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कई बार कह चुके हैं यहां न डालो कचरा, लेकिन डायलसिस सेंटर कर्मचारी मानते ही नहीं : बीएमओ
रविवार को पुराने शासकीय जन चिकित्सालय परिसर में शहरी कोल्ड चैन डिपो के सामने फैले कचरे और गंदगी को लेकर बीएमओ बोले कि कई बार कह चुके हैं, कंटेनर रखकर उसी में कचरा डालो। लेकिन कर्मचारी सुनने को तैयार नहीं हैं। रोज डायलसिस सेंटर का कचरा परिसर में खुला पटक जाते हैं। हवा से इधर उधर फैल जाता है। नपा सफाई में सहयोग नहीं करती। पुराने अस्पताल परिसर में गंदगी और कचरे के कारण खड़ा होना भी मुश्किल हो रहा है।
इसी प्रांगण में बीएमओ का ऑफिस है। उसी के सामने ऐसी ही गंदगी पसरी रहती है। रोगियों के लिए उपयोग की जाने वाली सामग्री खुले में पड़ी रहने से संक्रमण का खतरा रहता है। इसी कचरे के कुछ दूरी पर मरीजों के साथ आने वाले लोगों के लिए भोजनालय चलता है। इधर इन दिनों केंद्र सरकार से लेकर प्रदेश सरकार के लिए कोरोना वायरस को लेकर परेशान है। उसको लेकर जनजागरण अभियान चला रही है। दूसरी तरफ संक्रमण फैलाने वाले कचरे को लेकर लापरवाही मरीजों के साथ नागरिकों को भारी पड़ सकती है।
बीएमओ के ऑफिस के सामने ही ऐसी ही गंदगी पसरी रहती है, खड़े होना तक मुश्किल
इस कचरे को नष्ट किया जाना चाहिए
पुराने अस्पताल परिसर में बीएमओ कार्यालय, शहरी कोल्ड चैन कक्ष, आयुष केंद्र, डायलसिस सेंटर, भोजनालय और कर्मचारियों व डाक्टरों के आवास है। लेकिन कहीं भी कचरा कंटेनर नहीं है। डायलसिस सेटर में उपयोग किए जाने वाली सारी कार्टन, पट्टियां, डिस्पोजल सामग्री, इंजेक्शन, डिस्पोजल सीरेंज, रेपर आदि खुले में पड़े रहते हैं। हवा और सुअर उसे पूरे परिसर में बिखेर देते हैं। जबकि नियम अनुसार इस सामग्री को कंटेनर में डालना चाहिए या उसे नष्ट किया जाना चाहिए।
समिति चलाती है सेंटर
अस्पताल परिसर में स्थित डायलसिस सेंटर चेतना सेवा समिति द्वारा संचालित किया जाता है। यह सरकारी अस्पताल के डाक्टर की देखरेख में चलता है। इसमें तीन डायलसिस मशीनें हैं। कर्मचारियों को समिति द्वारा ही भुगतान दिया जाता है।
कंटेनर तक नहीं है परिसर में : पुराने अस्पताल परिसर में कचरा डालने के लिए कंटेनर नहीं रखे गए हैं। इससे कचरा बंद पड़े डाक्टर के पुराने आवास के सामने डाला जा रहा है। इसी आवास से सटकर मरीजों के लिए नागरिक सेवा समिति भोजनालय चलाती है। कई मरीजों के परिजन भोजनालय के सामने बैठकर भोजन करते हैं।
जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे
नगर पालिका सीएमओ सुधीर उपाध्याय का कहना है शासकीय अस्पताल और परिसर में सफाई व्यवस्था का दायित्व अस्पताल प्रशासन का है। सफाई के लिए उनके अपने कर्मचारी हैं। लेकिन वह अपनी खुद की जिम्मेदारी नगर पालिका पर टालकर पल्ला झाड़ने की कोशिश करते हैं। नपा के कर्मचारियों को नगर की सफाई से ही फुर्सत नहीं मिल पाती।
नपा को पत्र लिखने के बावजूद सहयोग नहीं कर रहे
डा. रविंद्र चिढ़ार, बीएमओ शासकीय जनचिकित्सालय गंजबासौदा।
शासकीय राजीव गांधी जन चिकित्सालय परिसर में लगा कचरे का ढेर।