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हर किसी के लिए सबक है ये घटना...आप भी होटल, रेस्टॉरेंट या कहीं भी अपने कार्ड से करते हैं पेमेंट तो जान लीजिए ये बात, पेमेंट के लिए कार्ड लेकर ऐसे हो रहा फ्रॉड, बैंक के जरिए पुलिस ने किया पूरे मामले का खुलासा

Dainik Bhaskar

Feb 13, 2019, 01:47 PM IST

ग्राहक के खुद पेमेंट करने के बावजूद अकाउंट से ऐसे चोरी हो रहे थे पैसे, ग्राहक कर रहे थे ये एक बड़ी गलती

Burger King employee arrested for cloning customers cards
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न्यूज डेस्क। यदि आप किसी शॉप में कुछ खरीदने जा रहे हैं या किसी होटल में खाने-पीने का पेमेंट कर रहे हैं, तो अपना कार्ड देते वक्त अलर्ट रहें। दरअसल नोएडा में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसमें स्टोर का कर्मचारी ही ग्राहकों से पेमेंट के लिए कार्ड लेकर उन्हें चूना लगा रहा था। लोकल पुलिस ने नोएडा के जीआईपी मॉल में स्थित बर्गर किंग स्टोर से एक कर्मचारी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने स्टोर के पॉइंट ऑफ सेल यानी पीओएस मशीन में स्कीमिंग डिवाइस (डाटा चोरी करने वाली एक डिवाइस) लगाकर रखी थी।

इसमें ग्राहक के कार्ड का डाटा कॉपी हो जाता था। आरोपी सीसीटीवी फुटेज के जरिए पिन नंबर देख लेता था। इसके बाद यह पूरी डिटेल कार्ड क्लोनिंग रैकेट को बेच देता था। हर हफ्ते 10 से 15 हजार रुपए में यह डिटेल रैकेट को देता था। पुलिस को बैंक के जरिए यह पता चला कि ठगी की अधिकतर शिकायतें जीआईपी मॉल के बर्गर किंग से आ रही हैं। इसके बाद जांच में पूरा खुलासा हुआ। सायबर एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस तरह के फ्रॉड तब होते हैं, जब कस्टमर लापरवाह रवैया अपनाते हैं। हर कोई यह जानता है कि मॉल, शॉपिंग कॉम्पलैक्स में सीसीटीवी इंस्टॉल होते हैं। इसके बावजूद लोग पिन डालते समय उसे छुपाते नहीं। यदि पिन डालते समय एक हाथ से छुपाकर पिन डाला जाए तो पिन सीसीटीवी में रिकॉर्ड नहीं हो सकेगा।

स्कीमर एटीएम में लगाकर भी हो रही ठगी
इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (मुंबई) के सायबर सिक्योरिटी कंसल्टेंट रक्षित टंडन
ने बताया कि स्कीमर या कॉल रिकॉर्डर एक छोटी सी डिवाइस होती है। इसके जरिए कार्ड की पूरी इंफॉर्मेशन मिनटों में चुराई जा सकती है। टंडन ने मुताबिक कि कार्ड के पीछे जो काले कलर की मैग्नेटिक स्ट्रिप होती है, उसमें कार्ड की पूरी कॉन्फिडेंशियल डिटेल छुपी होती है। स्कीमर के जरिए यही इंफॉर्मेशन डिवाइस में आ जाती है। इस डिवाइस की मैमोरी में एक बार में 50 से 60 कार्ड की डिटेल सेव हो सकती है।

स्कीमर में कैसे आती है डिटेल
एटीएम मशीन से डाटा चोरी करने के लिए हैकर स्कीमर को मशीन के कार्ड रीडर स्लॉट के ऊपर लगा देते हैं। मशीन में कार्ड इंसर्टकरते ही डाटा स्कीमर में सेव हो जाता है। स्कीमर साइज, डिजाइन और रंग में बिल्कुल मशीन के कार्ड रीडर स्लॉट से मिलता-जुलता ही होता है। इसलिए अक्सर यूजर इसकी पहचान नहीं कर पाते। पब्लिक प्लेस जैसे पेट्रोल पंप, रेस्टोरेंट, होटल जैसी जगहों पर इसे ज्यादा लगाया जाता है। यह डिवाइस इतनी छोटी होती है कि इसे जेब में तक रखा जा सकता है। पिन नंबर चुराने के लिए हैकर एटीएम बूथ में हिडन कैमरा लगाते हैं।

कैमरे का फोकस होता है कीपैड पर
स्कीमर में डिटेल आने के बाद हैकर को कार्ड का पिन नंबर भी पता करना जरूरी होता है। बिना पिन के ट्रांजेक्शन नहीं हो सकता। इसलिए हैकर एटीएम बूथ के अंदर हिडेन कैमरा भी लगाते हैं। इसका फोकस मशीन के कीपैड पर होता है। यूजर जैसे ही पिन डालता है, उसकी रिकॉर्डिंग कैमरे में हो जाती है। कार्ड की डिटेल स्कीमर में आ जाती हैं। स्कीमर को हैकर हैकर लैपटॉप या कम्प्यूटर से कनेक्ट कर उसमें सेव डाटा ले लेते हैं। डिटेल आने के बाद कार्ड का क्लोन (नकली कार्ड) तैयार किया जाता है।

एटीएम से पैसे निकालते वक्त इन बातों का रखें ध्यान
- एटीएम से पैसे निकालते वक्त हाथ ढंककर पिन डालें।
- सिक्योर्ड एरिया में स्थित एटीएम से ही लेनदेन करें। कभी भी एकांत जगह में स्थित एटीएम से पैसे न निकालें।
- एटीएम स्लॉट में कार्ड डालने से पहले उसे चेक करें। ध्यान दें कि स्लॉट के आसपास कहीं गोंद या फेविकॉल तो नहीं दिख रहा। इसी के जरिए स्कीमर सेट किया जाता है।
- बैंक अब कार्ड को एक्टिवेट और डीएक्टिवेट करने की सुविधा दे रहे हैं। ऐसे में जब कार्ड का यूज न हो उसे ई-बैंकिंग के जरिए डीएक्टिवेट कर दें।

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