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13 किमी लंबी सड़क पर गड्ढे ही गड्ढे, 15 मिनट के सफर में लग रहा 1 घंटे का समय
विकासखंड में 2 कराेड़ 75 लाख रुपए की लागत से इमलावदा गांव से कालापाठा के बीच बनी 13 किमी लंबी सड़क का छह गांवों के ग्रामीण एक साल भी ढंग से उपयोग नहीं कर पाए। एक साल में ही गड्ढों में बदल गई। हालात यह हैं कि सड़क पर दो लेकर तीन फीट तक चौड़े गड्ढे हो गए हैं। सड़क पर हुए गड्ढों के कारण सबसे अधिक परेशानी दोपहिया वाहन चालकों हो रही है। सड़क गारंटी के तहत बनाई गई थी लेकिन ठेकेदार ने निर्माण के बाद आज तक सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई। ग्रामीण अब गड्ढों में बदल चुके मार्ग से सफर करने मजबूर हैं। इससे 15 मिनट का सफर एक घंटे में तय कर पाते हैं। ग्रामीण पिछले तीन साल से सड़क मरम्मत की मांग कर रहे हैं लेकिन अब तक सड़क की मरम्मत नहीं होने से आधा दर्जन गांवों के लोगों में खासा रोष हैै।
अधिकारियों ने नहीं लिया सड़क का जायजा
चिरावठा गांव के रवि राज दांगी ने बताया कि छह साल पहले इमलावदा गांव से कालापाठा तक 13 किमी लंबी सड़क निर्माण का ठेला लोक निर्माण विभाग ने गारंटी के तहत विदिशा के देवेंद्रसिंह को दिया था। सड़क निर्माण के बाद एक साल भी नहीं टिक सकी। गारंटी के बाद भी ठेकेदार ने न तो सड़क का मेंटेनेंस कराया और न इसकी कभी मरम्मत की। लाेक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने आज तक इसका जायजा तक नहीं िलया।
सड़क की उपयोगिता समझिए... 6 गावों के ग्रामीण 3 साल से कर रहे मरम्मत की मांग
कराई जाएगी मरम्मत
}आरके सिंघई, उपयंत्री लोनिवि गंजबासौदा।
सड़क इतना खराब हो गया कि पैदल चलने में तक आ रही है दिक्कत
मोहनसिंह दांगी और मेहताब सिंह दांगी ने बताया कि 13 किमी लंबी सड़क पर कदम कदम पर दो से तीन फीट चौड़े गड्ढे उभर आए हैं। गिट्टी और धूल के अतिरिक्त कुछ दिखाई तक नहीं देता। इससे पैदल चलने में भी दिक्कत आ रही है। इसके अलावा सड़क पर दोपहिया वाहन चलाना भी काफी मुश्किल भरा साबित हो रहा है। 15 मिनट का सफर दोपहिया वाहन को पूरा करने में एक घंटे लग जाता है। इस ग्रामीण सड़क पर भारी वाहन नहीं चलते। सिर्फ किसानों के ट्रैक्टर ट्राली और दोपहिया वाहन ही चलते हैं। इससे यह मान लिया जाए कि सड़क भारी वाहनों के दबाव से उखड़ गई हो। ग्रामीणों का कहना है इसका निर्माण बेहद घटिया तौर पर किया गया। हालात यह हैं कि निर्माण के बाद लगता ही नहीं था कि इसमें डामर का उपयोग नाम मात्र के लिए किया गया था।
पांच साल से हैं ग्रामीण परेशान
सरपंच राधा शर्मा का कहना है कि छह गांवों के ग्रामीण इस सड़क की मरम्मत कराए जाने की मांग लगातार कर रहे हैं लेकिन मरम्मत पर ध्यान नहीं दिया गया। अब हालात यह हैं कि सड़क पर डामरीकरण बचा ही नहीं है। धूल और गिट्टी के अतिरिक्त कुछ दिखाई नहीं देता। इससे अब सड़क की मरम्मत भी संभव नहीं है। फिर से सड़क का पूरा निर्माण गुणवत्तापूर्ण होगा तभी सड़क पर आवागमन सुलभ हो सकेगा।
सनाई भिदवासन की सड़क के भी यही हाल
इसी प्रकार सनाई भिदवासन गांव से होकर ग्यारसपुर तक 17 किमी लंबी डामरीकृत सड़क राज लक्ष्मी कंस्ट्रक्शन कंपनी गुना द्वारा बनाई गई थी। उसने भी पांच साल तक सड़क का मेंटेनेंस नहीं किया। सड़क जगह जगह उखड़ गई है। इसके बाद भी लोक निर्माण विभाग ने उसकी जमा राशि वापस कर दी। अब सड़क लोगों के लिए आवागमन में परेशानी बन रही है।
एक साल में ही जर्जर हुआ मार्ग। जिस कारण ग्रामीणों को आने-जाने में हो रही है दिक्कत।