पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App
  • Hindi News
  • National
  • 10 Years Ago, A Similar Incident Took Place At Mangalore Airport, The Plane Was Divided Into Two Parts, 152 People Died Including Crew Members.

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

केरल हादसे में एक इत्तफाक ये भी:10 साल पहले मैंगलोर एयरपोर्ट पर भी हुआ था ऐसा ही हादसा, दुबई से ही आई फ्लाइट दो हिस्सों में बंट गई थी, क्रू मेंबर्स समेत 159 लोगों की मौत हुई थी

कोझिकोड6 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
फोटो मंगलोर में 2010 में हुए विमान हादसे की है। इस हादसे में विमान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया था। - Dainik Bhaskar
फोटो मंगलोर में 2010 में हुए विमान हादसे की है। इस हादसे में विमान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया था।
  • 22 मई 2010 में एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट दुबई से मैंगलोर आते हुए पहाड़ी में जा गिरी थी
  • हादसे में केवल 8 यात्री ही बचाए जा सके थे, शुक्र है इस बार हादसे में फ्लाइट का हिस्सा खाई में गिरने से बच गया

शुक्रवार को एयर इंडिया एक्सप्रेस का विमान कोझीकोड एयरपोर्ट पर लैंडिंग के वक्त फिसल गया। हादसे के वक्त विमान पर 190 लोग सवार थे। हादसे में 17 लोगों की जान गई है। विमान दुबई से आ रहा था और रनवे पर लैंडिंग करते हुए फिसल गया। इससे विमान के 2 टुकड़े हो गए। गनीमत रही कि सामने का हिस्सा खाई में गिरने से बच गया।

ये इत्तफाक ही है कि 10 साल पहले यानी, 22 मई 2010 में ठीक इसी तरह का हादसा मैंगलौर में हुआ था। तब एयर इंडिया की फ्लाइट 812 दुबई से मैंगलौर आई थी। यह फ्लाइट भी लैंडिंग के वक्त रनवे से फिसल गई थी और एक पहाड़ी में गिर गई थी। उस हादसे में 6 क्रू मेंबर समेत 159 यात्रियों की मौत हो गई थी।

2010 में मैंगलौर में हुए हादसे के बाद विमान में आग लग गई थी। इसके चलते ज्यादा लोगों की जान गई थी। इस बार कोझीकोड में हुए हादसे के बाद आग नहीं लगी। इसलिए नुकसान भी कम हुआ है।

2010 में मैंगलोर में हुए विमान हादसे के बाद राहत-बचाव कार्य में जुटी टीम।
2010 में मैंगलोर में हुए विमान हादसे के बाद राहत-बचाव कार्य में जुटी टीम।

लोगों के सवाल, पहले के हादसों से सीख क्यों नहीं ली
विमान के जानकार विशेषज्ञों ने इस हादसे के बाद सवाल खड़ा करना शुरू कर दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि मैंगलौर हवाई अड्‌डा एक टेबलटॉप एयरपोर्ट है। उस वक्त हादसे के बाद इस तरह के टेबलटॉप एयरपोर्ट को सुरक्षित बनाने की बात हुई थी। लेकिन, कोझिकोड हादसे को देखकर ऐसा लग रहा है कि कोई सीख नहीं ली गई है। कोझिकोड भी टेबलटॉप एयरपोर्ट है।

विशेषज्ञों का कहना है कि टेबलटॉप एयरपोर्ट पर लैंडिंग के लिए पायलट को विशेष तरह की ट्रेनिंग दी जाती है और अधिक अनुभवी पायलटों को ही ऐसे एयरपोर्ट्स पर विमान उड़ाने और उतारने की अनुमति मिलती है। ऐसे एयरपोर्ट्स पर लैंडिंग कराने वाले पायलटों की संख्या कम ही होती है।

ये एरियल व्यू कोझिकोड इंटरनेशनल एयरपोर्ट का है, जहां शुक्रवार को हादसा हुआ।
ये एरियल व्यू कोझिकोड इंटरनेशनल एयरपोर्ट का है, जहां शुक्रवार को हादसा हुआ।

क्‍या होता है टेबलटॉप रनवे?
टेबलटॉप रनवे आमतौर पर पहाड़ के ऊपर होता है। इसमें ज्यादातर एयरपोर्ट के अगल-बगल खाई होती है। यहां विमानों की लैंडिंग करना बेहद कठिन होता है। लैंडिंग और उड़ान दोनों के दौरान पायलट को खासतौर पर सावधानी बरतनी होती है।

देश में तीन ऐसे एयरपोर्ट हैं, जो बेहद ऊंचाई पर स्थित हैं और इन्‍हें टेबलटॉप रनवे कहा जाता है। इनमें एक केरल के मलाप्पुरम में स्थित कोझिकोड इंटरनेशनल एयरपोर्ट है। यहीं पर शुक्रवार को हादसा हुआ। दूसरा एयरपोर्ट कर्नाटक के मैंगलोर में है जहां 2010 में हादसा हुआ था। तीसरा एयरपोर्ट मिजोरम में है।

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- जिस काम के लिए आप पिछले कुछ समय से प्रयासरत थे, उस कार्य के लिए कोई उचित संपर्क मिल जाएगा। बातचीत के माध्यम से आप कई मसलों का हल व समाधान खोज लेंगे। किसी जरूरतमंद मित्र की सहायता करने से आपको...

और पढ़ें

Open Dainik Bhaskar in...
  • Dainik Bhaskar App
  • BrowserBrowser