• Hindi News
  • National
  • Jammu And Kashmir Terror Attack Live Updates: Pulwama Attack Today: 20 CRPF Jawans Martyred In Terror Attack: Know Everything About Indian Paramilitary Forces: Dainik Bhaskar News In Hindi:

CRPF Pulwama Terror attack 2019: पुलवामा आंतकी हमले में 20 जवान शहीद : भारत की पैरामिलिट्री फोर्सेज में हैं 10 लाख से ज्यादा जवान, जिस CRPF के जवान हुए शहीद, उस फोर्स के जवान दिनरात जागकर हमें सुरक्षा प्रदान करने में लगे हैं...

4 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

न्यूज डेस्क। जम्मू एवं कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर बड़ा आतंकी हमला हुआ है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अब तक इसमें 20 जवानों की जान जा चुकी है। इस हमले में उड़ी से भी ज्यादा जवान शहीद हो गए। बता दें कि सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) पैरामिलिट्री फोर्स में आती है। CRPF के अलावा पैरामिलिट्री फोर्स में सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स (CISF),सशस्त्र सीमा बल (SSB),असम राइफल्स (AR), इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस (ITBP), नेशनल सिक्योरिटी गार्ड्स (NSG) और बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) आती हैं।
इनमें 10 लाख से भी ज्यादा जवान नियुक्ति हैं, जो दिनरात देश की रक्षा में लगे रहते हैं। जानिए किस फोर्स का क्या रोल है।

बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF)
- 1965 में हुए इंडो-पाकिस्तान युद्ध के बाद बीएसएफ अस्तित्व में आया। इसे देश की बॉर्डर की सिक्योरिटी के लिए गठित किया गया है। ढाई लाख से ज्यादा जवान बीएसएफ में नियुक्त हैं। इसे भारत की रक्षा की पहली दीवार भी कहा जाता है।

सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स (CISF)
- सीआईएसएफ का काम पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग्स को सुरक्षा प्रदान करना है। अभी 300 से ज्यादा इंडस्ट्रियल यूनिट्स को यह सुरक्षा प्रदान कर रही है।

सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF)
- सीआरपीएफ आंतरिक सुरक्षा का काम करती है। नक्सल ऑपरेशन को अंजाम देना हो या लॉ एंड ऑर्डर मेंटेन करना हो, यह काम सीआरपीएफ द्वारा किया जाता है। बीएसएफ के पहले सीआरपीएफ ही इंडिया-पाकिस्तान बॉर्डर की सुरक्षा करती थी।

इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस (ITBP)
- इसे 1962 में इंडिया-चाइन वार के समय बनाया गया था। सीआरपीएफ एक्ट के तहत ही ITBP का निर्माण किया गया है। नॉर्थर्न बॉर्डर की देखरेख का काम इसी फोर्स का है। इलिगल इमीग्रेशन,ट्रांस-बॉर्डर स्मलिंग को रोकने का काम भी यह फोर्स करती है।

नेशनल सिक्योरिटी गार्ड्स (NSG)
- इंदिरा गांधी की हत्या के बाद एनएसजी का गठन किया गया था। इसके जवानों को ब्लैक कैट्स के तौर पर भी जाना जाता है।

सशस्त्र सीमा बल (SSB)
- इसे 1963 में इस्टैबलिश किया गया था। एसएसबी इंडो-नेपाल और इंडो-भूटान बॉर्डर पर सुरक्षा मुहैया करवाती है। 2014 के बाद इसमें महिलाओं की भी कॉम्बेट ऑफिसर के तौर पर नियुक्ति को भी हरी झंडी दे दी गई थी।

सीआरपीएफ और मजबूत होकर उभरेगी...

कश्मीर में भारत विरोधी गतिविधियों को रोकने और आतंकियों के खात्मे में सीआरपीएफ के जवानों की अहम भूमिका निभाती है। चाहे अमरनाथ यात्रा हो या फिर मोहर्रम, सीआरपीएफ के जवान पूरी देशभक्ति के साथ अपनी ड्यूटी निभाते हैं। कश्मीर जितना खूबसूरत है, उतना ही खूंखार भी, खासतौर पर ठंड के दिनों में जब यहां तापमान शून्य से 20 डिग्री नीचे तक चला जाता है। आज बुधवार के दिन जब आतंकियों ने खून की होली खेलने का मंसूबा बनाया तो उनके इरादे भारत के इन्हीं देशभक्त जवानों पर छुपकर वार करने का था। हालांकि पूरे देश को आशा है इस कायराना हमले से सीआरपीएफ और मजबूत होकर उभरेगी, क्योंकि हमें अपने इन जवानों पर हमेशा गर्व था और हमेशा रहेगा।