पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • Vidisha News Mp News Commendable Initiative Gokashtha Is Distributing Environmental Enthusiasts For Not Cutting Green Trees For Holika Dahan

सराहनीय पहल... होलिका दहन के लिए हरे पेड़ ना कटे इसके लिए पर्यावरणप्रेमी बांट रहे गोकाष्ठ

एक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

विदिशा| हर वर्ष होलिका दहन पर की जाने वाली सैकड़ों हरे पेड़ों की कटाई इस बार ना हो इसके लिए इस बार होलिका दहन को लेकर नगर के नीरज चौरसिया ने सराहनीय कदम उठाया है। उन्होंने होलिका दहन आयोजन समितियों से हरे पेड़ों की बलि देकर होलिका दहन नहीं करने की अपील की।

शनिवार को किला अंदर स्थित बालाजी मंदिर होलिका दहन समिति को गो काष्ठ देकर पेड़ों को न काटने की अपील की। मठाधीश पं कैलाशनारायण चतुर्वेदी, विशाल चतुर्वेदी, मोनी, अमन, वैभव सहित स्थानीय महिलाओं ने भी होली में गो काष्ठ और कंडों का ही उपयोग करने की बात कही। साथ उन्होंने नगरवासियों से वैदिक पद्धति से होलिका दहन करने के लिए भी आग्रह किया है। गोबर के कंडों के साथ ही विभिन्न वृक्षों के तनों पत्तियों व औषधियों को गाय के देशी घी में मिलाकर होलिका दहन के दौरान आहुतियां देने वाली पद्धति को वैदिक पद्धति होलिका दहन कहा जाता है। विशाल ने बताया कि एक ही तिथि व समय में सार्वजनिक रूप से गोबर के कंडों से वैदिक पद्धति से होलिका दहन करने से पर्यावरण शुद्ध होने के साथ ही कोरोना जैसे कई प्रकार की संक्रामक बीमारियों के वायरस मर जाएंगे और आमजन निरोगी रह सकेगा। वैदिक पद्धति द्वारा होलिका दहन व आहुति पश्चात अग्नि प्रदक्षिणा करने से शरीर में बढ़े कफ दोष का शमन होगा। होलिका दहन के दौरान भीमसेनी कपूर, जायफल, गूगल, गोखरू सहित अन्य दिव्य औषधियों को देशी गाय के घी से मिलाकर प्रति व्यक्ति दाहिने हाथ से सात बार गायत्री मंत्र से आहुतियां दे तो पर्यावरण शुद्ध होगा।
खबरें और भी हैं...