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दहेज प्रताड़ना के मामले में अब आरोपियों की तुरंत हो सकती है गिरफ्तारी, सुप्रीम कोर्ट ने पिछले आदेश में सुधार किया

कोर्ट ने कहा- आरोपियों के लिए खुला है अग्रिम जमानत का विकल्प

Danik Bhaskar | Sep 14, 2018, 06:13 PM IST

  • सुप्रीम कोर्ट ने जुलाई में दिए अपने आदेश में सुधार किया
  • पहले भी पुलिस को ही था गिरफ्तारी तय करने का अधिकार

नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने आईपीसी की धारा 498ए यानी दहेज प्रताड़ना को लेकर पिछले साल जुलाई में दिए गए अपने आदेश में सुधार किया है। अब ऐसे मामलों में आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी हो सकती है। सुप्रीम कोर्ट की दो जजों की बेंच ने आदेश में आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी। दो जजों की बेंच के फैसले पर चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अगुआई वाली तीन जजों की बेंच सहमत नहीं थी। कोर्ट ने इस पर दोबारा विचार किया और 23 अप्रैल को फैसला सुरक्षित रख लिया था।

सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की बेंच ने फैसले में बदलाव करते हुए कहा कि पीड़ित की सुरक्षा के लिए ऐसा करना जरूरी है। कोर्ट ने आगे कहा कि आरोपियों के लिए अग्रिम जमानत का विकल्प खुला है। कोर्ट ने पिछले आदेश में कहा था कि दहेज प्रताड़ना के मामलों को देखने के लिए हर जिले में एक परिवार कल्याण समिति बनाई जाए। जिसकी रिपोर्ट पर ही आरोपियों की गिरफ्तारी होनी चाहिए। अब सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि परिवार कल्याण समिति की जरूरत नहीं है।