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सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में सिर्फ 7 लोगों को पता था, किस वक्त हुआ था हमला ? कितनी देर में जवान ऑपरेशन पूरा कर लौट आए थे वापस ?

सर्जिकल स्ट्राइक में सेना ने किया था तेंदुए के पेशाब और मल का इस्तेमाल, दिलचस्प है वजह

Dainik Bhaskar

Sep 12, 2018, 07:35 PM IST
Leopard's urine helped the Indian Army in its surgical strike

नेशनल डेस्क. उड़ी आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना ने 29 सितंबर 2016 को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में सर्जिकल स्ट्राइक की थी। इस ऑपरेशन की अगुआई करने वाले लेफ्टिनेंट जनरल आरआर निम्भोरकर ने ऑपरेशन से जुड़ा एक किस्सा सुनाया।

- निम्भोरकर ने मंगलवार को पुणे में एक कार्यक्रम में बताया, "हमें पूरी आशंका थी कि जब हम कार्रवाई करेंगे तो जंगली कुत्ते हम पर भौकेंगे। लेकिन मुझे ये पता था कि कुत्ते तेंदुए से डरते हैं। इसलिए हम अपने साथ तेंदुए की यूरिन ले गए। हमारी योजना सफल रही। कुत्ते आगे आने से भी डरते रहे।"

सिर्फ सात लोगों को भी ऑपरेशन की जानकारी : मार्च में भी लेफ्टिनेंट जनरल आरआर निम्भोरकर ने मेरठ कॉलेज में हुए एक प्रोग्राम में सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में बताया था। उन्होंने कहा था कि ऑपरेशन इतना सीक्रेट था कि इसकी जानकारी सिर्फ सात लोगों को थी। सुबह साढ़े तीन बजे इंडियन आर्मी लक्ष्य पर पहुंच गई थी। दो घंटों में ही इंडियन आर्मी ऑपरेशन पूरा कर करीब साढ़े पांच बजे बेस कैंप में लौट आई थी।


तीन किलोमीटर घुसकर आतंकी ठिकाने किए थे ढेर : 18 सितंबर 2016 को उड़ी में सैन्य शिविर पर आतंकी हमला हुआ। 21 जवान शहीद हुए। 11 दिन बाद 29 सितंबर को भारतीय सेना ने एलओसी पार कर तीन किलोमीटर अंदर तक जाकर आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई की। सर्जिकल स्ट्राइक में रॉकेट लॉन्चर, मिसाइल और छोटे हथियार इस्तेमाल किए गए। इसी साल जून में सर्जिकल स्ट्राइक का एक वीडियो भी सामने आया था।

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