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कर्नाटक / पुल पर बाढ़ के पानी में 12 साल के लड़के ने एंबुलेंस को रास्ता दिखाया, सम्मानित



12 year old boy gets bravery award for showing direction to ambulance in flood hit Karnataka
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12 year old boy gets bravery award for showing direction to ambulance in flood hit Karnataka
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  • यह घटना रायचुर जिले के देवदुर्ग तालुका की है, वेंकटेश बाढ़ के पानी में 100 मीटर तक दौड़ा 
  • स्थानीय लोगों ने कहा- जान पर खेलकर उसने यह काम किया, उसका फैसला काबिलेतारीफ
  • वेंकटेश के इस साहसिक काम के लिए 73वें स्वतंत्रता दिवस पर जिले के डिप्टी कमिश्नर ने सम्मानित किया

Dainik Bhaskar

Aug 17, 2019, 12:43 PM IST

बेंगलुरु. कर्नाटक के रायचुर जिले का 12 साल का एक लड़के अपने हौसले की वजह से सुर्खियों में है। दरअसल, देवदुर्ग तालुका के हीरेरायनकुंपी गांव में वेंकटेश ने बाढ़ के पानी में एक एंबुलेंस को पुल से पार कराया। इस दौरान उसने अपनी जान की परवाह भी नहीं की। उस वक्त एंबुलेंस में 6 बच्चों समेत एक महिला का शव था। उसके इस साहसिक काम के लिए 73वें स्वतंत्रता दिवस पर जिले के डिप्टी कमिश्नर ने सम्मानित भी किया। अब उसका वीडियो वायरल हो रहा है।

ड्राइवर को रास्ता समझ नहीं आ रहा था

  1. स्थानीय लोगों ने बताया कि उस वक्त पुल पर दो से तीन फीट ऊपर तक पानी बह रहा था। ड्राइवर समझ नहीं पा रहा था कि उसे एंबुलेंस को आगे बढ़ाना चाहिए या नहीं। तभी मौके पर मौजूद वेंकटेश ने इसका जिम्मा उठाया और इशारा कर ड्राइवर को उसके पीछे आने के लिए कहा। बीच में एक-दो बार ऐसा मौका भी आया कि उसके सीने तक पानी बढ़ गया, लेकिन वह रूका नहीं। 

  2. वेंकटेश ने बाढ़ के पानी में करीब 100 मीटर तक एंबुलेंस को रास्ता दिखाया। इस दौरान वह कई बार लड़खड़ाता दिखा, लेकिन इसने हिम्मत नहीं हारी। वेंकटेश के इस साहसिक काम की वहां मौजूद लोगों ने भी तारीफ की। वे भी किनारे पर आकर खड़े हो गए और तालियां बजाकर उसकी हौसला बढ़ाने लगे।

  3. रायचुर के डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि वे इस लड़के के सम्मान के लिए मिनिस्ट्री ऑफ वुमन एंड चाइल्ड डेवलपमेंट को लिखेंगे। वेंकटेश ने कहा कि मुझे नहीं पता कि यह बहादुरी का काम है। मैं तो उस वक्त एंबुलेंस को पुल को पार कराना चाहता था। फिर मैंने वही किया। मैं रोज स्कूल जाने के लिए इस पुल को पार करता हूं। मुझे इसका आइडिया था।

     

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