सुप्रीम कोर्ट ने आम्रपाली के अधूरे प्रोजेक्ट बिल्डिंग्स कॉरपोरेशन को सौंपे, पूछा- इन्हें कैसे पूरा करेंगे

नोएडा के हाउसिंग प्रोजेक्ट्स में बुकिंग कराने वाले ग्राहकों की अर्जी पर सुनवाई

DainikBhaskar.com| Last Modified - Aug 02, 2018, 07:17 PM IST

Supreme Court Handover Amrapali Incomplete Project to NBCC
सुप्रीम कोर्ट ने आम्रपाली के अधूरे प्रोजेक्ट बिल्डिंग्स कॉरपोरेशन को सौंपे, पूछा- इन्हें कैसे पूरा करेंगे

- कोर्ट ने बुधवार को आम्रपाली ग्रुप की 40 कंपनियों के बैंक खाते सीज करने का आदेश दिया

 

नई दिल्ली.  सुप्रीम कोर्ट ने बिल्डर कंपनी आम्रपाली के प्रोजेक्ट पूरे करने का जिम्मा नेशनल बिल्डिंग्स कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन (एनबीसीसी) को सौंपा है। कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि प्रोजेक्ट का अधिग्रहण करने वाली एनबीसीसी 30 दिन में बताए कि इन्हें कैसे पूरा किया जाएगा? कोर्ट ने एनबीसीसी के प्रमुख और शहरी विकास मंत्रालय के सचिव को तलब कर फटकार लगाई। आम्रपाली के प्रोजेक्ट में घर खरीदने वालों ने मकान देने में देरी पर याचिकाएं दायर की हैं।

जस्टिस अरुण मिश्रा और जस्टिस यूयू ललित की बेंच ने कहा कि मामला कोर्ट में विचाराधीन होने के बावजूद आपने विज्ञापन जारी कर आम्रपाली ग्रुप को समाधान सुझाने के लिए बुलाया। यह अदालत की अवमानना है। कोर्ट ने शहरी विकास मंत्रालय के सचिव से पूछा, ''आपको एनबीसीसी को बुलाने के लिए किसने अधिकृत किया? इस मीटिंग में ग्राहकों का प्रतिनिधित्व किसने किया? क्या आपको सुप्रीम कोर्ट के पुराने आदेश की जानकारी नहीं थी? क्या आपने आम्रपाली से रिकॉर्ड तलब किया था?'' बुधवार को जस्टिस मिश्रा ने कहा था कि लगता है कि समानांतर मीटिंग कर कोर्ट के साथ गंभीर धोखा किया जा रहा है।

बिल्डर ग्रुप ने बार-बार कोर्ट को गुमराह किया : बुधवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने आम्रपाली ग्रुप की 40 कंपनियों के बैंक खाते सील करने और सभी चल-अचल संपत्ति को जब्त करने के आदेश दिए थे। बेंच ने कहा था, ''आम्रपाली ने कोर्ट को बार-बार गुमराह किया। लोगों को घर का सपना दिखाकर उनसे पैसे लेकर दूसरी योजनाओं में लगाना बिल्डरों की बीमारी है। हम इस बीमारी को बंद करना चाहते हैं। यह ग्राहकों के साथ विश्वासघात है।''

2,765 करोड़ का ऑडिट कराने के आदेश : 17 मई को आम्रपाली ग्रुप ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि उन्होंने 2,765 करोड़ रुपए दूसरे कामों में ट्रांसफर कर दिए। इससे प्रोजेक्ट में देरी हो रही है। कोर्ट ने अब इस रकम के ऑडिट कराने की बात कही है। आम्रपाली को पहले भी 250 करोड़ रुपए कोर्ट में जमा कराने और प्रोजेक्ट में बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने का आदेश दिया गया था। लेकिन आम्रपाली ग्रुप ने ऐसा कुछ नहीं किया।

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