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आकाशवाणी सुनकर राजा कंस क्रोध में देवकी को मारने पीछे दौड़े: पं. शास्त्री

एक वर्ष पहले
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खामखेड़ा गजार गांव में चल रही सात दिवसीय संगीतमय भागवत कथा के चौथे दिन भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव धूमधाम के साथ मनाया गया। इस अवसर पर पंडाल को गुब्बारों और फूलों से सजाया गया। पूरे गांव में उत्साह का माहौल बना रहा। कथा स्थल पर श्रद्धालुओं को कथा सुनाते हुए कथा व्यास कुलदीप कृष्ण शास्त्री ने कहा कि द्वापर युग में पृथ्वी पर राक्षसों के अत्याचार बढ़ने लगे थे। पृथ्वी गाय का रूप धारण कर अपनी कथा सुनाने के लिए तथा उद्धार के लिए ब्रह्माजी के पास गई। महाराज श्री ने कहा कि पृथ्वी पर पाप कर्म बहुत बढ़ गए यह देखकर सभी देवता भी बहुत चिंतित थे और इसी चिंता के कारण भगवान ने अपनी लीला रची। महाराज कुलदीप कृष्ण ने कहा कि मथुरा का राजा कंस अपनी बहन देवकी से बहुत स्नेह करता था लेकिन जब कंस देवकी के विवाह के बाद उसे विदा करने के लिए रथ के साथ जा रहा था तो आकाशवाणी हुई कि देवकी का आठवां पुत्र तेरा संहार करेगा। आकाशवाणी की बात सुनकर राजा कंस क्रोध से भरकर देवकी को मारने के लिए दौड़ा।

तुम्हे देवकी से तो कोई भय नहीं है

महाराज श्री ने कहा कि वासु देवजी ने कंस को समझाया कि तुम्हे देवकी से तो कोई भय नहीं है मैं अपने हर पुत्र को तुम्हें सौंप दूंगा। वासुदेव झूठ नहीं बोलते थे। कंस ने वासुदेव जी की बात स्वीकार कर ली पर उसने वासुदेव और देवकी को कारागार में बन्द कर दिया और सख्त पहरा लगवा दिया था। कथा व्यास कुलदीप कृष्ण ने कहा कि भगवान की लीलाओं को आखिर कौन रोक सकता है। भगवान ने कारागार में ही देवकी के आठवें पुत्र के रूप में कारागार में ही जन्म लिया और कंस के अत्याचार से सबको मुक्ति दिलाई। इस अवसर बधाई भजनों पर श्रद्धालु खुद को थिरकने से नहीं रोक सके। पंडित संजू महाराज ने बताया कि कथा के पांचवें दिन सोमवार को भगवान की बाल लीलाओं के प्रसंग पर कथा का वाचन होगा। इस अवसर पर आयोजन समिति के अमान सिंह, रामसिंह, रुप सिंह महेंद्रसिंह रघुवंशी, सौदान सिंह रघुवंशी, जसवंत सिंह, लखन सिंह, पंडित गणेशराम शर्मा, पंडित प्रकाश शर्मा, पंडित केदार शर्मा, पंडित सतीश शर्मा, पंडित ललित शर्मा सहित सभी ग्रामीण बड़ी संख्या में कथा सुनने पहुंचे। कथा का समापन 11 मार्च को किया जाएगा। इस अवसर पर पूर्णाहुति एवं प्रसादी का वितरण किया जाएगा।

पंडाल को गुब्बारों और फूलों से सजाया गया था, पूरे गांव में रहा उत्साह का माहौल

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