विधानसभा चुनाव: चुनाव के समय आप जिस आचार संहिता का नाम बार-बार सुनते हैं आखिर वो होती क्या है, जिसके लागू होते ही केंद्र से लेकर राज्य सरकारों तक के बंध जाते हैं हाथ / विधानसभा चुनाव: चुनाव के समय आप जिस आचार संहिता का नाम बार-बार सुनते हैं आखिर वो होती क्या है, जिसके लागू होते ही केंद्र से लेकर राज्य सरकारों तक के बंध जाते हैं हाथ

dainikbhaskar.com

Oct 06, 2018, 05:06 PM IST

आज से ये सारे काम पूरी तरह से हो गए बैन, चुनाव का एलान होते ही इन राज्यों में लागू हुई आचार संहिता

Election Commission announces election dates

न्यूज डेस्क। चुनाव आयोग ने शनिवार को 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया। छत्तीसगढ़ में 12 नवंबर और 20 नवंबर को वोट डाले जाएंगे। मध्यप्रदेश और मिजोरम में 28 नवंबर को वोटिंग होगी। वहीं, राजस्थान और तेलंगाना में 7 दिसंबर को मतदान होगा। सभी राज्यों के नतीजों का ऐलान 11 दिसंबर को किया जाएगा। चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही इन राज्यों में अब आचार संहिता भी लागू हो गई है। अब आचार संहिता लगे रहने तक कई काम यहां नहीं हो पाएंगे।


क्या होती है आचार संहिता
चुनाव के पहले चुनाव आयोग कुछ निर्देश जारी करता है, चुनाव खत्म होने तक हर पार्टी और उसके उम्मीदवारों को इन्हें फॉलो करना होता है। इसे आचार संहिता कहा जाता है। अगर कोई उम्मीदवार इन नियमों का पालन नहीं करता तो चुनाव आयोग उसके खिलाफ कार्रवाई कर सकता है। उसके खिलाफ एफआईआर हो सकती है। उसे चुनाव लड़ने से रोका भी जा सकता है। दोषी पाए जाने पर जेल भी जाना पड़ सकता है।

राज्यों में चुनाव की तारीखों के एलान के साथ ही वहां चुनाव आचार संहिता लागू हो जाती है। सरकारी कर्मचारी चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक निर्वाचन आयोग के कर्मचारी बन जाते हैं। वे आयोग के मातहत रहकर उसके निदेर्शों पर काम करते हैं। इसलिए आदर्श आचार संहिता लागू होते ही मप्र, छत्तीसगढ़, राजस्थान, मिजोरम और तेलंगाना में सरकार और प्रशासन पर कई अंकुश लग गए हैं।


आचार संहिता लगने के बाद क्या काम नहीं हो सकते...
- आचार संहिता लागू होने के बाद कोई घोषणा नहीं की जा सकती।
- शिलान्यास, लोकार्पण या भूमिपूजन नहीं किया जा सकते।
- सरकार खर्च से ऐसा कोई आयोजन नहीं किया जा सकता, जिसमें किसी एक दल को फायदा पहुंच रहा हो।
- धार्मिक स्थानों का उपयोग चुनाव प्रचार के मंच के रूप में नहीं किया जा सकेगा।
- मंत्री शासकीय दौरों के दौरान चुनाव प्रचार के कार्य नहीं कर सकेंगे।
- मंत्री सरकारी गाड़ी या एयर क्राफ्ट का इस्तेमाल नहीं कर सकते।
- मतदान केंद्रों पर गैर जरूरी भीड़ जमा नहीं हो सकती।
- प्रत्याशी, राजनीतिक पार्टी को रैली निकालने, जुलूस निकालने या मीटिंग करने के लिए पुलिस की इजाजत लेनी होगी।
- सरकार बंगले या सरकारी पैसे का इस्तेमाल चुनाव प्रचार के दौरान नहीं किया जा सकता।
- राजनीतिक दलों को आयोजनों की सूचना पहले पुलिस को देना होगी।
- किसी के पास 50 हजार से ज्यादा नगद और 10 हजार से ज्यादा का गिफ्ट चुनाव सामग्री के साथ मिला तो कार्रवाई होगी।
- अब तबादलों पर पूरी तरह से बैन रहेगा। चुनाव आयोग की परमीशन से ही तबादले हो सकेंगे।
- मंत्री सरकारी खर्च पर होने वाले धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में अतिथि के तौर पर शामिल नहीं हो सकेंगे।

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