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यूआईडीएआई का आधार सॉफ्टवेयर हैक, अवैध पैच से पंजीकृत किए जा रहे नए यूजर

Dainik Bhaskar

Sep 11, 2018, 05:55 PM IST

तीन महीने की जांच के बाद विशेषज्ञों ने इस मामले का खुलासा किया

UIDAI’s Aadhaar Software Hacked, ID Database Compromised, Experts Confirm

- महज 2500 रुपए में आसानी से खरीदा जा सकता है यह पैच


नई दिल्ली. 100 करोड़ भारतीयों की जानकारी का डेटाबेस बन चुके आधार की विश्वसनीयता पर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। तीन महीने की जांच के बाद विशेषज्ञों ने दावा किया कि हैकर्स ने आधार के सिक्योरिटी फीचर ब्लॉक करने का पैच बना लिया है। उन्होंने इस पैच की मदद से नए आधार यूजर भी पंजीकृत किए।

सूत्रों के मुताबिक, यह पैच 2500 रुपए में आसानी से उपलब्ध है। इसकी मदद से कोई भी अनाधिकारिक व्यक्ति दुनिया में किसी भी जगह से आधार नंबर जेनरेट कर सकता है। यह मामला उस वक्त सामने आया, जब केंद्र सरकार नागरिकों की पहचान के लिए आधार को जरूरी बता चुकी है। साथ ही, हर नागरिक के मोबाइल और बैंक खाते को आधार से जोड़ना अनिवार्य कर दिया गया है।

सॉफ्टवेयर में बदलाव लाते हैं ऐसे पैच : विशेषज्ञों ने बताया कि यह पैच कोड नंबर का बंडल है, जिसे सॉफ्टवेयर प्रोग्राम में इस्तेमाल किया जाता है। कंपनियां अक्सर इस तरह के पैच का इस्तेमाल पुराने सॉफ्टवेयर में बदलाव लाने के लिए करती हैं। हालांकि, इस मामले में ऐसे पैच का इस्तेमाल आधार के डेटाबेस को भेदने में किया गया है।

ऐसे काम करता है अवैध पैच: विशेषज्ञों के मुताबिक, यह अवैध पैच हैकर्स को आधार का सिक्योरिटी फीचर जैसे बायोमीट्रिक ऑथेंटिकेशन को बाईपास करने की अनुमति देता है। साथ ही, यूआईडीएआई के सॉफ्टवेयर में प्री-इंस्टॉल जीपीएस सिक्योरिटी फीचर को बंद कर देता है। इस पैच से रेटिना से पहचान करने का सिस्टम कमजोर हो जाता है, जिसके बाद सॉफ्टवेयर आंखों को स्कैन करने की जगह ऑपरेटर के फोटो को ही पहचान के लिए सही मान लेता है। सिस्टम को इतना कमजोर करने के बाद कोई भी उसमें एंट्री कर सकता है।

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