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केरल: बाढ़ के एक महीने बाद ही सूखे की आशंका, नदियों-कुओं का जलस्तर तेजी से घटा

Dainik Bhaskar

Sep 13, 2018, 07:33 AM IST

राज्य के दक्षिणी हिस्से के कई जिलों में सूखे की आशंका जाहिर की

Kerala Floods: CM Pinarayi Vijayan decided to conduct scientific studies

तिरुअनंतपुरम. केरल सरकार ने बाढ़ के बाद राज्य के हालात का वैज्ञानिक अध्ययन कराने का फैसला लिया है। सरकार ने ये फैसला इसलिए लिया, क्योंकि बाढ़ के एक महीने बाद ही नदियों और कुओं का जलस्तर असामान्य तेजी से घट रहा है। विशेषज्ञों ने राज्य के दक्षिणी हिस्से के कई जिलों में सूखे की आशंका जाहिर की है। मानसूनी बारिश के दौरान केरल में पिछले महीने बाढ़ आई थी। 29 मई से अब तक इसमें जान गंवाने वालों की तादाद 491 हो चुकी है।

तेजी से बढ़ रहा है तापमान : मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने राज्य की विज्ञान, तकनीकी और पर्यावरण परिषद को एक अध्ययन के निर्देश दिए हैं, ताकि बाढ़ के बाद उपजी समस्याओं का हल खोजा जा सके। बाढ़ के बाद राज्य का तापमान तेजी से बढ़ रहा है। नदियों-कुओं के जलस्तर और भू-जल स्तर में गिरावट आई है। इन बातों को लेकर विशेषज्ञ चिंता जाहिर कर रहे हैं।

जमीन में दरारें पड़ीं, मिट्टी में भी बदलाव : जैव विविधता के लिए मशहूर वायनाड जिले से अचानक ही केंचुए गायब हो गए हैं। इसकी वजह से किसान परेशान हैं, क्योंकि मिट्टी के ढांचे में बदलाव हो रहा है और जमीन तेजी से सूख रही है। पेरियार, भारतपूजा, पंपा और कबानी समेत कई नदियों के जलस्तर में असामान्य गिरावट दर्ज की गई है, जबकि ये नदियां बाढ़ के दौरान बेकाबू हो गई थीं। कई जगहों पर जमीनों में दरार आ गई है। भौगोलिक स्थितियां बदल गई हैं। इडुक्की और वायनाड जैसे जिलों में एक किलोमीटर लंबी दरारें नजर आ रही हैं। इन जिलों में बाढ़ के दौरान कई बार भूस्खलन हुआ था।

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