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कश्मीर: पत्थरबाज बनकर असली गुनहगारों को पकड़ रहे पुलिस के जवान, नई रणनीति से दो उपद्रवियों को दबोचा

पुलिस की नई रणनीति के डर से शुक्रवार को भीड़ ने प्रदर्शन रोक दिया

Danik Bhaskar | Sep 08, 2018, 02:06 PM IST
पुलिस के जवान पत्थरबाज बनकर असली मुजरिमों को गिरफ्तार कर रहे हैं। पुलिस के जवान पत्थरबाज बनकर असली मुजरिमों को गिरफ्तार कर रहे हैं।

- उपद्रवियों की गिरफ्तारी के बाद भीड़ में शामिल पुलिस के जवान टॉय गन से लोगों को डराते रहे
- 2010 में पुलिस ने इस रणनीति को पहली बार आजमाया था

श्रीनगर. घाटी में पत्थरबाजी रोकने के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस ने नई रणनीति तैयार की है। इसके तहत पुलिस के जवान पत्थरबाज बनकर असली मुजरिमों को गिरफ्तार कर रहे हैं। शुक्रवार को पुलिस ने यही स्ट्रैटजी अपनाकर जामा मस्जिद के पास दो ऐसे गुनहगारों को गिरफ्तार किया, जो पत्थर फेंकने वाली भीड़ का नेतृत्व कर रहे थे।
पुलिस के मुताबिक, शुक्रवार को नमाज के बाद भीड़ ने पुलिस और सीआरपीएफ के जवानों पर पथराव शुरू कर दिया। पुलिस ने शुरुआत में इसका कोई जवाब नहीं दिया। न तो तुरंत आंसू गैस के गोले छोड़े, न ही लाठीचार्ज किया।
भीड़ का नेतृत्व कर रहे दो पत्थरबाजों को पकड़ा : पथराव के कुछ देर बाद 100 से ज्यादा लोग एकजुट हो गए और दो पुराने पत्थरबाज प्रदर्शन का नेतृत्व करने लगे। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने अचानक आंसू गैस का गोला छोड़ा। इसके बाद भीड़ में शामिल किए गए अपने जवानों की मदद से दो मुख्य पत्थरबाजों को पकड़ लिया। वहीं, पत्थरबाज बनकर भीड़ में शामिल अन्य पुलिसकर्मी टॉय गन से बाकी लोगों को डराते रहे। पुलिस की नई रणनीति के डर से भीड़ ने प्रदर्शन रोक दिया। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने 2010 में पहली बार इस रणनीति पर काम किया था। उस वक्त काफी पुलिसकर्मियों को पत्थरबाजों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने के लिए लगाया गया था।

दो पत्थरबाजों को किया गिरफ्तार। दो पत्थरबाजों को किया गिरफ्तार।