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नीलकंठ महादेव मंदिर के पट रात 2 बजे ही खोल दिए थे, नाइट विजन सीसीटीवी कैमरे से रखी गई नजर

Vidisha News - नीलकंड महादेव में दर्शन के लिए अधिक भीड़ आने से बिगड़ा ट्रैफिक नीलकंठ महादेव मंदिर पर महाशिव रात्रि एक लाख...

Feb 22, 2020, 07:11 AM IST
Ganjbasoda News - mp news the doors of the neelkanth mahadev temple were opened at 2 o39clock in the night the vision was kept with the cctv camera

नीलकंड महादेव में दर्शन के लिए अधिक भीड़ आने से बिगड़ा ट्रैफिक

नीलकंठ महादेव मंदिर पर महाशिव रात्रि एक लाख लोगों के पहुंचने का अनुमान लगाकर प्रशासन ने तैयारियां की थीं। इतने ही श्रद्धालु पूजन दर्शन अभिषेक के लिए पहुंचे। इधर हर साल की अपेक्षा ग्राम गमाकर के प्राचीन शिव मंदिर पर अधिक श्रद्धालु आने से ग्रामीणों को ही व्यवस्था संभालना पड़ी। रात दो बजे उदयपुर का नीलकंठ महादेव मंदिर महा अभिषेक के बाद श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया। इसके बाद दिन भर परिसर में बम बम भोले के स्वर लगातार सुनाई देते रहे।

मंदिर में इस बार भीड़ पर नजर रखने के लिए परिसर के चारों तरफ नाइट विजन सीसीटीवी कैमरे भी लगाए थे। केवटन नदी से मंदिर तक श्रद्धालुओं की कतारें ही कतारें दिखाई देती रहीं। इसके अतिरिक्त बासौदा, पठारी, घटेरा और
मुरादपुर मार्ग पर भीड़ व वाहनों के कारण जाम की स्थिति बनी रही। स्थिति पर नजर रखने के लिए एसडीएम मनोज नायक, एसडीओपी ज्ञान प्रकाश अग्रवाल, तहसीलदार यश वर्धन सिंह, देहात व नगर थाना प्रभारी वीरेंद्र झा, बृजेंद्र मार्स कोले कस्बे में ही डेरा जमाए हुए हैं।

हजाराें लोगों ने किए दर्शन

शुक्रवार को महाशिवरात्रि पर ग्राम उदयपुर के नीलकंठ महादेव मंदिर पर रात दो बजे से शाम तक हजाराें श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के दर्शन किए, अल सुबह से रात तक चारों तरफ हर हर महादेव के स्वर सुनाई देते रहे। शिवरात्रि पर अधिक भीड़ की संभावना से पुलिस और प्रशासन को इंतजाम के लिए कड़ी मेहनत की थी। मंदिर से केवटन नदी तक एक किलोमीटर दूर तक श्रद्धालुओं की कतारें दिखाई देती रहीं।

मंदिरों में दिन भर घंटे की आवाज़ गूंजी

नगर के विभिन्न शिवालयों में शिवरात्रि के कारण अभिषेक, पूजन और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। भगवान श्री रामदेव मंदिर परिसर में शिव अभिषेक हवन पूजन के बीच किया गया। सदर बाजार कांच मंदिर, गांधी चौक शिवालय, सावरकर चौक , मन कामेश्वर मंदिर, शीतला शक्ति धाम, पिपलेश्वर और कालाबाग सिद्धेश्वर मंदिर सहित, जले मील माता मंदिर पर हर-हर महादेव और जय भोले के स्वरों के बीच लोगों ने परिवार के साथ अनुष्ठान पूजन आदि संपन्न कराए।

