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थर्ड पार्टी बीमा क्या होता है ? नए वाहनों का पांच साल के लिए यह बीमा कराना क्यों जरूरी है

थर्ड पार्टी बीमा को लाइबिलिटी कवर के नाम से भी जाना जाता है,यह बीमाधारक को आर्थिक नुकसान से बचाता है।

Danik Bhaskar | Sep 05, 2018, 03:37 PM IST
थर्ड पार्टी बीमा को लाइबिलिटी थर्ड पार्टी बीमा को लाइबिलिटी

यूटिलिटी डेस्क. नया वाहन खरीदने के साथ ही वाहन का थर्ड पार्टी इंश्योरेंस कराना जरूरी होता है। सुप्रीम कोर्ट ने 1 सितंबर 2018 से सभी नए वाहनों का खरीदने के साथ ही पांच साल का के लिए थर्ड पार्टी इंश्योरेंस कराना अनिवार्य कर दिया है। आखिर थर्ड पार्टी इंश्योरेंस क्या है? जिसको कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दे रखा है। लोग वाहनों का एक साल के बाद बीमा नहीं कराते इसलिए सुप्रीम कोर्ट ने थर्ड पार्टी इंश्योरेंस को पांच साल के लिए अनिवार्य कर दिया है।थर्ड पार्टी इंश्योरेंस क्या है और इसके क्या फायदे हैं ? इन सारे सवालों के जवाब आज हम आपको इस खबर में देने जा रहे हैं। ​


थर्ड पार्टी इंश्योरेंस क्या है?
थर्ड पार्टी बीमा को लाइबिलटी कवर के नाम से भी जाना जाता है। यह बीमा तीसरे पक्ष से संबंधित होता है। अगर किसी ने वाहन का थर्ड पार्टी बीमा कराया है और कोई दुर्घटना होती है तो तीसरी पार्टी को बीमा कंपनी क्लेम देती है। यहां फर्स्ट पार्टी वाहन चलाने वाला और थर्ड पार्टी वाहन की चपेट में आने वाला होता है। वाहन की चपेट में आने वाले के आर्थिक नुकसान की के लिए सुप्रीम कोर्ट ने थर्ड पार्टी इंश्योरेंस को अनिवार्य दिया है। यह बीमा वाहन मालिक को भी बचाता है।

वाहन बीमा का क्या मततब है?
वाहन बीमा किसी भी तरह की दुर्घटना होने पर हमारे आर्थिक नुकसान की भरपाई करता है। बीमा इंश्योरेंस कंपनी और आपके बीच एक तरह का कॉन्ट्रैक्ट होता है। जिसके तहत कानूनी रूप में एग्रीमेंट किया जाता है कि आप प्रीमियम देंगे और कंपनी वाहन दुर्घटना होने पर आर्थिक नुकसान की भरपाई करेगी। कंपनी किसके-किसके आर्थिक नुकसान की भरपाई करेगी, इसके लिए आपको वाहन बीमा के प्रकार के बारे में जानना पड़ेगा।

दो तरह का होता है वाहन बीमा
1. फुल टाइम बीमा- अगर किसी वाहन के साथ दुर्घटना हो जाती है तो फुल टाइम बीमा में सभी तरह के नुकसान की भरपाई बीमा कंपनी करती है। इसमें दुर्घटना के समय वाहन में बैठे लोगों के साथ ड्राइवर और वाहन के अलावा सामने वाले वाहन, उसमें बैठे लोग और ड्राइवर के आर्थिक नुकसान की भरपाई बीमा कंपनी करती है।


2. थर्ड पार्टी इंश्योरेंस- वाहन बीमा के अंतर्गत थर्ड पार्टी इंश्योरेंस का प्रावधान है। दुर्घटना पर तीसरे पक्ष के आर्थिक नुकसान की बीमा कंपनी भरपाई करती है। दुर्घटना के दौरान तीसरे पक्ष की मौत हो जाती है तो बीमा कंपनी इसका भुगतान करती है।

थर्ड पार्टी इंश्योरेंस के फायदे
लोग सोचते हैं कि थर्ड पार्टी इंश्योरेंस में बीमा कराने वाले को कोई फायदा नहीं होता। यह बात सही है, मगर बीमा कराने वाले को कोई घाटा भी नहीं होता। क्योंकि यह इंश्योरेंस बीमाधारक को सभी वाहन दुर्घटना में आर्थिक नुकसान से बचाता है। इन खर्चों में अस्पताल और कानूनी खर्चे भी शामिल होते हैं। कई बार ऐसे भी होता है कि क्षतिग्रस्त होने वाले की हैसियत आपसे कई गुना ज्यादा हुई तो आप उसको हर्जाना देने लायक नहीं होते ऐसे में बीमा कंपनी क्लेम देती है।

थर्ड पार्टी इंश्योरेंस के अंतर्गत शामिल देनदारी

भारतीय संविधान के अनुसार दुर्घटना से होने वाले शारीरिक और संपत्ति नुकसान का न्यनतम मूल्य वाहन चालक को चुकाना होता है।

शारीरिक क्षेत्र के लिए देनदारी
थर्ड पार्टी वाहन बीमा के अंतर्गत दुर्घटनाग्रस्त में आदमी को शारीरिक नुकसान होता है तो उसका हर्जाना बीमा कंपनी भरती है। इसमें अस्पताल का खर्च, उसकी कमाई का नुकसान और अन्य परेशानियों का खर्च शामिल किया जाता है।

संपत्ति की क्षति के लिए देनदारी

थर्ड पार्टी इंश्योरेंस के अंतर्गत संपत्ति को होने वाले नुकसान की भरपाई बीमा कंपनी करती है। यहां आपको ध्यान देना होगा कि थर्ड पार्टी इंश्योरेंस के अंतर्गत केवल दुर्घटना से हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई ही बीमा कंपनी करती है। अपराध में शामिल वाहन पर बीमा कंपनी कोई मदद नहीं करती।