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मैसूर दशहरा आज से:100 किमी सड़कें होंगी रोशन, 800 किलो वजनी सोने का हौदा ले जाएगा अभिमन्यु, चामुंडेश्वरी देवी के मंदिर में स्थापित होगा

बेंगलुरु2 महीने पहलेलेखक: विनय माधव
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पैलेस में 1 हजार से अधिक किस्म के फूल, कोरोना काल के कारण इस बार भी उत्सव का सीधा प्रसारण। - Dainik Bhaskar
पैलेस में 1 हजार से अधिक किस्म के फूल, कोरोना काल के कारण इस बार भी उत्सव का सीधा प्रसारण।

कोविड की वजह से इस बार भी मैसूर दशहरा सादगी से मनाया जाएगा। आम लोग इसमें शामिल नहीं हो सकेंगे। समारोह का सीधा प्रसारण होगा। उत्सव की शुरुआत गुरुवार सुबह 8:45 बजे चामुंडी पहाड़ी से होगी। 15 अक्टूबर को शाम 5:45 बजे मैसूर पैलेस में चर्चित जंबो सवारी (हाथी मार्च) से होगा।

वीराना होसल्ली कैंप, नागरहोल नेशनल पार्क से आठ हाथियों का दल 16 सितंबर को मैसूर पैलेस पहुंचा था और तब से यह दल जंबो सवारी के लिए अभ्यास कर रहा है। इस दल का नेतृत्व अभिमन्यु करेगा, जो 800 किलो से अधिक वजन का सोने का ‘हौदा’ ले जाएगा, जिसमें चामुंडेश्वरी देवी को स्थापित किया जाएगा।

जिला प्रभारी मंत्री एसटी सोमशेखर के अनुसार कोरोना प्रोटोकॉल लागू करने के साथ ही दशहरा उत्सव की 400 से अधिक पुरानी सांस्कृतिक विरासत का भी ध्याान रखा जाएगा। मैसूर महल सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मेजबानी करेगा। महल में 19 अलग-अलग सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। जिला प्रशासन मैसूर शहर में 100 किमी की सड़कों को रोशन करेगा। शहर के 41 से अधिक सर्किल रोशनी से जगमग होंगे।

रोशनी पर 5 करोड़ रुपए का खर्चा आएगा और 2.5 लाख यूनिट बिजली खर्च होने का अनुमान है। पैलेस के उप निदेशक टीएस सुब्रह्मण्य के अनुसार सभी प्रवेश द्वारों में तापमान सेंटर बनाए हैं। टीकाकरण के सर्टिफिकेट भी देखे जाएंगे। यदि किसी में लक्षण दिखते हैं तो उसका कोविड टेस्ट किया जाएगा।

इस बीच, जिला प्रशासन ने यह सुनिश्चित करने के उपाय शुरू कर दिए हैं कि चामुंडी हिल्स पर भीड़ न हो, जहां दशहरा उत्सव का उद्घाटन किया जाएगा। उद्घाटन के दौरान आम लोगों को मंदिर परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। सोमशेखर ने बताया कि मेहमानों के लिए भी कोविड चेकअप अनिवार्य कर दिया गया है।

मैसूर पैलेस पर कई महीनों पहलों से काम चल रहा है। पैलेस के गॉर्डन को संवारा जा रहा है। विद्युत विभाग पैलेस में जगमगाने वाले एक लाख गोल्डन बल्बों में खराब हो चुके 20 हजार बल्वों को बदल रहा है। मैसूर पैलेस में फूलों की एक हजार से अधिक किस्में लगाई गई है।

12 दिन के मदिकेरी दशहरा उत्सव वाले केरल से सटे कोडागु जिले की सीमाएं सील
पड़ोसी कोडागु जिले की सीमाएं सील कर दी गई हैं। यहां का 12 दिन का मदिकेरी दशहरा मैसूर के बाद सबसे चर्चित उत्सव है। कोडागु की डिप्टी कमिश्नर चारुलता सोमल ने कहा, जिले की सीमाएं केरल से सटी हैं, जहां कोविड पर नियंत्रण नहीं पाया गया है। दशहरे पर जुटने वाली भीड़ की वजह से 7 अक्टूबर से 17 अक्टूबर के बीच बाहर से आने वाले लोगों को प्रवेश की अनुमति नहीं है।

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