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रिसर्च, पेटेंट, स्टार्टअप से ही तकनीकी संस्थानों का उत्थान: डाॅ. प्रीति

एक वर्ष पहले
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रिसर्च के लिए वित्त पोषण की जरूरत, उदाहरणांे के साथ ड्राफ्ट को लिखना भी जरूरी

टेक्निकल एक्सपर्ट विजय कुमार मक्यम ने कहा कि भारत के विश्वविद्यालयों ने प्रोफेसरों और अनुसंधान विद्वानों के रिसर्च परियोजना को समाज के व्यवसायिक रूप से लाभान्वित करने में भूमिका नहीं निभाई है। विवि में पेटेंट फाइलिंग की संख्या के साथ रिसर्च के लिए वित्त पोषण की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि कैसे पेटेंट का ड्राफ्ट तैयार किया जाना चाहिए। उदाहरणों के साथ ड्राफ्ट को लिखने की आवश्यकता है। विजयकुमार द्वारा दिए गए व्याख्यान से संस्था के प्राध्यापकों को पेपर राइटिंग एवं पेटेंट फाइलिंग में सहयोग प्राप्त होगा। इसी क्रम में संस्था के गैर-शैक्षणिक स्टाफ को भी एसपीआईयू भोपाल के मार्गदर्शन में दो दिवसीय कार्यशाला का समापन हुआ। इसमें डा. टी. कल्याना चक्रवर्ती, डा.. विजय कुमार सुखवानी ने स्टेटस मैनेजमेंट, लीडरशिप, इन्टर पर्सनल स्किल, शिष्टाचार, नैतिकता एवं मूल्य आदि विषयों पर व्याख्यान दिया।

विदिशा| एसएटीआई डिग्री में कैलाश वासी श्रीमंत माधवराव सिंधिया के 75वें जन्म दिवस के उपलक्ष्य में शुक्रवार को टेक्निकल पेपर राइटिंग एवं पेटेंट फाइलिंग विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसका समापन शुक्रवार हो गया।

इसमें बैंगलोर से आए एक्सपर्ट विजय कुमार मक्यम ने पेटेंट सर्च, पेटेंट स्पेसिफिकेशन ड्राफ्टिंग, क्लेम कंस्ट्रक्शन और टेक्नालॉजी ट्रांसफर पर अपना लेक्चर दिया। एसपीआईयू भोपाल से आई डा.प्रीति माहेश्वरी ने बताया कि संस्थान के सभी प्राध्यापक एमएचआरडी. द्वारा लिए गए सभी इनिसिएटिव का उपयोग करें। खास तौर पर डिजिटल इनिसिएटिव, सेट स्वयं, एनपीडीएल, स्वयं प्रभा, अर्पित, नेशनल डिजिटल लायब्रेरी, ई-यंत्र, रोबोटिक्स लैब, वर्चुअल लैब, स्पोकन इंगलिश, नेशनल एकेडमिक डिपोजिटरी ,ई-शोध गंगा, विद्वान इत्यादि का उपयोग डिजिटल बोर्ड के माध्यम से करें। इससे वे छात्रों का विकास, रिसर्च पेटेन्ट एवं स्टार्टअप के माध्यम से संस्थान का उत्थान कर सकते हैं। यही अपेक्षा एनपीआईयू., एमएचआरडी. ,टेक्यिुप के माध्यम से संस्थान को उत्कृष्ट संस्थान बनाने के लिए की जा सकती है।

91 संस्थाओं में एसएटीआई प्रथम: संस्था संचालक डा. जर्दा ने सभी प्राध्यापकों और स्टाफ से दो दिवसीय कार्यशाला का फीड बैक लिया। उन्होंने कहा कि संस्था टैक्यिुप- 3 के अंतर्गत 91 संस्थाओं में देश भर में प्रथम स्थान पर है। उन्होंने टेक्यिुप- 3 द्वारा संस्था को होने वाले लाभ के बारे में बताया। सभी प्रतियोगियों को प्रमाण पत्र दिए। एसपीआईयू भोपाल और सभी प्रतिभागियों को कार्यशाला के सफल आयोजन की सराहना की। कार्यक्रम का संचालन प्रो. सुमित ढिल्लन ने किया।
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