- Hindi News
- National
- Vidisha News Mp News Bjp39s Stronghold Due To Scindia39s Arrival And Leadership Crisis In Congress After Strong Resignations
सिंधिया के आने से भाजपा का गढ़ और मजूबत इस्तीफों के बाद कांग्रेस में नेतृत्व का संकट
सिंधिया ने कांग्रेस छाेड़ भाजपा का दामन थामा ताे कांग्रेस में इस्तीफाें की झड़ी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष शैलेंद्र रघुवंशी समेत 120 से अधिक कांग्रेसियों ने दिया इस्तीफा
ज्योतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस छोड़ते ही जिले में भी उसका असर दिखाई देने लगा है। प्रमुख नेताओं और उनके समर्थक कार्यकर्ताओं द्वारा इस्तीफों की झड़ी लग गई है। इससे राजनीतिक समीकरण बड़ी तेजी से बदलने लगे हैं।
सिंधिया के इस्तीफा देने के पक्ष में विदिशा जिला कांग्रेस अध्यक्ष शैलेंद्र सिंह रघुवंशी, प्रदेश कांग्रेस महामंत्री संजय सिंह रघुवंशी गजार, पूर्व मंत्री रघुवीरसिंह सूर्यवंशी, पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष, मध्यप्रदेश विकास कांग्रेस पार्टी के पूर्व संस्थापक अध्यक्ष, महाराज जीवाजीराव एजुकेशन सोसायटी के सेक्रेटरी डाॅ. लक्ष्मीकांत मरखेड़कर सहित 120 से अधिक कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस्तीफा देने का दावा किया है। यह नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के कट्टर समर्थक माने जाते हैं । डेढ़ साल पहले सिंधिया के प्रयासों से ही शैलेंद्र सिंह रघुवंशी को विदिशा जिला कांग्रेस अध्यक्ष नियुक्त किया गया था।
हमेशा सिंधिया के साथ रहे मरखेड़कर
पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष डा. लक्ष्मीकांत मरखेड़कर के नेतृत्व में विदिशा जिले के सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस छोड़ने का दावा किया है। डा. मरखेड़कर ने कुरवाई के भौरासा रेस्ट हाउस पर पत्रकारों से चर्चा करते हुए दी। जनहित के मुद्दों को दरकिनार करने के कारण आखिर सिंधिया को देश हित में कांग्रेस पार्टी छोड़ना पड़ी। कांग्रेस छोड़ने वालों में प्रमुख रूप से वरिष्ठ कांग्रेसी नेता पंकज एलिया, जिला कांग्रेस के कार्यवाहक अध्यक्ष कल्याण सिंह नागौरी, पूर्व युवक कांग्रेस अध्यक्ष राजतिलक कटारे, पूर्व युवक कांग्रेस उपाध्यक्ष जगदीश व्यास, राजकुमार रघुवंशी, शीतल महाराज, हजारीलाल आदि शामिल हैं।
भाजपा का गढ़ है विदिशा जिला, अब कांग्रेस को कड़ी चुनौती मिलेगी
जिला कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में गंजबासौदा के रहने वाले शैलेंद्र सिंह की नियुक्ति ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रयासों से ही 23 अक्टूबर 2018 में हुई थी। नवंबर-दिसंबर 2018 में प्रदेश में विधानसभा चुनाव तथा मई 2018 में लोकसभा चुनाव उनके ही नेतृत्व में जिले में लड़ा गया। विदिशा में विधानसभा की 5 में से सिरोंज, कुरवाई, गंजबासौदा तथा शमशाबाद में भाजपा तथा विधानसभा सीट पर कांग्रेस काबिज है। कुरवाई और शमशाबाद विधानसभा क्षेत्रों में सिंधिया समर्थक कार्यकर्ता बड़ी संख्या में हैं। रघुवंशी ने सिंधिया के इस्तीफे बाद जिला कांग्रेस कमेटी से 80, किसान कांग्रेस से 20, महिला कांग्रेस से 20 कार्यकर्ताओं सहित 120 से अधिक कार्यकर्ताओं द्वारा कांग्रेस से इस्तीफा देने का दावा किया है। श्री रघुवंशी ने कहा कि अन्य कार्यकर्ता अभी ऊपर से आदेश मिलने के इंतजार में हैं। इसके बाद बड़ी संख्या में इस्तीफे होंगे। अभी भविष्य के बारे में सोचा नहीं है। वहीं विदिशा जिला भाजपा का गढ़ माना जाता है अब कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ जाएंगी।
खुशी...भाजपा मजबूत होगी: जिलाध्यक्ष,
सिंधिया के भाजपा में शामिल होने के बाद बदले समीकरण को लेकर विदिशा भाजपा जिलाध्यक्ष डा. राकेश जादौन ने कहा कि सिंधिया और उनके समर्थकों के बड़ी संख्या में भाजपा में आने से हमारी ताकत और मजबूती बढ़ेगी।
कई कांग्रेसी वेट एंड वाच की स्थिति में
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री संजय रघुवंशी गजार ने भी सिंधिया के समर्थन में अपना इस्तीफा भेज दिया है। उनका कहना है कि हम महाराज के निर्णय के साथ हैं। बुधवार को ग्वालियर महल से आदेश मिला है कि कार्यकर्ताओं के भाजपा में प्रवेश की अभी रूपरेखा बनाई जा रही है। इसमें ग्वालियर महल अथवा भोपाल कार्यालय में सदस्यता दिलाने की तैयारी चल रही है। कुल मिलाकर अभी वेट एंड वाच की स्थिति है।
द ग्रेट एमपी पॉलिटिकल ड्रामा
पिता के बाद बेटे ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ पार्टी छोड़ी पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत मरखेड़कर ने
स्व. माधवराव सिंधिया के साथ लक्ष्मीकांत मरखेड़कर।
सिंधिया की उपेक्षा से दिया इस्तीफा: सूर्यवंशी
कुरवाई| पूर्व राज्यमंत्री रघुवीर सिंह सूर्यवंशी ने भी ज्योतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस छोड़ने पर पत्रकारों के समक्ष कांग्रेस छोड़ने की घोषणा की है। उनके साथ वरिष्ठ कांग्रेस नेता दीप सिंह रघुवंशी गजार वाले, पूर्व ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष बृजेश तिवारी, अशोक सिंह राजपूत, राजू सिंह दांगी खिरिया खेड़ा सहित अनेक कांग्रेसी नेताओं ने भी कांग्रेस छोड़ने की घोषणा की है। उपेक्षा के चलते इस्तीफा दिया गया है।
गुस्सा...सिंधिया ने विश्वासघात किया: शर्मा
पूर्व सांसद प्रतापभानु शर्मा एक समय ज्योतिरादित्य सिंधिया के खास समर्थकों में माने जाते थे। उनका कहना है कि सरकार को प्रदेश की जनता ने विश्वास के साथ बनाया था, लेकिन सिंधिया ने जनता के साथ विश्वासघात किया। कांग्रेस ने उन्हें कई महत्वपूर्ण पदों पर बैठाया और आखिर में उन्होंने सोनिया गांधी और राहुल गांधी का विश्वास तोड़ा। अब कांग्रेस में गुटबाजी खत्म होगी।