पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • Ganjbasoda News Mp News Rob And Underbridge To Be Built At Harddukhedi Gate Proposed In Budget

हरदूखेड़ी फाटक पर बनेगा आरओबी और अंडरब्रिज, बजट में प्रस्ताव किया शामिल

एक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

अभी एक फाटक का संचालन करने में रेलवे का एक महीने में करीब एक लाख रुपए खर्च आता

हरदूखेड़ी रेलवे फाटक क्रमांक 289 को बंद करने के लिए रेलवे ने अंडर ब्रिज के साथ आरओबी का निर्माण करेगी। पहले इस फाटक पर अंडरब्रिज का प्रस्ताव था। लेकिन इसके साथ ही आरओबी का प्रस्ताव बजट में शामिल किया गया है। इससे इस फाटक को अगले दो सालों में बंद करने का भी रास्ता साफ हो गया है।

तहसील की सीमा में बनने वाला यह चौथा और स्टेशन की सीमा का तीसरा आरओबी और अंडर ब्रिज होगा। इससे पूर्वी रेलवे कालोनी के साथ बेहलोट बायपास से जुड़े ट्रैफिक को फायदा होगा। इस बायपास पर भी दिन भर ट्रैफिक का दबाव रहता है। इसके साथ पूर्व बस्ती का लगातार विकास हो रहा है। नई कालोनियां बन रहीं हैं। इससे इस सड़क पर लगातार ट्रैफिक बढ़ रहा है।

ट्रेनों के कारण फाटक लंबे समय बंद रहता है, ऐसे में लोगों को देर तक खड़े रहना पड़ता है

ट्रैक बढ़ने से ट्रैफिक बढ़ा

बीना भोपाल के बीच तीन ट्रैक होने से इस पर ट्रेनों का यातायात भी बढ़ा है। इससे पहले की अपेक्षा फाटक ज्यादा देर तक बंद रहते हैं। जैसे ही एक ट्रेन निकलती है पीछे दूसरी ब्लाक हो जाती है। कभी कभी दोनों तरफ से एक के बाद एक ट्रेनों के आने से फाटक लंबे समय तक बंद रहता है। इससे नागरिकों सहित वाहन चालकों को देर तक खड़े रहना पड़ता है।

हरदूखेड़ी पर प्रस्तावित आरओबी व अंडरपास

एसके पाल, स्टेशन प्रबंधक गंजबासौदा।

सीमा विस्तार का प्रस्ताव

पूर्वी कॉलोनी को नपा सीमावृद्धि प्रस्ताव में शामिल किया गया है। इससे भविष्य में नपा सीमा का विस्तार होगा। वर्तमान में पिछले सात सालों के दौरान पूर्वी कॉलोनी का विकास तेजी से हुआ है। इसके अतिरिक्त लगातार कालोनियां बन रही हैं। रेलवे भी कर्मचारियों के नए आवास इसी साइड बना रहा है। इससे यातायात बढ़ रहा है। भविष्य में ट्रैफिक का दबाव ओर बढ़ेगा।

फाटक पर 1 लाख का खर्च

एक रेलवे फाटक का संचालन करने में एक महीने में एक लाख रुपए खर्च आता है। चौबीस घंटे में तीन कर्मचारियों की आठ-आठ घंटे ड्यूटी रहती है। इसके अतिरिक्त बिजली, मेंटेनेंस आदि की व्यवस्था अलग की जाती है। इसके साथ फाटकों पर रोक के बाद भी आवागमन जारी रहता है। इससे ट्रेनों की रफ्तार कम करना पड़ती है। क्योंकि दोनों तरफ 60 डिग्री का मोड़ है। इससे ज्यादा दूरी तक ड्राइवर देख नहीं पाता।

7 करोड़ रुपए होंगे खर्च

रेलवे सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार दो करोड़ अंडरब्रिज पर खर्च होगा। जबकि करीब पांच करोड़ का प्रस्ताव आरओबी के लिए रख गया है। यह पिलर आधारित बनाया जाएगा। इसको बजट में शामिल किया गया है। क्योंकि इस फाटक पर अंडरब्रिज से ट्रैफिक समस्या का समाधान संभव नहीं है।

सबसे पुराना फाटक

हरदूखेड़ी फाटक सबसे पुराना है। इसी फाटक का उपयोग पूर्वी रेलवे कॉलाेनी में रहने वाले कर्मचारियों के साथ पीडब्ल्यूआई ऑफिस के कर्मचारी भी करते हैं। इसके साथ ग्राम हरदूखेड़ी, परसोरा और काचरोद ग्राम ग्रामीणों के वाहन इसी फाटक से आते जाते हैं। इसके साथ ही त्योंदा और बरेठ रोड को जोड़ने वाले बायपास पर हैवी वाहन आते जाते हैं। इसके चलते अंडर ब्रिज निर्माण से ट्रैफिक की समस्या का हल नहीं होता। इससे छोटे आरओबी का प्रस्ताव रखा गया है।

हरदूखेड़ी रेलवे फाटक पर अंडरब्रिज और आरओबी बनेगा।
खबरें और भी हैं...