भगोड़ा आर्थिक अपराधी बिल राज्यसभा में पास, नीरव और माल्या जैसों की संपत्ति जब्त करना होगा आसान

संपत्तियां बेचकर कर्ज देने वालों की भरपाई की जा सकेगी

DainikBhaskar.com| Last Modified - Jul 25, 2018, 10:36 PM IST

Rajya Sabha Passed Fugitive Economic Offenders Bill for loan defaulter like Vijay Mallya & Nirav Modi
भगोड़ा आर्थिक अपराधी बिल राज्यसभा में पास, नीरव और माल्या जैसों की संपत्ति जब्त करना होगा आसान

- 2015 से अब तक वित्तीय अनियमितताओं के 28 आरोपी विदेश भागे

- माल्या की संपत्तियां बेचकर बैंकों ने 963 करोड़ रुपए वसूले 

- नीरव के खिलाफ इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस जारी कर चुका है

 

नई दिल्ली. भगोड़ा आर्थिक अपराधी बिल 2018 बुधवार को राज्यसभा में भी पास हो गया। वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, कानूनी प्रक्रिया से बचने के लिए देश छोड़कर भागने के मामले बढ़ रहे हैं, जिन्हें रोकना जरूरी है। इस समस्या से निपटने के लिए मौजूदा कानून में सख्ती के प्रावधान नहीं हैं। क्रिमिनल लॉ में भगोड़े अपराधियों की संपत्ति जब्त करने का अधिकार नहीं है। ऐसे लोगों से निपटने में नया बिल प्रभावी साबित होगा। लोकसभा में इस बिल को पिछले गुरुवार को ही मंजूरी मिल गई थी। इससे विजय माल्या और नीरव मोदी जैसे भगोड़ों की देश-विदेश में संपत्तियां जब्त करना आसान हो जाएगा। 

क्या है ये बिल : इसके तहत फाइनेंशियल फ्रॉड कर रकम चुकाने से इनकार करने वालों पर कार्रवाई होगी। आर्थिक अपराध में जिनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया हो उन पर एक्शन लिया जाएगा। 100 करोड़ रुपए से ज्यादा बकाया वाले बैंक लोन डिफॉल्टर्स पर कार्रवाई की जाएगी। भगोड़े आर्थिक अपराधियों की संपत्तियां बेचकर भी कर्ज देने वालों की भरपाई की जा सकेगी।

बिल के प्रावधानों के मुताबिक, डायरेक्टर या डिप्टी डायरेक्टर स्तर का अधिकारी किसी आरोपी को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कर सकेगा। इसके लिए विशेष अदालत में याचिका देनी होगी। आरोपी के खिलाफ पर्याप्त सबूत देने होंगे। किसी अपराधी को भगोड़ा घोषित करने के लिए याचिका में उसके पते-ठिकानों के साथ ही उसकी संपत्तियों का ब्यौरा भी शामिल होगा। जब्त किए जाने योग्य बेनामी संपत्तियों और विदेशी संपत्तियों की लिस्ट भी देनी होगी। साथ ही इन संपत्तियों से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी भी शामिल होगी। मार्च 2017 में भी ये बिल लोकसभा में पेश किया गया लेकिन पास नहीं हो पाया। बाद में सरकार इसे अध्यादेश के रूप में लाई।   


आरोपी को पेश होने का समय मिलेगा : आवेदन मिलने के बाद स्पेशल कोर्ट आरोपी को 6 हफ्ते के अंदर पेश होने के लिए नोटिस जारी करेगा। अगर आरोपी तय जगह पर पेश हो जाता है तो कोर्ट भगोड़ा आर्थिक अपराध बिल के तहत कार्रवाई नहीं करेगा।

आर्थिक अपराध में 18 भगोड़ों का प्रत्यर्पण बाकी :  48 देशों के साथ भारत की प्रत्यर्पण संधि है। 2014 से अब तक आर्थिक अपराध के मामलों में सिर्फ 4 अपराधियों का प्रत्यपर्ण हो पाया है। 18 भगोड़ों को अभी तक नहीं लाया जा सका है। इनके लिए संबंधित देशों से प्रत्यर्पण की अपील की जा चुकी है।

नाम मामला  जिस देश से प्रत्यर्पण होना है
विजय माल्या बैंक लोन ब्रिटेन
राजेश कुमार सिंह, रिफत अली फ्रॉड और फर्जी नोट इस्तेमाल यूएई
रितिका अवस्थी, वीरकरण अवस्थी धान खरीद के भुगतान में धोखाधड़ी ब्रिटेन
कार्लो वेलेन्टिनो ऑगस्टा वेस्टलैंड घोटाला इटली
गुइडो राल्फ हश्के ऑगस्टा वेस्टलैंड घोटाला इटली
क्रिश्चियन माइकल जेम्स ऑगस्टा वेस्टलैंड घोटाला यूएई
आशीष जोबनपुत्र धान खरीद के भुगतान में धोखाधड़ी यूएई
शेख दाउद सहुल अहमद चंदन की लकड़ी की तस्करी यूएई
एस बालाकृष्णन लेक्सस कार इंपोर्ट फर्जीवाड़ा ब्रिटेन
संजय, वर्षा, आरती कालरा सरकारी खजाने को नुकसान यूएई
दीपक पाहवा कीमती सामान की धोखाधड़ी यूएई
मोइदीन अब्बा उमर तस्करी और नकली नोट यूएई
मेलाकट्टू वर्गीस उथुप्पू नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी यूएई
विवेक सिन्हा बैंक फ्रॉड अमेरिका
अमित वाधवा कीमती सामान की धोखाधड़ी अमेरिका
अरुप नाग कीमती सामान की धोखाधड़ी यूएई
जतिंदर कुमार, आशा रानी फर्जी लोन की साजिश ब्रिटेन

 

 

 

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