्डों को बढ़ाकर वार्डों की संख्या 36 से 39 तक की दी थी। परिसीमन में टीलाखेड़ी, मिर्जापुर और तमोरिया आदि 3 नए वार्डों का गठन किया गया था। उस परिसीमन में काफी विसंगतियां थीं। वार्डों को गोलाई में निर्धारित नहीं किया गया था। वार्डों की चतुर्दिक सीमाओं को भी नहीं सुधारा गया था। वार्डों की आबादी में भी काफी अंतर है। इसमें 3618 की आबादी के साथ वार्ड नंबर 9 शहर का सबसे छोटा वार्ड है जबकि 4920 की आबादी के साथ वार्ड नंबर 39 टीलाखेड़ी सबसे बड़ा वार्ड है।

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