भगवान शिव की झांकी सजाकर निकाली शिव बारात

गंजबासौदा| शिवरात्रि पर शिवभक्तों द्वारा ग्राम उदयपुर नील कण्ठेश्वर महादेव मंदिर व ग्राम गमाखर स्थित शिव मंदिर तक शिव बारात निकाली गई। शिव यात्रा में कई टोलियों द्वारा भगवान शिव की संजीव झांकी सजाई। झांकी को आकर्षक बनाने के लिए नंदी पर भगवान शिव को विराजमान कर निकाला गया। शिव बारात पहले शहर के मुख्य मार्गों से गुजरी उसके बाद ग्राम उदयपुर व गमाखर पहुंची। नगर से एक दर्जन से अधिक शिव बारातों का आयोजन किया गया। जिनमें सबसे अधिक बारात ग्राम उदयपुर पहुंची। पूजन अर्चना के बाद भगवान शिव को ध्वज भेंट कर सुख शांति की प्रार्थना की। ग्राम वनवा जागीर से विश्व हिन्दू परिषद द्वारा शिव बारात निकाली गई। जिसमें काफी संख्या में परिषद कार्यकर्ता व ग्रामीण शामिल हुए। उदयपुर पहुंचने पर शिव बारात व श्रद्धालुओं का कई स्थानों पर समाजसेवियों द्वारा स्वागत किया गया।

गमाखर के प्राचीन शिव मंदिर पर अधिक श्रद्धालु आने से ग्रामीणों को ही व्यवस्था संभालना पड़ी

वाहन नहीं हो सके खड़े

कस्बे के चारों तरफ दूर-दूर तक बाइक, जीप, कार, ट्रैक्टर ट्राली दिखाई दिए। उनको खड़ा करने के लिए परेशानियां झेलना पड़ीं। भीड़ के बीच फंसे वाहन को निकालने के लिए काफी मशक्कत कराना पड़ी। चालक को घंटों इंतजार करना पड़ा। जब आसपास के वाहन हटे तब कहीं रास्ता मिला।

चारों तरफ बनाए गए थे नाके

भीड़ को नियंत्रित करने प्रशासन ने गांव के तीनों तरफ एक-एक किलोमीटर दूर सड़क पर नाके बनाए थे। इससे चारपहिया वाहनों को नाकों के बाहर ही रोका गया। बासौदा से आने वाले बड़े वाहनों को केवटन नदी पर, पठारी-बामौरा से आने वाले वाहन गणेश मंदिर और घटेरा मार्ग पर महामाया मंदिर पर रोके गए। इससे यात्रियों को पैदल ही परिवार के साथ मंदिर जाना पड़ा। बरेठ रेलवे आरओबी पर वाहनों की भीड़ नियंत्रित करने पुलिस को तैनात किया गया था।

भोले के दरबार में पिंड भरते भी पहुंचे

उदयपुर जाने वाले सभी मार्गों पर दिन भर पैदल यात्री के झुंड दिखाई दिए। कई महिला, पुरुष और युवा पिंड भरते मंदिर तक पहुंचे। विश्व हिंदू परिषद ने पचमा रोड़ से शिव बारात निकाली। वहीं दूसरी तरफ स्टेशन रोड से भी श्रद्वालु भगवान भोलेनाथ की सजीव झांकी डीजे के साथ पैदल यात्रा 16 मीटर चले। दोपहर में मंदिर पहुंचकर शिव का जल अभिषेक किया।

गंजबासौदा| ग्राम गमाखर में पहाड़ी में प्राकृतिक रूप से प्रकट मंदिर का जीर्णोद्धार कराए जाने के कारण उसकी भव्यता काफी बड़ जाने से श्रद्धालुओं का आकर्षण बढ़ता जा रहा है। राजस्थान सिंकदरा के शिल्पकारों ने मंदिर के बाहरी आकार को बदल कर नया आकार दिया है। यहां श्रद्धालुओं ने गर्भगृह में ही पूजन अभिषेक किया। ऐसा माना जाता है कि जब विदिशा का राज भगवान श्रीराम के भाई शत्रुघ्न के दो पुत्र थे। इनमें सुबाहु छोटा था। इसे विदिशा का शासक नियुक्त किया था। उसने राज्य भ्रमण के दौरान गमाकर के शिव मंदिर में शिव अभिषेक किया था। शिव मंदिर की पहाड़ी के आस पास दूर दूर तक कहीं कोई पहाड़ी नहीं है। इस कटी हुई पहाड़ी के हिस्से को ध्यान से देखने पर शिव दर्शन होते हैं। आज भी मंदिर के आसपास पुरातात्विक सामग्री यत्र तत्र बिखरी पड़ी है। कई प्राचीन मूर्तियों के अवशेष पहाड़ी के आस पास मौजूद हैं।

गमाखर में प्राकृतिक रूप से प्रकट है शिवलिंग

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