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अब खत्म हुई ड्राइविंग लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन जैसे डॉक्युमेंट्स साथ रखने की झंझट, केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों के लिए जारी किए निर्देश

3 वर्ष पहले
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न्यूज डेस्क। बुधवार को मिनिस्ट्री ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट एंड हाइवेज ने स्टेंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) जारी कर दिया। इसके बाद व्हीकल ऑनर्स को रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट, ड्राइविंग लाइसेंस, इंश्योरेंस सर्टिफिकेट, फिटनेस और परमिट, पॉल्युशन सर्टिफिकेट की फिजिकली कॉपी रखना जरूरी नहीं रह गया है।

वाहन चालक Digilocker ऐप या mParivahan ऐप में इन डॉक्युमेंट्स को स्टोर कर सकते हैं और पुलिस वेरिफिकेशन समय दिखा सकते हैं। इन ऐप्स के जरिए डॉक्युमेंट्स को डाउनलोड कर फोन में स्टोर किया जा सकता है। केंद्र सरकार ने राज्यों को निर्देश दिए हैं कि सभी एजेंसियों को इन डिजिटल डॉक्युमेंट्स स्वीकार्य करने के निर्देश दें।

रियल टाइम में एक्सेस होंगे डॉक्युमेंट्स
- mParivahan ऐप को एनआईसी द्वारा डेवलप किया गया है। इसके जरिए सभी डॉक्युमेंट्स का एक्सेस रियल टाइम में लिया जा सकता है।
- वहीं Digilocker को मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी द्वारा डेवलप किया गया है।
- इन प्लेटफॉर्म पर मौजूदा डाटा अब कानूनी तौर पर वैध है। इसका आईटी एक्ट, 2000 में प्रावधान है।
- यह स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी के पास इन डॉक्युमेंट्स की इलेक्ट्रॉनिक कॉपी नहीं होगी तो उन्हें हार्ड कॉपी दिखाना होगी।
- इंफोर्समेंट एजेंसी eChallan ऐप के जरिए इन डिटेल्स को एक्सेस कर सकती हैं। इसके जरिए ऑनलाइन ही डॉक्युमेंट्स का वेरिफिकेशन कर सकती हैं। लाइसेंस का स्टेट्स भी जान सकती हैं।

- मोटर व्हीकल एक्ट के रूल 139 के तहत वाहन चालक को यह सभी डॉक्युमेंट्स वाहन चलाते वक्त अपने साथ रखना जरूरी हैं और पुलिस या अन्य किसी सरकारी एजेंसी के कहने पर इन्हें दिखाना भी अनिवार्य है।

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