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रेलवे ने स्टेशनों पर सुविधाएं बढ़ाने में कंपनियों की मदद लेने के लिए वेब पोर्टल लॉन्च

पोर्टल पर गतिविधियों के लिए अनुमानित लागत भी दिखेगी

Danik Bhaskar | Sep 11, 2018, 07:48 PM IST

नई दिल्ली. रेलवे ने मंगलवार को स्टेशनों पर सुविधाएं बढ़ाने के लिए कॉर्पोरेट सेक्टरों से सहयोग लेने के लिए एक वेब पोर्टल लॉन्च किया। इसके माध्यम से निजी और सार्वजनिक कंपनियां रेलवे स्टेशन पर सुविधाएं बढ़ाने के लिए कॉरपोरेट सामाजिक जिम्‍मेदारी (सीएसआर) में फंड दे सकेंगे। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा- जो कंपनियां मदद करना चाहती हैं, वे 'रेल सहयोग' पोर्टल के माध्यम से अनुरोध कर सकती हैं। कंपनी जिस क्षेत्र में मदद करना चाहती है, उसे भी चुन सकती है।


पांच गतिविधियों में कर सकेंगे मदद : रेलवे ने पांच क्षेत्रों को सहयोग के लिए चुना है। इनमें टॉयलेट, फ्री वाई-फाई के साथ नागिरकों के लिए ई-सेवाएं, प्लास्टिक बॉटल क्रश मशीन, स्टील बेंच और कूड़ेदान को शामिल किया गया है। पीयूष गोयल ने कहा "हम चाहते हैं कि कंपनियां सहयोग देते वक्त गुणवत्ता का ध्यान दें। सहयोग देने वाली कंपनी सामान पर अपना नाम और लोगो लिखा सकती है। रेलवे को इससे कोई दिक्कत नहीं होगी।

सुविधा की अनुमानित लागत भी दिखेगी : पोर्टल पर गतिविधियों के लिए अनुमानित लागत भी दिखेगी। जैसे- एक स्टेशन पर टॉयलेट संबंधी सुविधा के लिए 22-30 लाख रुपए की लागत आंकी गई है। वहीं, वाई-फाई के लिए 10.30-12.30 लाख रुपए रखी गई है। बेंचों के लिए 17.50-47.50 हजार रुपए, बॉटल क्रश मशीन के लिए 3.5-4.5 लाख रुपए (प्रति मशीन) और कूड़ेदान के लिए 4500 रुपए है। कंपनी कानून में 2014 में हुए बदलाव में यह अनिवार्य किया गया है कि 1 हजार करोड़ रुपए से अधिक वार्षिक राजस्व वाली कंपनियां अपने लाभ का 2% दान में देंगी।

सहयोग बढ़ाने के लिए रेलवे ने बनाई थी नीति : रेलवे ने 2016 में नीति बनाई थी कि निजी और सार्वजनिक कंपनियों का सीएसआर के तहत सहयोग बढ़ाया जाएगा। सीएसआर फंड का इस्तेमाल पर्यावरण संबंधी कार्यों, स्थिरता, स्वच्छता और सफाई, वर्षा जल संचयन, वाटर रिसाइकिलिंग प्लाट, सोलर पैनल, टॉयलेट बनाने समेत कई सार्वजनिक कामों में किया जाता है।